Iran US War Ceasefire Situation LIVE Update; Donald Trump – Tehran Nuclear Weapons


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तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी13 मिनट पहले

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अमेरिका ने 4 मई को होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही शुरू करने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया था। हालांकि एक दिन बाद ही ट्रम्प ने इसे रोकने का आदेश दिया। तब ट्रम्प ने कहा था कि पाकिस्तान के कहने पर उन्होंने यह ऑपरेशन रोका है।

हालांकि अब यह दावा किया जा रहा है कि सऊदी अरब की वजह से अमेरिका को यह कदम उठाना पड़ा। NBC न्यूज के मुताबिक सऊदी अरब ने इस मिशन में शामिल अमेरिकी विमानों को अपने एयरस्पेस और एयरबेस के इस्तेमाल की इजाजत देने से इनकार कर दिया।

अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रम्प ने अचानक सोशल मीडिया पर इस ऑपरेशन का ऐलान कर दिया था। इससे खाड़ी के सहयोगी देश चौंक गए। सऊदी लीडरशिप इससे नाराज हो गया। ट्रम्प ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत भी की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। अमेरिका 2 दिन में सिर्फ 3 जहाज पार करा पाया और आखिरकार ट्रम्प को यह ऑपरेशन रोकना पड़ा।

तेहरान में एक महिला अमेरिका विरोधी बिलबोर्ड के आगे ईरानी झंडा लहरानी हुई। बिलबोर्ड में राष्ट्रपति ट्रम्प की मूंछ को होर्मुज स्ट्रेट के रूप में दर्शाया गया है।

तेहरान में एक महिला अमेरिका विरोधी बिलबोर्ड के आगे ईरानी झंडा लहरानी हुई। बिलबोर्ड में राष्ट्रपति ट्रम्प की मूंछ को होर्मुज स्ट्रेट के रूप में दर्शाया गया है।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…

अमेरिका-ईरान समझौता आगे बढ़ा: रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच 14 पॉइंट वाला समझौता (MOU) तैयार है। हालांकि अभी यह फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत पहले से ज्यादा आगे बढ़ चुकी है।

अमेरिका ने UNSC में प्रस्ताव पेश किया: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बहाल कराने के लिए UNSC में नया प्रस्ताव पेश किया है। दूसरी तरफ ईरान ने सदस्य देशों से इस प्रस्ताव को खारिज करने की अपील की।

चीन-ईरान के बीच बैठक: चीन और ईरान के बीच बीजिंग में हाई-लेवल बैठक हुई। चीन ने युद्ध तुरंत रोकने की बात कही और ईरान को समर्थन का भरोसा दिया। वहीं ईरान चाहता है कि ट्रम्प की चीन यात्रा के दौरान बीजिंग अमेरिका के दबाव में कोई ऐसा फैसला न ले जिससे तेहरान को नुकसान हो।

ट्रम्प बोले- स्थिति कंट्रोल में है: ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की नौसेना, वायुसेना, मिसाइल सिस्टम और रडार नेटवर्क को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि स्थिति हमारे कंट्रोल में है और अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका पहले से बड़े हमले करेगा।

होर्मुज में फ्रांसीसी जहाज पर हमला: फ्रांस की शिपिंग कंपनी CMA CGM ने बताया कि उसके एक कार्गो जहाज पर मिसाइल या ड्रोन से हमला हुआ, जिसमें कुछ क्रू मेंबर घायल हो गए।

ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

13 मिनट पहले

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एक्सपर्ट- अमेरिका-ईरान समझौते में लेबनान भी शामिल हो सकता है

दोहा इंस्टीट्यूट फॉर ग्रेजुएट स्टडीज के प्रोफेसर मोहम्मद एलमासरी का कहना है कि अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के लिए अगर ईरान कोई समझौता करता है, तो उसमें लेबनान का मुद्दा भी शामिल हो सकता है। हालांकि, यह अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है।

