मुजफ्फरपुर
एमआइटी (MIT) परिसर में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उत्तर बिहार के विकास को एक नई और ऐतिहासिक उड़ान दी।
जिले को करीब 1047 करोड़ रुपये की लागत वाली 982 विकास योजनाओं की बड़ी सौगात सौंपने के बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरपुर और पूरे उत्तर बिहार के लोगों के लिए सबसे बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बहुप्रतीक्षित पताही हवाई अड्डे के विकास कार्यों की समय-सीमा (टाइमलाइन) सार्वजनिक कर दी।
अगले 10 दिनों में होगा पताही एयरपोर्ट का शिलान्यास
उत्तर बिहार की हवाई कनेक्टिविटी और व्यावसायिक प्रगति को लेकर मुख्यमंत्री ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित जानकारी साझा की। उन्होंने मंच से बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट के साथ-साथ रक्सौल एयरपोर्ट से भी विमान सेवा शुरू करने की प्रशासनिक प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगले 10 दिनों के भीतर ही पताही एयरपोर्ट के विकास कार्यों का शिलान्यास कर दिया जाएगा, जिससे मुजफ्फरपुर से हवाई यात्रा शुरू होने का सपना अब जल्द ही हकीकत में बदलने जा रहा है।
एमआइटी परिसर में खुलेगा नया विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जिले को एक और बड़ी शैक्षणिक सौगात देते हुए ऐलान किया कि मुजफ्फरपुर के एमआइटी (MIT) परिसर में ही 'आर्किटेक्चर सिविल विश्वविद्यालय' खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से न सिर्फ युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे, बल्कि विरासत के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
पुराने शहरों के कायाकल्प पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के सभी पुराने शहरों को नए सिरे से सजाया जा रहा है और फिलहाल बिहार के 12 शहरों में अत्याधुनिक टाउनशिप विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है।
अपराधियों को मुख्यमंत्री का कड़ा अल्टीमेटम
मंच से हुंकार भरते हुए मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सरकार का रुख पूरी तरह साफ कर दिया। उन्होंने अपराधियों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, "बिहार विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ चुका है और अब इसे कोई रोक नहीं सकता।
यहां अब अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। जो अपराधी हैं, वे या तो बिहार छोड़ दें, नहीं तो उनकी जगह सीधे जेल की सलाखों के पीछे होगी।"
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयानों का करारा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिहार में विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। सरकार की मुस्तैदी का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में 10 जुलाई को राज्य के सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों के बैंक खातों में समय पर राशि ट्रांसफर कर दी गई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'समृद्ध बिहार' के सपने को मिलकर पूरा करने का संकल्प दोहराया। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि अब 8 से 10 घंटे काम करने से बात नहीं बनेगी, बिहार के विकास के लिए अधिकारियों को भी 18-18 घंटे मुस्तैदी से काम करना होगा।
पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर चमकेगा बिहार
बिहार में पर्यटन की असीम संभावनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के बाद वहां पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भारी बढ़ावा मिला है। इसी तर्ज पर बिहार को भी पर्यटन के क्षेत्र में काफी आगे ले जाना है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में मां सीता के भव्य मंदिर की नींव रख दी है। आने वाले समय में यह ऐतिहासिक मंदिर पूरे देश और दुनिया के लिए आस्था और पर्यटन का एक बहुत बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।
















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