हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अब गूंजेगा राज्य गीत जय हरियाणा

चंडीगढ़
 हरियाणा के सभी सरकारी स्कूलों में अब राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत के साथ राज्य गीत जय जय जय हरियाणा भी गूंजेगा। 21 पंक्तियों के राज्य गीत में हरियाणा की सांस्कृतिक और भौगोलिक विरासत का गुणगान किया गया है। प्रार्थना सभा में सप्ताह में एक बार अनिवार्य रूप से राज्य गीत का गायन किया जाएगा।

स्कूली विद्यार्थियों में हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत, गौरव एवं राज्य के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने सुबह प्रार्थना सभा में राज्य गीत के गायन का निर्णय लिया है। माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक की ओर से जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक राजकीय विद्यालय में प्रार्थना सभा के उपरांत सप्ताह में एक दिन राज्य गीत का गायन सुनिश्चित किया जाए।

राज्य गीत के बोल और एमपी 3 सभी विद्यालयों में भेजे जाएंगे। स्कूल प्राचार्य और मुख्याध्यापक राज्य गीत की प्रतियां विद्यार्थियों को उपलब्ध कराएंगे। प्रतिदिन प्रार्थना, राष्ट्र गान जन गण मन और राष्ट्र गीत वंदे मातरम् का गायन करने वाले विद्यार्थियों को राज्य-गीत का समुचित अभ्यास कराया जाएगा।

विद्यालयों में जिस सदन की प्रार्थना सभा संचालन की जिम्मेदारी होगी, वह राज्य गीत के नियमित एवं शुद्ध गायन का अभ्यास सुनिश्चित करेगा। स्कूल प्रबंधन सुनिश्चित करेगा कि राज्य गीत का नियमित एवं गरिमापूर्ण गायन प्रार्थना सभा का अभिन्न अंग बने।

हरियाणा का आधिकारिक राज्य गीत जय जय जय हरियाणा को 28 मार्च 2025 को हरियाणा विधानसभा में सर्वसम्मति से अपनाया गया था। डा. बालकिशन शर्मा द्वारा लिखित राज्य गीत में गीता, महाभारत, शिवालिक, अरावली और यमुना का उल्लेख है। साथ ही यहां की संस्कृति, भाईचारा, त्योहारों, कृषि और खेल में उपलब्धियों को दर्शाते हुए बहादुर जवानों और मेहमान नवाजी का गुणगान किया गया है।

हरियाणा का यह राज्य गीत
    जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा ।
    पावन धरती वेदों की, जहां हुआ हरि का आणा ।।
    जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा ।
    गीता ज्ञान धरोहर इसकी, महाभारत इतिहास ।
    मुकुट शिवालिक आधार अरावली, यमुना बहती पास ।।
    मौज मनावैं, कातक न्हावैं, पूरी मन की आस ।
    सरस्वती के अमृत रस का, यहीं सदा है वास ।।
    सादा जीवन सादा बाणा, दूध दही का खाणा ।
    जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा।
    छैल छबीले मर्द निराले, सुंदर स्याणी नार ।
    होली, दिवाली, ईद, गुरपुरब, मनते तीज त्योहार ।।
    भाईचारा जग से न्यारा, बढ़े प्यार में प्यार ।
    दिन दूणा अर रात चौगुणा, शिक्षा और व्यापार ।।
    बजते डेरू, ढोल, नगाड़े, सांग, रागणी गाणा।
    जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा।
    उपजाते हैं फसल सुनहरी, खेतों बीच किसान ।
    खेल खिलाड़ी मेडल लाकर करें देश का मान ।।
    सीमाओं पर हरदम चौकस यहां के वीर जवान ।
    छोटा सा प्रदेश, देश की अजब निराली शान ।।
    अतिथि देवो भवः यहां सेवा धर्म निभाणा ।
    जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा ।
    जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा ।।

 

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