अल जजीरा से बातचीत में एलमासरी ने कहा कि उनके हिसाब से ईरान ऐसा समझौता चाहता है, जिसमें अमेरिका और उसका सहयोगी इजराइल दोनों यह वादा करें कि वे हमला नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि इजराइल के “ग्रेटर इजराइल” विस्तारवादी एजेंडे में लितानी नदी के दक्षिण में लेबनान के कुछ इलाकों पर कब्जा करना भी शामिल है।

एलमासरी के मुताबिक, ईरान इसे आसानी से स्वीकार नहीं करेगा। अगर ऐसा हुआ तो इसे बड़े मकसद और अपने अहम सहयोगी हिजबुल्लाह को छोड़ने के तौर पर देखा जाएगा, जिसने हर मुश्किल समय में ईरान का साथ दिया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इजराइल लगातार शांति की कोशिशों को कमजोर कर रहा है। उनके मुताबिक, जब भी बातचीत में कोई बड़ी प्रगति होती है उसी समय इजराइल की तरफ से बेरूत पर बड़े हमले जैसे कदम उठाए जाते हैं।

1 घंटे पहले

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इजराइल ने हिजबुल्लाह की रदवान यूनिट के कमांडर को मार गिराया

इजराइली सेना ने (IDF) ने बताया कि बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर किए गए हमले में हिजबुल्लाह की रदवान यूनिट के कमांडर अहमद बलूत मारे गए।

सेना ने यह भी कहा कि गुरुवार को इस हमले में नासेर यूनिट के इंटेलिजेंस विभाग के प्रमुख मोहम्मद अली बाजी और हिजबुल्लाह के एयर डिफेंस ऑब्जर्वेशन ऑफिसर हुसैन हसन रोमानि भी मारे गए हैं।

इससे पहले, हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में तैनात इजराइली सैनिकों पर कई रॉकेट दागे थे। हालांकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

अल जजीरा के मुताबिक, इजराइली सेना ने जवाबी कार्रवाई में हिजबुल्लाह के 15 ठिकानों पर हमला किया है। इनमें हथियार भंडारण केंद्र भी शामिल बताए गए हैं।

ताजा आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक लेबनान पर इजराइली हमलों में कम से कम 2,715 लोगों की मौत हो चुकी है, 8,353 लोग घायल हुए हैं और 16 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। यह देश की कुल आबादी का करीब पांचवां हिस्सा है।

साथ ही, अल जजीरा ने अल शिफा अस्पताल के सुत्रों के हवाले से बताया कि, गाजा सिटी पर हुए इजराइली हमले में हमास के राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख खलील अल हय्या के बेटे अज्जाम खलील अल हय्या की मौत हो गई।

इससे पहले हमास नेता खलील अल हय्या ने कहा था कि उनका बेटा इस हमले में घायल हुआ है। अब हमास के अधिकारी बासिम नईम ने इजराइली हमले में खलील अल-हय्या के बेटे के मारे जाने की पुष्टि कर दी है।

08:03 AM7 मई 2026

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ईरान का पूरा यूरेनियम भंडार हटाने की मांग

पूर्व संयुक्त राष्ट्र परमाणु निरीक्षक और इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी के प्रमुख डेविड ऑलब्राइट ने कहा है कि ईरान के साथ किसी भी परमाणु समझौते में सिर्फ ज्यादा एनरिच्ड यूरेनियम ही नहीं, बल्कि उसका पूरा एनरिच्ड यूरेनियम भंडार हटाया जाना चाहिए।

इजराइल के चैनल 12 को दिए इंटरव्यू में ऑलब्राइट ने कहा कि लक्ष्य यह होना चाहिए कि ईरान के पास मौजूद पूरे 10 टन एनरिच्ड यूरेनियम को देश से बाहर किया जाए। अगर इसका कोई बड़ा हिस्सा भी ईरान में बचा रहता है तो यह खराब समझौता होगा, क्योंकि इससे ईरान भविष्य में परमाणु हथियार बनाने की क्षमता बनाए रखेगा।

