कोटा
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे परियोजना के तहत अरावली पर्वतमाला में निर्मित अत्याधुनिक ट्विन-ट्यूब टनल अब अंतिम चरण में है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण टनल को आमजन के लिए जल्द शुरू करने के प्रयास कर रहा है। हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने कोटा में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए थे। संचालन तिथि संबंधित विभाग की औपचारिक स्वीकृति के बाद ही घोषित होगी।
करीब पांच किलोमीटर लंबी इस टनल में दो स्वतंत्र ट्यूब बनाई गई हैं, जिनमें प्रत्येक ट्यूब एक दिशा के यातायात के लिए होगी। दोनों ट्यूबों को हर 375 मीटर पर इमरजेंसी क्रॉस-पैसेज से जोड़ा गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में यात्री सुरक्षित दूसरी ट्यूब तक पहुंच सकेंगे। टनल को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। पूरे मार्ग पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी होगी।
ऑटोमैटिक इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम दुर्घटना, वाहन रुकने या गलत दिशा में चलने जैसी घटनाओं की तुरंत पहचान कर कंट्रोल सेंटर को अलर्ट भेजेगा। इसके अलावा अत्याधुनिक फायर डिटेक्शन एवं फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर हाइड्रेंट, एसओएस इमरजेंसी फोन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और डिजिटल सूचना डिस्प्ले जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम से होगी निगरानी
पूरी टनल की निगरानी एससीएडीए आधारित स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम से होगी, जबकि बिजली बाधित होने की स्थिति में डीजी सेट और यूपीएस बैकअप के माध्यम से सभी सुरक्षा प्रणालियां सुचारु रूप से संचालित होती रहेंगी। टनल में ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइटिंग तथा आधुनिक जेट फैन वेंटिलेशन सिस्टम लगाया गया है, जो प्रकाश, धुआं, तापमान और वायु गुणवत्ता को स्वतः नियंत्रित करेगा। सुरक्षा उपकरणों की 24 घंटे निगरानी होगी। किसी भी तकनीकी खराबी या दुर्घटना की स्थिति में संबंधित टीम को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा।
सुरक्षित और आरामदायक होगी यात्रा
टनल शुरू होने के बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर यात्रा पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक होगी। यात्रा समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और अरावली के घुमावदार मार्गों से होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। परियोजना राजस्थान में व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को नई गति देगी।
इनका कहना है
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने टनल से जल्द यातायात शुरू करने के निर्देश दिए हैं। निर्माण और सुरक्षा संबंधी अंतिम कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।













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