भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ऐसा एकमात्र राज्य है, जहां उद्योगों की स्थापना के लिए अनेक तरह की अनुकूलताएं मौजूद हैं। जनवरी 2026 में भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के 30 प्रतिशत निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतारे जा चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश उद्योग, व्यापार और व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुम्बई में 'इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फार्मा और मेडिकल डिवाइस सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी उद्योगपतियों को जनवरी-2027 में भोपाल में होने जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पधारने के लिए भी आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र का संबंध एक मां की दो संतानों की तरह है। जहां मुंबई, निवेश और वित्त क्षेत्र की सबसे अच्छी समझ रखने वाला महानगर है, वहीं मध्यप्रदेश निवेश की संभावनाओं वाला राज्य है। एक बार कोई निवेशक मध्यप्रदेश आता है तो उसे भूल नहीं पाता है। मध्यप्रदेश भारत में औद्योगिक निवेश का सबसे तेजी से बढ़ता और सबसे पसंदीदा गंतव्य स्थल बनता जा रहा है। महाराष्ट्र के बड़े औद्योगिक घरानों ने मध्यप्रदेश को अपना निवेश स्थान बनाया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जनसेवा के साथ स्वाभिमान के साथ जीना सिखाया है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस सत्र में वेलस्पन ग्रुप, सनफार्मा और अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद हैं। उद्योग और कार्पोरेट जगत की लगभग सभी हस्तियां उपस्थित हैं, जो बदलते दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की क्षमताओं को जानती हैं। देश के साथ सभी राज्य आगे बढ़ रहे हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने बताया कि राज्यों के बीच सौहार्द्र पूर्ण संबंधों के आधार पर कैसे आगे बढ़ा जा सकता है। मध्यप्रदेश और गुजरात की सीमा पर बना सरदार सरोवर बांध इसी का उदाहरण है। इससे न सिर्फ मध्यप्रदेश और गुजरात दोनों राज्यों को पर्याप्त जल मिला बल्कि राजस्थान के हितों का भी ध्यान रखा गया। राज्यों के मध्य उन्होंने सौहार्द्रपूर्ण संबंध स्थापित करने का कार्य किया। उन्होंने सकारात्मक दृष्टि के साथ कार्य किया है। वर्तमान समय में दुनिया के सामने भारत की पहचान एक ऐसे देश की बन रही है, जहां वैश्विक स्तर के नेता हैं। बदलते दौर में भारत दुनिया की सशक्त अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने जनसेवा के साथ देश को स्वाभिमान से जीना सिखाया है। आज हमारा पासपोर्ट भी दुनिया में मजबूत हुआ है। वर्ष 2014 के पहले भारत कहां था, सभी जानते हैं। गत 12 वर्ष में कितना बदलाव आ सकता है, वो आज सबके सामने है। देश में जीएसटी से लेकर व्यापार-व्यवसाय की सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। जी20 के वैश्विक समूह में भारत अपने टारगेट पूरा करते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।
वी विल डू इट का नया मंत्र, आत्मविश्वास का नया परिचायक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 'वी विल डू इट' का मंत्र दिया है। हम दुनिया में सब कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कठिनाइयों से निकलकर एक आदर्श जीवन जीया है। आजादी के बाद पहली बार 2015-25 के बीच एक दशक में कृषि क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है। भारत की निर्माण, नवाचार, नेतृत्व और प्रतिभा की शक्ति दुनिया के सामने है। भारत मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, ईवी, बैटरी, सोलर हमारी पहचान बन चुके हैं। खेल क्षेत्र की बात करें तो हमारे खिलाड़ी अब वैश्विक खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीत रहे हैं। हाल ही में एशियन गेम्स में भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा है। एशियाड हो या ओलम्पिक भारत कहीं भी सफलता प्राप्त कर सकता है। भारत के विदेश मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका के साथ डील होगी, लेकिन इसमें भारतीय नागरिकों के आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह भारत के स्वाभिमान के साथ वैश्विक संबंधों के निर्वहन का प्रमाण है।