उन्होंने कहा कि इसमें इस्फहान में रखा गया सिर्फ 60 फीसदी तक एनरिच्ड किए गए करीब 440 किलो यूरेनियम की बात नहीं है, बल्कि 2 फीसदी से 60 फीसदी तक एनरिच्ड पूरे यूरेनियम स्टॉक की बात है। अगर पूरा भंडार हटा दिया जाए तो ईरान को दोबारा हथियार स्तर का यूरेनियम बनाने में कई साल लग जाएंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है जिसमें ईरान का ज्यादा एनरिच्ड यूरेनियम हटाया जाए और कम से कम 12 साल तक यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगे। हालांकि बाद में सीमित संवर्धन की इजाजत दी जा सकती है और पूरा स्टॉक हटाने की शर्त शामिल नहीं है।

ऑलब्राइट ने कहा कि जून 2025 में ईरान के साथ हुई जंग और मौजूदा संघर्ष ने हालात पूरी तरह बदल दिए हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि इजराइल के पिछले हमलों ने ईरान की परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को काफी कमजोर किया है, हालांकि इसे पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता।

07:15 AM7 मई 2026

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ईरान बोला न्यूक्लियर मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं करेंगे

IRGC के पूर्व कमांडर मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी से बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल ईरान के ही हाथ में रहना चाहिए।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, रेजाई ने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट का नियंत्रण ईरान से बाहर चला गया, तो दुश्मन फिर से इसे ईरान और उसके लोगों के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का मॉडल यही है कि क्षेत्र की सुरक्षा क्षेत्र के देश खुद संभालें। उनके मुताबिक, अमेरिका या यूरोप जैसी बाहरी ताकतों को इस इलाके से बाहर जाना चाहिए।

06:03 AM7 मई 2026

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ईरान-अमेरिका में जंग खत्म करने को लेकर अलग-अलग दावे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि वे अमेरिका के साथ जंग रोकने और परमाणु प्रोग्राम से जुड़े समझौते के बेहद करीब पहुंच गए हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर बातचीत विफल होती है तो बमबारी फिर शुरू की जा सकती है।

इससे पहले बुधवार को अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट में बताया गया था कि ईरान 48 घंटे के भीतर सीजफायर को लेकर सहमति दे सकता है। हालांकि ईरान ने इसे लेकर कोई साफ जवाब नहीं दिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि समझौते के करीब होने की खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया बताया। उन्होंने कहा कि हमने प्रस्ताव पर जवाब नहीं दिया है, हालांकि पाकिस्तान के जरिए बातचीत जारी है।

ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी प्रस्ताव में कुछ ऐसी शर्तें हैं जो स्वीकार नहीं की जा सकतीं, लेकिन यह साफ नहीं किया गया कि वे कौन सी शर्तें हैं। ईरानी संसद की विदेश मामलों की समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजई ने इसे ‘अमेरिका की विशलिस्ट’ बताया है।

05:07 AM7 मई 2026

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रिपोर्ट: सऊदी अरब का अमेरिका को एयरस्पेस देने से इनकार

अमेरिका ने 4 मई को होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही शुरू करने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया था। हालांकि एक दिन बाद ही ट्रम्प ने इसे रोकने का आदेश दिया। तब ट्रम्प ने कहा था कि पाकिस्तान के कहने पर उन्होंने यह ऑपरेशन रोका है।

हालांकि अब यह दावा किया जा रहा है कि सऊदी अरब की वजह से अमेरिका को यह कदम उठाना पड़ा। NBC न्यूज के मुताबिक सऊदी अरब ने इस मिशन में शामिल अमेरिकी विमानों को अपने एयरस्पेस और एयरबेस के इस्तेमाल की इजाजत देने से इनकार कर दिया।

अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रम्प ने अचानक सोशल मीडिया पर इस ऑपरेशन का ऐलान कर दिया था। इससे खाड़ी के सहयोगी देश चौंक गए। सऊदी लीडरशिप इससे नाराज हो गया। ट्रम्प ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत भी की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।

