भोपाल
मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. 20 जुलाई से शुरु हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान लोकशांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त भोपाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है. माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार इस विधानसभा सत्र में यूसीसी समेत कई बड़े फैसले ले सकती है।
भोपाल में धारा 163 के मायने
पुलिस आयुक्त संजय कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विधानसभा भवन के आसपास और चिन्हित मार्गों पर किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा. इस अवधि में किसी भी प्रकार के जुलूस, धरना-प्रदर्शन, रैली, आम सभा, पुतला दहन या आंदोलन की अनुमति नहीं होगी. ऐसा करने पर गिरफ्तारी और वैधानिका कार्रवाई होगी।
हथियार और भारी वाहनों पर सख्ती
आदेश में सार्वजनिक स्थानों पर शस्त्र, लाठी, डंडा, भाला, पत्थर, चाकू, धारदार हथियार या आग्नेय शस्त्र लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. साथ ही विधानसभा परिसर के 5 किलोमीटर के दायरे में ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर जैसे भारी वाहनों व यातायात बाधित करने वाले तांगा, बैलगाड़ी आदि के आवागमन पर भी रोक रहेगी।
व्यवस्था में खलल डालने वालों पर होगी कार्रवाई
भोपाल के शिक्षण संस्थानों, होटलों, दुकानों, उद्योगों और निजी अथवा सार्वजनिक सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न करने वाली किसी भी गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा. आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, प्रतिबंधात्मक आदेश ड्यूटी पर तैनात शासकीय कर्मचारियों-अधिकारियों, विवाह समारोह, बारात और शवयात्रा पर लागू नहीं होगा।
इन क्षेत्रों में रहेगा आदेश प्रभावी
निषेधाज्ञा लिली टॉकीज से 7 बटालियन मार्ग, रोशनपुरा, बाणगंगा चौराहा, राजभवन-ओल्ड विधानसभा मार्ग, जिंसी-शब्बन-पुरानी जेल मार्ग, स्लॉटर हाउस रोड, बोर्ड ऑफिस चौराहा, ठंडी सड़क, 74 बंगला, रोशनपुरा, पॉलिटेक्निक रोड, दूरदर्शन रोड, भारत भवन रोड से मुख्यमंत्री निवास तक, नवीन विधानसभा, राजभवन, मुख्यमंत्री निवास, पत्रकार भवन, विधायक विश्राम गृह, सतपुड़ा, विंध्याचल, वल्लभ भवन, अरेरा एक्सचेंज सहित आसपास के संवेदनशील इलाकों में प्रभावी रहेगा।
















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