मध्यप्रदेश जहां एक नहीं, अनेक अनुकूलताएं हैं, निवेशकों को हर प्रकार की सुविधा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी राज्य में निवेश तभी आ सकता है। जब प्रदेश में स्थाई नेतृत्व हो, नीतियां स्पष्ट हों, पर्याप्त लैंड बैंक हो, उद्योग अनुकूल वातावरण हो, प्रदेश में छोटे-बड़े सभी निवेशकों का पूरा सम्मान है। मध्यप्रदेश की केन्द्रीय भौगोलिक स्थिति है। यहां प्रत्येक निवेशक को लाभ मिलता है। राज्य सरकार ने जीआईएस, रोडशो और अनेक रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से अपार निवेश पाया है। हम सभी निवेशकों को उनके हक की प्रोत्साहन राशि समय पर दे रहे हैं। मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का रोड नेटवर्क है। एक लाख एकड़ का लैंड बैंक मौजूद है। खनिज, वन, ऊर्जा सहित सभी तरह के छोटे-बड़े और मध्यम श्रेणी के उद्योगों की स्थापना हमारी प्राथमिकता है।
फाइलों की बजाए फैसलों पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सरलीकृत 25 नीतियां लागू की गईं, जो उद्योगों की स्थापना में मददगार बन रही हैं। फाइलों की बजाए फैसलों पर जोर दिया गया है। भोपाल से दिल्ली, मुम्बई, कलकत्ता, रायपुर, बैंगलोर और अन्य नगरों के लिए सीधी विमान सेवाएं हैं। मध्यप्रदेश एविएशन पॉलिसी के अंतर्गत वीजीएफ प्रदान करता है। प्रदेश में हेलीकॉप्टर और हवाई सेवाओं को प्रोत्साहन मिल रहा है। मध्यप्रदेश से खाड़ी देशों के लिए सीधी हवाई सेवा की शुरुआत की गई है। धार जिले में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क में विभिन्न इकाइयों को 4 रूपए यूनिट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। मुम्बई में ढाई वर्ष में यह आठवीं यात्रा है, जिसमें उद्योगपति मित्रों से भेंट हो रही है। आज हुई मुलाकातों के फलस्वरूप 90 हजार करोड़ रूपए के निवेश का आश्वासन भी मिला है, यह हमारे प्रयासों की सफलता है।
निवेशकों की जरूरत के अनुसार कस्टमाइज्ड पैकेज और औद्योगिक सुविधाएं देगा मध्यप्रदेश
अपर मुख्य सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन नीरज मंडलोई ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए पर्याप्त भूमि, जल, बिजली, प्राकृतिक संसाधन, कुशल श्रमबल और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है। प्रदेश के भौगोलिक केंद्र में होने से बड़े उपभोक्ता बाजारों तक आसान पहुंच है। राज्य में 8 एयरपोर्ट, 22 प्रमुख रेल जंक्शन, एक लाख एकड़ से अधिक तैयार औद्योगिक भूमि तथा 50 हजार एकड़ से अधिक विकसित की जा रही भूमि उपलब्ध है। निवेशकों की जरूरत के अनुसार राज्य सरकार कस्टमाइज्ड जोन, निवेश पैकेज और सेक्टर आधारित औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 18 से अधिक सेक्टर आधारित नीतियां लागू हैं। फार्मा और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में विशेष संभावनाएं हैं। प्रदेश में 300 से अधिक फार्मा इकाइयां, 30 से अधिक एपीआई एवं बल्क ड्रग निर्माता तथा 57 से अधिक मेडिकल डिवाइस निर्माता कार्यरत हैं। फार्मा क्षेत्र में इन-हाउस आरएंडडी, परीक्षण सुविधाओं और गुणवत्ता प्रमाणन के लिए विभिन्न प्रोत्साहन उपलब्ध हैं। प्रदेश में 2,700 से अधिक निजी अस्पताल और 12,100 से अधिक शासकीय स्वास्थ्य सुविधाएं भी इस क्षेत्र के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध कराती हैं।
श्री मंडलोई ने बताया कि इन्वेस्ट मध्यप्रदेश पोर्टल 3.0 के माध्यम से निवेश प्रक्रिया को डिजिटल, सरल और पारदर्शी बनाया गया है। एआई आधारित प्रणाली, जीआईएस लैंड बैंक, सिंगल कम्प्लायंस, फेसलेस इंसेंटिव डिस्बर्सल और इंसेंटिव कैलकुलेटर जैसी सुविधाएं निवेशकों को उपलब्ध हैं। उन्होंने टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल-ईवी, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, टेलीकॉम, पर्यटन, फार्मा और मेडिकल डिवाइस सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए उद्योग जगत को आमंत्रित किया।
इप्का फार्मा के एमडी अजीत जैन ने मध्यप्रदेश में निवेश के अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहाकीकहा कि मध्य प्रदेश निवेश के लिए आदर्श गंतव्य है मुझे 40 साल में यहां कोई समस्या नहीं आई और यदि कोई छोटी-मोटी समस्या आई भी तो उसका त्वरित निराकरण शासन प्रशासन द्वारा प्रोएक्टिव होकर किया गया। उन्होंने कहा कि यहां संसाधनों की प्रचुरता के साथ प्रोएक्टिव गवर्नमेंट है एवं उद्योग विभाग का सकारात्मक रवैया, स्किल्ड मैनपॉवर की उपलब्धता एवं तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण के संस्थाओं की उपलब्धता के साथ यहां उद्योग लगाना एकदम आसान है। यहां तक कि हमारे लेबर के लिए आवासीय व्यवस्था करने में भी सरकार ने हेल्प की है। सन फार्मास्यूटिकल्स के दिलीप सांघवी ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी के डीएमआईसी फेस-2 में निवेश के लिये 5 इकाईयों को आशय पत्र प्रदान किये गये।
















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