रायपुर में रिटायर डॉक्टर सपन कुमार को डिजिटल अरेस्ट कर 1.25 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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मामले में एक आरोपी को दो महीने पुलिस हरियाणा से पकड़ चुकी थी, जबकि अब गिरोह के अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी की गई है।
आरोपियों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर डॉक्टर को डराया और 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर निगरानी में रखकर रकम ट्रांसफर करा ली। आरोपियों की गिरफ्तारी का खुलासा रायपुर पुलिस के अधिकारी जल्द करेंगे।

अब पढ़े क्या है पूरा मामला
मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है। रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर सपन कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात मोबाइल नंबरों से कॉल कर उन्हें बताया गया कि उनके क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। आरोपियों ने कहा कि उनके खिलाफ गंभीर केस दर्ज है और उन्हें जांच पूरी होने तक “डिजिटल अरेस्ट” में रहना होगा।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी लगातार व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर जुड़े रहे और डॉक्टर को मानसिक दबाव में रखा। उन्हें किसी से बात नहीं करने दी गई और गिरफ्तारी का डर दिखाकर अलग-अलग बैंक खातों में करीब 1.25 करोड़ रुपए ट्रांसफर करा लिए गए।
पीड़ित की शिकायत पर रायपुर पुलिस ने विधानसभा थाने में अपराध क्रमांक 22/26 दर्ज किया। मामले में धारा 318(4), 3(5) बीएनएस और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामलें में सायबर रेंज की टीम भी अलग से जांच कर रही थी।

हरियाणा से आरोपी सोमनाथ महतो गिरफ्तार।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जानकारी खंगाली। साइबर ट्रेल के आधार पर पुलिस पहले एक आरोपी को हरियाणा से सोमनाथ महतो गिरफ्तार कर चुकी थी। पूछताछ में मिले इनपुट के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंच बनाई गई।
देश भर में लोगों से ठगी की आरोपियों ने
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह देशभर में लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी करता था। आरोपी खुद को पुलिस, सीबीआई या क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बनाते थे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर डरें नहीं और तुरंत साइबर हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।

55 लाख रुपए के लिए FD तुड़वाई
16 जनवरी को तीसरे खाते में 55 लाख रुपए जमा करवाने को कहा, जिसके लिए रिटायर्ड डॉक्टर ने अपनी एफडी तुड़वा दी। इस तरह ठग ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1 करोड़ 28 लाख रुपए अलग-अलग बैंक अकाउंट ट्रांसफर करवा लिए।
















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