Tamil Nadu AIADMK Political Crisis Update; TVK Vijay Alliance


चेन्नई7 घंटे पहले

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सीवी षणमुगम के ऑफिस में AIADMK विधायकों ने विजय को CM बनने की बधाई दी। - Dainik Bhaskar

सीवी षणमुगम के ऑफिस में AIADMK विधायकों ने विजय को CM बनने की बधाई दी।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK चीफ विजय मंगलवार को AIADMK विधायक सीवी षणमुगम के ऑफिस पहुंचे। उन्होंने पार्टी के बागी विधायकों से मुलाकात की। इस दौरान AIADMK विधायक एसपी वेलुमणि भी मौजूद रहे।

षणमुगम और वेलुमणि ने AIADMK के कई विधायकों के साथ विजय की सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। षणमुगम ने पार्टी प्रमुख ईके पलानीस्वामी पर DMK के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- AIADMK की स्थापना DMK का विरोध करने के लिए हुई थी। हम DMK से जुड़ते तो खत्म हो जाते। सूत्रों के मुताबिक करीब 30 विधायक बागी खेमे में हैं। AIADMK ने 164 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 47 सीटें जीत सकी।

कल विजय सरकार का फ्लोर टेस्ट, बहुमत साबित करेंगे

तमिलनाडु विधानसभा में कल TVK सरकार का फ्लोर टेस्ट है। विजय को बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायक चाहिए। 234 सदस्यों की विधानसभा में TVK के पास 108 विधायक हैं (विजय दो सीटों से चुनाव जीते हैं)।

TVK को कांग्रेस, लेफ्ट, IUML और VCK के 13 विधायकों का समर्थन मिला है। यानी विजय के पास 121 विधायकों का समर्थन है। अगर AIADMK के 30 विधायक TVK सरकार को समर्थन देते हैं, तो गठबंधन में कुल विधायकों की संख्या 151 हो जाएगी।

AIADMK का आरोप- कुछ नेता TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं

AIADMK ने पार्टी में बगावत और DMK से हाथ मिलाने के आरोपों को अफवाह करार दिया है। पार्टी ने X पर पोस्ट कर कहा कि कुछ नेता खुद TVK सरकार में मंत्री पद चाहते हैं। पार्टी ने दावा किया कि कार्यकर्ता अब भी पलानीस्वामी के साथ मजबूती से खड़े हैं।

DMK ने भी AIADMK नेताओं के दावों को खारिज किया है। DMK नेता आरएस भारती ने कहा कि पार्टी पहले ही साफ कर चुकी है कि वह विपक्ष की भूमिका निभाएगी।

AIADMK में फूट की 4 वजहें…

  • पार्टी के नेताओं में विश्वास नहीं रहा: आधिकारिक तौर पर एडप्पादी पलानीसामी AIADMK के महासचिव है, लेकिन पार्टी के भीतर ज्यादातर लोग अब उनके साथ नहीं हैं। माना जा रहा है कि बागी गुट अब औपचारिक रूप से अलग होने की तैयारी कर रहा है।
  • पिछले 5 चुनावों से हार रही पार्टी: पार्टी के भीतर का यह संकट AIADMK के लिए एक मुश्किल दौर में सामने आया है, जब पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा। इसमें 2019 का आम चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव, 2024 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी को 2025 में इरोड उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा।
  • 2024 में पलानीसामी का बीजेपी से मतभेद: AIADMK के नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन पर हुई बातचीत के दौरान एडप्पादी पलानीसामी ने कथित तौर पर BJP के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया था, तब से दिल्ली के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए।
  • 2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें देना: बागी नेताओं ने पार्टी प्रमुख पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP को 27 ऐसी सीटें दी थीं, जिन पर जीतना लगभग नामुमकिन था। यह राजनीतिक तौर पर BJP को कमजोर करने की कोशिश थी।

VCK प्रमुख बोले- DMK-AIADMK से CM बनाने का ऑफर मिला

VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने कहा कि DMK और AIADMK ने उन्हें तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया था, ताकि TVK को सत्ता से दूर रखा जा सके। हालांकि, पार्टी नेतृत्व से चर्चा के बाद ऑफर को ठुकरा दिया गया।

उन्होंने TVK को समर्थन देने में देरी पर कहा- ऐसे फैसले जल्दबाजी में नहीं लिए जा सकते। 8 मई को पार्टी नेताओं के साथ मीटिंग में चर्चा हुई थी, लेकिन अंतिम फैसला लेने में समय लग गया।

10 मई- विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने

विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली थी। TVK नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है।

59 साल बाद पहली बार गैर DMK-AIADMK सरकार

तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनी है।

1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार सत्ता हासिल की थी। 1972 में एमजी रामचंद्रन (MGR) ने DMK से अलग होकर AIADMK बनाई और तब से दोनों दल बारी-बारी से सत्ता में आते रहे।

इस दौरान कांग्रेस, भाजपा, PMK, DMDK जैसी कई पार्टियां उभरीं, लेकिन कोई भी DMK-AIADMK के प्रभुत्व को खत्म नहीं कर पाई।

इस तरह पिछले करीब 59 सालों से तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द ही घूमती रही। 59 सालों बाद कोई तीसरी पार्टी यानी TVK की सरकार बनी है।

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