मुंबई
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को दिन निवेशकों के लिए मंगलमय साबित हुआ. खासतौर पर कारोबार का आखिरी घंटा, उस दौरान एक खबर आई और फिर सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स मानो रॉकेट बन गए. ताबड़तोड़ तेजी के साथ भागते हुए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1100 अंक से ज्यादा चढ़कर 73,000 के स्तर को पार कर गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स एक झटके में 22,700 के पार निकल गया।
Nifty 350 अंक से ज्यादा का उछाल आया. शेयर बाजार में इस जोरदार तेजी के चलते निवेशकों ने तगड़ी कमाई करते हुए 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा छाप डाले. आइए जानते हैं आखिरी कारोबार के आखिरी घंटे में हुआ क्या?
Sensex-Nifty अचानक बने रॉकेट
मंगलवार को शेयर मार्केट की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 71,924 की तुलना में 71,951 पर ओपन हुआ, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा Sensex की रफ्तार तेज होती चली गई. दोपहर ढाई बजे ये इंडेक्स 72,600 के आसपास ट्रेड कर रहा था, लेकिन फिर अचानक ये रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए दिखाई दिया. अंत में सेंसेक्स 1109 अंक या 1.54% की बढ़त लेकर 73,033.78 पर क्लोज हुआ।
सिर्फ सेंसेक्स ही नहीं, बल्कि एनएसई का निफ्टी भी इसके कदम से कदम मिलाकर चला. अपने सोमवार के बंद 22,363 के लेवल की तुलना में फ्लैट 22,364 पर खुला. लेकिन इसकी रफ्तार भी सेंसेक्स के जैसे ही कारोबार बढ़ते हुए तेज हो गई. मार्केट क्लोज होने पर NSE Nifty 358 अंक या 1.60% की तेजी लेकर 22,721.95 पर बंद हुआ।
निवेशकों की दौलत में इतना इजाफा
शेयर मार्केट में आखिरी घंटे के कारोबार के दौरान आई इस ताबड़तोड़ तेजी के चलते शेयर बाजार निवेशकों ने मोटी कमाई कर डाली. इसका अंदाजा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनियों के कंबाइंड मार्केट कैपिटलाइजेशन में आए उछाल को देखकर लगाया जा सकता है।
दरअसल, मार्केट क्लोजिंग के समय मंगलवार को BSE MCap 4,70,07,567.40 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो बीते कारोबारी दिन के बंद पर 4,65,91,974.21 रिकॉर्ड किया गया था. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो शेयर बाजार में निवेश करने वालों ने 4,15,593 करोड़ रुपये की कमाई कर डाली।
इस खबर का दिखा बड़ा असर
अब बताते हैं कि आखिर शेयर बाजार में कारोबार के दौरान आखिरी घंटे में ऐसी क्या खबर आई जिसने सेंसेक्स-निफ्टी को रफ्तार दे दी. दरअसल, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) और शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स को लेकर एक कार्यक्रम के दौरान बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि एलटीसीजी फ्रेमवर्क पर निवेशकों की चिंताओं और प्रतिक्रियाओं को सुनने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।
दरअसल, शेयर बाजार के निवेशकों और हितधारकों के लिए वित्त मंत्री की ये टिप्पणी इस टैक्स से जुड़ा एक बड़ा संकेत माना जा रहा है. खासतौर पर ऐसे समय में जबकि बजट से पहले शेयर बाजार निवेशकों और मार्केट एक्सपर्ट्स की ओर से LTCG टैक्स को हटाने या इसकी समीक्षा करने की लगातार डिमांड की जा रही है. बजट-2024 में मोदी सरकार द्वारा इक्विटी पर LTCG टैक्स को बढ़ाकर 12.5% कर दिया गया था, जिसके बाद से शेयर बाजार के एक वर्ग में इसे लेकर चिंताएं बढ़ गईं थीं।
















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