WhatsApp इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के बीच इन दिनों एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार ने WhatsApp नए मॉनिटरिंग रूल्स लागू कर दिए हैं। मैसेज में कहा गया है कि यूजर्स की कॉल और पर्सनल मैसेज पर नजर रखी जाएगी और कुछ खास तरह के टिक मिलने पर सरकार को बातचीत की जानकारी मिल जाएगी। कुछ मैसेज में तो यहां तक दावा किया जा रहा है कि कॉल या मैसेज के आधार पर यूजर के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
हालांकि, इस पूरे दावे की अब पोल खुल गई है। PIB Fact Check ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मैसेज को फर्जी बताया है। सरकार की ओर से ऐसी कोई नई WhatsApp मॉनिटरिंग गाइडलाइन जारी नहीं की गई है।
सरकार ने WhatsApp मॉनिटरिंग के दावे को बताया फर्जी
PIB Fact Check ने 29 अगस्त को इस वायरल दावे पर सफाई दी। फैक्ट चेक के मुताबिक, सरकार ने WhatsApp की निगरानी से जुड़ी ऐसी कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की है। इसका मतलब साफ है कि WhatsApp पर वायरल हो रहा मैसेज सरकारी आदेश नहीं है। यूजर्स को इस तरह के मैसेज को सच मानकर आगे फॉरवर्ड करने से बचना चाहिए।
Red Tick और 3 Blue Tick वाला दावा भी गलत
वायरल मैसेज का एक और हिस्सा लोगों का ध्यान खींच रहा है। इसमें WhatsApp पर अलग-अलग रंग के टिक को सरकार की निगरानी से जोड़ने की कोशिश की गई है। मैसेज में कथित तौर पर बताया जा रहा है कि किसी मैसेज पर ज्यादा Blue Tick या Red Tick दिखाई देने का मतलब सरकार ने उसे देख लिया है या उस पर कार्रवाई की जा सकती है। यह दावा भी भ्रामक है। PIB Fact Check ने इन दावों को गलत बताया है। WhatsApp के टिक को सरकार की कथित मॉनिटरिंग व्यवस्था से जोड़ने का कोई आधार नहीं है।
सरकार WhatsApp कॉल रिकॉर्ड कर रही है?
यह वायरल मैसेज का सबसे बड़ा दावा है। इसमें यूजर्स को बताया जा रहा है कि उनकी WhatsApp कॉल रिकॉर्ड या मॉनिटर की जा रही हैं। ऐसे दावों को लेकर पहले भी फर्जी मैसेज वायरल हो चुके हैं। मौजूदा वायरल दावे पर सरकार की फैक्ट चेकिंग एजेंसी ने साफ कर दिया है कि ऐसी कोई नई सरकारी मॉनिटरिंग गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। इसलिए केवल इस मैसेज के आधार पर यह मान लेना कि सरकार हर WhatsApp कॉल रिकॉर्ड कर रही है, गलत होगा।















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