फतेहाबाद
सड़क हादसों में हर दिन औसतन 13 से 14 लोगों की जान जा रही है। हादसे के बाद पीड़ित परिवार के सामने जांच, मेडिकल रिपोर्ट, बीमा और मुआवजे की प्रक्रिया की अलग-अलग औपचारिकताएं चुनौती बनती हैं। अब इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल मंच पर लाने की तैयारी है। ई-विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (ई-डीएआर) पोर्टल के माध्यम से हादसे की सूचना से लेकर जांच और मुआवजे तक की प्रक्रिया को तेज व पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
फतेहाबाद में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआइसी) की ओर से पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। व्यवस्था लागू होते ही हादसे का रिकार्ड एक जगह उपलब्ध होगा और हादसे रोकने के लिए भी इसी आंकड़े का उपयोग हो सकेगा। पुलिस हादसे के स्थान से ही दुर्घटना की जानकारी, फोटो व वीडियो ई-डीएआर पर दर्ज करेगी।
पोर्टल के वाहन और आइ-रैड डेटाबेस से जुड़े होने से वाहन नंबर दर्ज करते ही पंजीकरण, बीमा, चालक के लाइसेंस की जानकारी सामने आ जाएगी। सड़क परिवहन मंत्रालय की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार सड़क हादसों में हरियाणा देश में 14वें स्थान पर है। प्रदेश में रोज औसतन 13 से 14 लोगों की मौत होती है। इनमें करीब 66 प्रतिशत 18 से 34 वर्ष के युवा हैं।
ई-डीएआर पोर्टल पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने में गेम-चेंजर साबित होगा। पहले अलग-अलग विभागों से कागजी रिकार्ड जुटाने में समय लगता था, लेकिन वाहन और आइ-रैड डेटाबेस के एकीकरण से पूरी जानकारी एक क्लिक पर मिलेगी। इससे फर्जी बीमा दावों पर अंकुश लगेगा और ई-फाइलिंग से मुआवजे की राह आसान होगी। – डॉ. सिकंदर, जिला सूचना अधिकारी, एनआइसी, फतेहाबाद














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