पटना
बिहार में महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इस खास यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स से लेकर कुलपति तक सभी महिलाएं ही होंगी। महिला यूनिवर्सिटी में सिर्फ छात्राओं को एडमिशन मिलेगा। साथ ही सभी टीचर और अन्य स्टाफ में भी महिलाओं की ही नियुक्ति की जाएगी। रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह घोषणा की। उन्होंने महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख महिलाओं के खाते में लगभग 600 करोड़ रुपये भी डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किए।
सीएम सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना स्थित बापू सभागार में 'समृद्ध महिला समृद्ध बिहार अभियान' का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने यह भी ऐलान किया कि साल 2030 तक जीविका दीदियों के विकास पर सरकार लगभग 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला रोजगार योजना की पहली और दूसरी किस्त 5 लाख लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर भी की।
एक दिन पहले महिलाओं के लिए 3 योजनाएं शुरू हुईं
इससे पहले, बुधवार को सम्राट सरकार ने महिलाओं और बच्चियों पर केंद्रित तीन बड़ी योजनाओं का शुभारंभ किया था। सीएम सम्राट चौधरी ने स्टार्टअप चैलेंज, बालिका पीएचडी फेलोशिप और स्कूल-कॉलेज के पास पुलिस दीदी की तैनाती का आगाज किया। सीएम ने पुलिस दीदी 4700 दोपहिया वाहनों को हरी झंडी दिखाई।
वहीं, बेटी स्टार्टअप चैलेंज के तहत महिला उद्यमियों को अपने उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए सरकार 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देगी। लगभग 2100 महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। नवाचार करने वालीं बेटियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
सीएम सम्राट चौधरी ने एक दिन पहले ही बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना की भी शुरुआत की। इसके तहत बच्चियों को उच्च शिक्षा के लिए बढ़ावा दिया जाएगा। पीएचडी करने वालीं छात्राओं को सरकार 4 साल तक हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देगी। इस योजना का लाभ 1000 छात्राओं को मिलेगा।
















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