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रीवा में बुधवार को तेज रफ्तार कार से कुचलकर दो जैन साध्वियों की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। शनिवार रात घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद जैन समाज ने आरोपी पर दर्ज ‘गैर इरादतन हत्या’ के केस को हटाकर ‘हत्या’ (Mur
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इस हादसे में पूज्य श्रुति मति माता और उपसमिति माता का निधन हो गया था, जबकि आर्यिका माता गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।
CCTV फुटेज और एक्सपर्ट की राय
शुरुआत में पुलिस इसे सामान्य सड़क दुर्घटना मान रही थी, लेकिन CCTV फुटेज ने स्थिति पलट दी है। फुटेज में कार मेन रोड पर चलते हुए अचानक साध्वियों की तरफ मुड़ती और उन्हें कुचलते हुए निकल जाती है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह घटना गलती या गाड़ी के अनियंत्रित होने से नहीं हुई है…
ड्राइवर के नियंत्रण में थी कार: कार कुचलने के बाद लगभग 20 डिग्री के एंगल से मुड़कर भागी, जो साफ संकेत है कि ड्राइवर नियंत्रण में था।
झपकी लगने की थ्योरी खारिज: एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि झपकी लगती और ड्राइवर बाद में गाड़ी संभालता, तो कार कम से कम 40 डिग्री के एंगल से वापस लौटती या फिर आगे जाकर टकरा जाती।
प्रशासनिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल
घटनास्थल शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले वीआईपी (VIP) इलाके में है। इसके बावजूद इतनी बड़ी घटना होना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है:
| स्थान | घटनास्थल से दूरी |
| कलेक्ट्रेट | मात्र 10 मीटर |
| पुलिस कंट्रोल रूम | 50 मीटर |
| सिविल लाइन थाना | 70 मीटर |
| एसपी कार्यालय | 200 मीटर |
प्रत्यक्षदर्शी और समाज का आक्रोश
समाज के विभिन्न वर्गों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस की अब तक की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई है:
प्रत्यक्षदर्शी अभिषेक जैन और दीपक जैन : पूरी सड़क खाली थी, लेकिन 100 किमी/घंटा से ज्यादा रफ्तार में आ रही कार सीधे साध्वियों की तरफ गई। हादसे के बाद दोनों माताजी खून से लथपथ थीं और सड़क लाल हो गई थी।
मुकेश जैन : जब वाहन सड़क छोड़कर पैदल चल रहे लोगों को कुचले और CCTV में सब साफ हो, तो इसे हादसा नहीं माना जा सकता। हत्या की धारा तुरंत जुड़नी चाहिए।
महावीर प्रसाद जैन: प्रशासन के नाक के नीचे संतों को कुचल दिया गया। समाज चुप नहीं बैठेगा, जरूरत पड़ी तो ईंट से ईंट बजा देंगे।
रामकिशोर जैन: यदि सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह जैन समाज के सम्मान का प्रश्न है, पूरा देश सड़कों पर उतरेगा।
मंजू जैन (महिला प्रतिनिधि): तप-त्याग का जीवन जीने वाले निहत्थे संतों के साथ हुई इस घटना से समाज में दहशत है। महिलाओं ने डर के कारण बाहर निकलना कम कर दिया है।
बालकृष्ण द्विवेदी (हिंदू संगठन): यह संत समाज और पूरी आस्था पर हमला है। दोषियों पर हत्या की धाराओं में सख्त एक्शन हो।
थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि आरोपी रशीद आबाद अली शाह (42) मूल रूप से नागपुर का रहने वाला है। वह बलरामपुर में अपने भांजे की शादी से लौट रहा था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने उसे 270 किलोमीटर दूर जबलपुर के बहोरीपार टोल नाके से गिरफ्तार किया।
हर एंगल से जांच जारी
एडिशनल एसपी आरती सिंह के मुताबिक, CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जांच में शामिल कर लिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही है। घटना के बाद कमिश्नर बीएस जामोद, डिप्टी कमिश्नर नरेंद्र सूर्यवंशी और एसपी गुरुकरण सिंह ने भी अस्पताल और घटनास्थल का जायजा लिया।
जैन समाज की प्रमुख मांगें
- मामले की SIT या न्यायिक स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- सभी CCTV और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए।
- साजिश साबित होने पर आरोपियों पर कठोरतम धाराएं लगाई जाएं।
- विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” और राष्ट्रीय स्तर पर “संत सुरक्षा नीति” तत्काल लागू की जाए।
















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