नई दिल्ली
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निर्वाचन आयोग ने महत्वपूर्ण बदलाव किया है। राज्य में मतदाताओं को अब दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
निर्वाचन आयोग ने इसकी अंतिम तारीख 26 अक्टूबर से बढ़ाकर 13 नवंबर कर दी है। इसके साथ ही दावों और आपत्तियों के निस्तारण तथा अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख में भी बदलाव किया गया है। अब महाराष्ट्र की अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को जारी होगी।
छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में बदला कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को महाराष्ट्र समेत दिल्ली, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और नगालैंड के SIR कार्यक्रम में संशोधन किया। संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) की ओर से समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद आयोग ने सभी को अलग-अलग पत्र भेजकर संशोधित कार्यक्रम की जानकारी दी।
महाराष्ट्र में अब 13 नवंबर तक दाखिल कर सकेंगे दावे
महाराष्ट्र में पहले दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 26 अक्टूबर निर्धारित थी। अब इसे बढ़ाकर 13 नवंबर कर दिया गया है। इसका मतलब है कि मतदाताओं को अपनी जानकारी में सुधार कराने या मतदाता सूची से संबंधित आपत्ति दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
25 नवंबर तक होगा दावों और आपत्तियों का निस्तारण
निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, महाराष्ट्र में प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण अब 25 नवंबर तक किया जाएगा। इससे पहले इसके लिए 10 नवंबर की समय सीमा निर्धारित थी। आयोग ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।
हरियाणा और आंध्र प्रदेश में 20 नवंबर तक निपटानी होंगी आपत्तियां
निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, हरियाणा और आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची से संबंधित दावों और आपत्तियों का निपटारा 20 नवंबर तक करना होगा. वहीं, महाराष्ट्र में इसके लिए 25 नवंबर तक का समय दिया गया है. इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद संबंधित राज्यों में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
अधिकारियों को नए शेड्यूल के प्रचार-प्रसार के निर्देश
निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने या मौजूदा जानकारी में सुधार करवाने से वंचित न रह जाए. मतदाता सूची से संबंधित अधिक जानकारी और सहायता के लिए नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल (Voters Service Portal) का उपयोग कर सकते हैं।
उधर, SIR पर जारी विवाद के बीच कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कर्नाटक में इस प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में SIR सही तरीके से किया गया. जारकीहोली ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध कर्नाटक में SIR को लेकर नहीं था, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में इसे लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए गए थे।
करीब एक करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर जारकीहोली ने कहा कि ये ऐसे लोग थे, जिनकी मौत हो चुकी थी, जो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए थे या जिनके नाम वोटर लिस्ट में एक से ज्यादा बार दर्ज थे. उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी।
30 नवंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
महाराष्ट्र में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन अब 30 नवंबर को किया जाएगा। इससे पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार इसकी तारीख अलग निर्धारित थी। गौरतलब है कि राज्य में SIR की मसौदा मतदाता सूची 31 अगस्त को प्रकाशित की गई थी। इसके बाद मतदाताओं को सूची में नाम, पते और अन्य विवरणों से संबंधित दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया था।
दिल्ली में भी बढ़ाई गई समय सीमा
महाराष्ट्र राज्य के साथ दिल्ली में भी SIR कार्यक्रम की तारीखें बदली गई हैं। यहां दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर से बढ़ाकर 25 नवंबर कर दी गई है। वहीं, दावों के निस्तारण की समय सीमा 30 नवंबर से बढ़ाकर 15 दिसंबर कर दी गई है। दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची अब 22 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।













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