CG हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 10 जजों को सिविल जिलों का जिम्मा; मनीष बने विधि विभाग के प्रमुख सचिव

बिलासपुर.

हाईकोर्ट ने प्रदेश के सिविल जिलों के लिए पोर्टफोलियो जजों की नई जिम्मेदारियां तय की हैं. चीफ जस्टिस के आदेश से जारी सूची के अनुसार विभिन्न न्यायमूर्तियों को जिलों का प्रशासनिक दायित्व सौंपा गया है. नई व्यवस्था आज से प्रभावी होगी.

इसके साथ ही राज्य शासन ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग और छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग में भी महत्वपूर्ण पदस्थापना किए हैं. हाई कोर्ट रजिस्ट्री के प्रशासनिक कामकाज में भी बदलाव किया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के संयुक्त सचिव और उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी मनीष कुमार ठाकुर की सेवाएं विधि एवं विधायी कार्य विभाग को सौंपी गई हैं. मुंगेली की प्रथम सिविल जज (सीनियर डिवीजन एवं सीजेएम) जसविंदर कौर अजमानी मलिक को छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग, रायपुर में उप सचिव के पद पर प्रतिनियुक्त किया गया है.

नई सूची के अनुसार न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल को कोरबा, जांजगीर-चांपा, बलरामपुर-रामानुजगंज और सूरजपुर की जिम्मेदारी दी गई है. न्यायमूर्ति पार्थ प्रीतम साहू सरगुजा, कोरिया, धमतरी और दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) के पोर्टफोलियो जज होंगे. जस्टिस नरेन्द्र कुमार व्यास को राजनांदगांव और बेमेतरा और न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी को दुर्ग और बालोद का दायित्व सौंपा गया है. जस्टिस सचिन सिंह राजपूत रायगढ़ और महासमुंद, जबकि न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय बलौदाबाजार और बस्तर (जगदलपुर) की जिम्मेदारी संभालेंगे.

न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल को कोंडागांव और मुंगेली, न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल को बिलासपुर और उत्तर बस्तर (कांकेर), न्यायमूर्ति विभू दत्ता गुरु को रायपुर और कबीरधाम न न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद को जशपुर का पोर्टफोलियो जज बनाया गया है. स्थापना में ओएसडी के रूप में पदस्थ निम्न न्यायिक सेवा के अधिकारी रवि कुमार कश्यप को हाई कोर्ट रजिस्ट्री के अपर रजिस्ट्रार और प्रशासन को प्रशासनिक कार्यों में सहायता प्रदान करने का दायित्व सौंपा गया है.

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