अमेरिका 2 दिन में सिर्फ 3 जहाज पार करा पाया और आखिरकार ट्रम्प को यह ऑपरेशन रोकना पड़ा।

अमेरिका को होर्मुज में सैन्य मिशन के लिए क्षेत्रीय देशों का सहयोग जरूरी है। लड़ाकू विमान, रिफ्यूलिंग टैंकर और सपोर्ट एयरक्राफ्ट को उड़ान भरने और सीमा पार करने के लिए सऊदी अरब, जॉर्डन, कुवैत और ओमान जैसे देशों की इजाजत जरूरी होती है। बिना इस सहयोग के जहाजों को सुरक्षा देना मुश्किल हो जाता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अन्य सहयोगी देश भी इस ऐलान से पूरी तरह तैयार नहीं थे। कतर के अमीर से ट्रम्प ने ऑपरेशन शुरू होने के बाद बात की। वहीं एक पश्चिम एशियाई राजनयिक ने कहा कि अमेरिका ने पहले घोषणा की और बाद में ओमान के साथ कोऑर्डिनेट किया।

04:29 AM7 मई 2026

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ट्रम्प ने ईरान जंग की पुराने युद्धों से तुलना की, चार्ट शेयर किया

डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक चार्ट शेयर किया है, जिसमें ईरान जंग में लगे समय की तुलना अमेरिका के पुराने युद्धों से की गई है।

इस ग्राफिक में ईरान संघर्ष को सिर्फ छह हफ्ते लंबा दिखाया गया, जबकि अफगानिस्तान, इराक और वियतनाम युद्ध की अवधि इससे कहीं ज्यादा बताई गई।

चार्ट के साथ ट्रम्प ने लिखा, “वाह। इस चार्ट को ध्यान से देखिए!”

04:14 AM7 मई 2026

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ईरानी संसद के स्पीकर ने अमेरिकी मीडिया पर तंज कसा

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालीबाफ ने अमेरिका और पश्चिमी मीडिया पर निशाना साधते हुए एक तंज भरा ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, “ऑपरेशन ट्रम्ट मी ब्रो फेल्ड। नॉऊ बैक टू रूटीन विद ऑपरेशन फॉक्सियस।”

कालीबाफ के इस बयान को अमेरिका के उस प्रस्ताव और हालिया बातचीत के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसमें ईरान से समझौते की कोशिश की जा रही है। ट्रस्ट मी ब्रो जैसे शब्द का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इशारा किया कि भरोसे के नाम पर पेश की गई पहल नाकाम रही।

इसके साथ ही उन्होंने “फॉक्सियस” शब्द का उपयोग किया, जिसे एक्सियोस (अमेरिकी वेबसाइट) पर कटाक्ष माना जा रहा है। उनका मतलब था कि अब फिर से मीडिया रिपोर्ट्स और लीक के जरिए माहौल बनाने की कोशिश हो रही है।

कालीबाफ के इस ट्वीट को अमेरिका की रणनीति और पश्चिमी मीडिया की आलोचना के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर उस समय जब ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत जारी है।

03:55 AM7 मई 2026

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अमेरिका के प्रस्ताव पर आज जवाब दे सकता है ईरान

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान गुरुवार को अमेरिका के प्रस्ताव पर अपना जवाब दे सकता है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए दिया जाएगा।

इससे पहले अमेरिका ने बुधवार को जंग खत्म करने को लेकर ईरान को एक प्लान दिया था। अब सबकी नजर इस बात पर है कि ईरान उस पर क्या जवाब देता है।

03:47 AM7 मई 2026

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होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी अहम घटनाएं

4 मार्च: ईरान ने हॉर्मुज पर कंट्रोल की घोषणा की और कहा कि यह रास्ता उसके दुश्मनों के लिए बंद हो चुका है।

