वरुण कुमार शर्मा | मुजफ्फरनगर3 मिनट पहले
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मुजफ्फरनगर में बुधवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन ने महिला आरक्षण बिल-2026 और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध पर INDIA गठबंधन की आलोचना की। संगठन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा, टीएमसी, राजद और डीएमके जैसे दल महिलाओं को उनके अधिकार मिलने से रोकना चाहते हैं।
महिला आरक्षण केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं
कार्यक्रम में नगरपालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं, जिनका व्यापारियों ने स्वागत किया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने वाला एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने विपक्ष पर इस बिल का विरोध कर “महिला विरोधी मानसिकता” प्रदर्शित करने का आरोप लगाया।
व्यापार संगठन ने अपने प्रस्ताव में स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की आधी आबादी के सम्मान, समानता और अधिकारों से जुड़ा है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक बयान देता रहा है और बिल का विरोध कर उसने अपनी सोच उजागर कर दी है।

महिलाओं की भागीदारी से समाज और राष्ट्र दोनों सशक्त
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की मजबूत भागीदारी से समाज और राष्ट्र दोनों सशक्त होंगे। उन्होंने केंद्र सरकार के इस कदम को “ऐतिहासिक और दूरदर्शी फैसला” बताते हुए इसका पूर्ण समर्थन किया। साथ ही, सरकार से अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की मांग भी की गई।
संगठन ने घोषणा की कि यह निंदा प्रस्ताव महामहिम राज्यपाल को भेजा जाएगा। व्यापारियों ने “सशक्त नारी, सशक्त राष्ट्र” का नारा लगाते हुए महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया।
















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