8 अप्रैल: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पर सहमति बनी, लेकिन ईरान ने होर्मुज को बंद ही रखा। उसने आरोप लगाया कि इजराइल अब भी लेबनान में हमले कर रहा है।

13 अप्रैल: पाकिस्तान में शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। इसके बाद अमेरिका ने भी होर्मुज के दूसरे तरफ नाकेबंदी शुरू कर दी।

2 मई: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू करने का ऐलान किया, जिसका मकसद होर्मुज में फंसे जहाजों को सुरक्षा देकर निकालना है।

4 मई: प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू। अमेरिकी नेवी ने होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित निकालना शुरू किया। नाराज ईरान ने जहाजों पर हमले किए।

5 मई: राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रोजेक्ट फ्रीडम बंद करने का ऐलान किया। अमेरिका 2 दिन में सिर्फ 3 जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर पाया।

03:04 AM7 मई 2026

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नेतन्याहू बोले- ट्रम्प से बातचीत करूंगा

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत की खबरों के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वह ट्रम्प से बातचीत करेंगे।

उन्होंने कहा कि दोनों इस बात पर सहमत हैं कि ईरान से सभी संवर्धित यूरेनियम को बाहर करना जरूरी है, ताकि वह परमाणु बम नहीं बना सके।

02:34 AM7 मई 2026

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अमेरिकी नाकेबंदी के बीच दो खाली तेल टैंकर निकले

वेसल मॉनिटरिंग सर्विस टैंकरट्रैकर्स डॉट कॉम के मुताबिक, 2 खाली तेल टैंकर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को पार करने में सफल रहे। वीना/वैली नाम का टैंकर जो अक्सर ईरान से यमन के हूती विद्रोहियों तक LPG पहुंचाता है, बुधवार को अमेरिकी घेराबंदी वाले इलाके में दाखिल हो गया। एक बड़ा ईरानी तेल टैंकर भी इस क्षेत्र में पहुंचा है।

02:21 AM7 मई 2026

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इजराइल ने हिजबुल्लाह रदवान फोर्स कमांडर को मारा

इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाके पर हवाई हमला किया है। इजराइल का दावा है कि इस हमले में हिजबुल्लाह के रदवान फोर्स के कमांडर मालेक बालू को मार गिराया गया है।

इजराइली लड़ाकू विमानों ने बेरूत के घोबेइरी इलाके को निशाना बनाया। हमले के बाद जोरदार धमाका हुआ और इलाके में भारी नुकसान की खबर है।

इजराइली PM नेतन्याहू ने इस हमले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि रदवान फोर्स के लड़ाके इजराइली बस्तियों पर हमले और सैनिकों को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार हैं।

उन्होंने कहा कि कोई भी आतंकी सुरक्षित नहीं है और इजराइल हर दुश्मन तक पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर के इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनका वादा है।

02:05 AM7 मई 2026

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ट्रम्प बोले- स्थिति हमारे कंट्रोल में है

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान।

ट्रम्प ने कहा कि हम ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं देंगे। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा- हम ऐसे लोगों से बातचीत कर रहे हैं जो समझौता करना चाहते हैं। अब देखना यह है कि क्या वे ऐसा समझौता कर पाते हैं जो हमारे लिए संतोषजनक हो। स्थिति हमारे कंट्रोल में है। अमेरिकी नौसेना ने शानदार काम किया है। यह स्टील की दीवार की तरह है। खासकर ईरानी जहाज इसमें से नहीं गुजर पा रहे। नाकेबंदी अविश्वसनीय है।

02:04 AM7 मई 2026

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ट्रम्प जादुई फॉर्मूला ढूंढ़ रहे तो ईरान सम्मानजनक समझौता

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक ईरान युद्ध खत्म करने के लिए ट्रम्प लगातार दबाव की रणनीति आजमा रहे हैं। उन्हें किसी जादुई फॉर्मूले की तलाश है। हालांकि, एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस संकट का कोई आसान हल नहीं।

उनके मुताबिक ट्रम्प की सबसे बड़ी भूल यही है कि वे ईरान की रणनीति, मनोविज्ञान और दबाव झेलने की क्षमता को कम आंक रहे हैं। ईरानी लीडरशिप मानती है कि बढ़त उसके पास है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रैट बंद रहने से तेल-गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है।

ऊर्जा की कीमतें बढ़ने का ट्रम्प को राजनीतिक नुकसान भी संभव है। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक दबाव समय के साथ असर कर सकता है, लेकिन ईरान को सम्मानजनक रास्ता दिए बिना कोई समझौता मुश्किल है।

ईरान दबाव के आगे आत्मसमर्पण जैसी छवि नहीं चाहता। ईरान ने पहले भी भारी प्रतिबंध झेले हैं। उसके बावजूद शासन न तो झुका और न ही जल्दबाजी में बड़ी रियायतें दीं। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान अपनी तेल उत्पादन क्षमता घटाकर कुछ समय तक दबाव सह सकता है।

ट्रम्प का यह दावा कि तेल निर्यात न होने से ईरान का तेल ढांचा कुछ दिनों में चरमरा जाएगा, अतिशयोक्ति (बढ़ा-चढ़ाकर कहना) माना जा रहा है। ईरान खाली या पुराने टैंकरों में तेल जमा कर सकता है। कुछ आपूर्ति सड़क या रेल के जरिए पाकिस्तान भेज सकता है।

ये सही है कि अतीत में कड़े प्रतिबंध ईरान को बातचीत की मेज तक जरूर लाए थे, जिसके बाद 2015 का परमाणु समझौता हुआ। लेकिन ट्रम्प ने 2018 में इस समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया और मैक्सिमम प्रेशर नीति लागू की। इसके बावजूद नया समझौता नहीं हो सका। अब ईरान कह रहा है कि वह परमाणु कार्यक्रम पर बात तभी करेगा, जब मौजूदा शत्रुता खत्म हो और उसे गारंटी मिले कि दोबारा हमला नहीं होगा।

01:56 AM7 मई 2026

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ईरान-अमेरिका के बीच समझौते की 14 संभावित शर्तें जानिए

ईरान-अमेरिका के बीच जंग रोकने के लिए जो 14 शर्तों का समझौता तैयार किया गया है कि उसके पॉइंट आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। लेकिन जो जानकारी बाहर आई है, उसके मुताबिक प्रस्ताव की शर्तें हैं…

  1. तुरंत युद्ध रोकने यानी सीजफायर की घोषणा
  2. 30 दिन तक आगे की बातचीत के लिए तय समय
  3. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बहाल करना
  4. ईरान का कुछ समय तक के लिए न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकना
  5. अमेरिका धीरे-धीरे प्रतिबंध कम करेगा
  6. ईरान के जमे हुए अरबों डॉलर जारी किए जाएंगे
  7. ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने का वादा करेगा
  8. संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों को ज्यादा अधिकार दिए जाएंगे
  9. अचानक जांच (स्नैप इंस्पेक्शन) की अनुमति होगी
  10. ईरान अपने हाई लेवल यूरेनियम स्टॉक को बाहर भेजेगा
  11. भूमिगत परमाणु साइट्स पर रोक या सख्त निगरानी की शर्त
  12. भविष्य में सीमित स्तर (करीब 3.67%) तक संवर्धन की अनुमति
  13. अगर ईरान शर्त तोड़े तो समझौते की अवधि बढ़ाने का प्रावधान
  14. आगे बड़े और स्थायी समझौते के लिए रोडमैप तैयार करना

रिपोर्ट के मुताबिक, यह 14 प्वाइंट वाला ड्राफ्ट समझौता अमेरिका की तरफ से तैयार किया गया है। इस पूरी बातचीत को आगे बढ़ाने में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर की अहम भूमिका है। ये लोग पाकिस्तान और दूसरे मध्यस्थों के जरिए ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं।

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