![]()
कोल्हान और सारंडा जंगलों में सुरक्षा बलों की घेराबंदी का असर दिखने लगा है। इस इलाके में बचे 60 नक्सलियों में से 25 नक्सली सरेंडर करने के लिए तैयार हैं। इनमें छह सब जोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर और 13 हार्डकोर नक्सली हैं। ये सभी गुरुवार को पुलिस मुख्यालय रांची में हथियार डालेंगे। झारखंड में यह पहला मौका है, जब इतनी बड़ी संख्या में नक्सली एक साथ सरेंडर कर रहे हैं। सरेंडर करने वालों में सागेन आंगारिया दस्ता, गुलशन मुंडा दस्ता और मिसिर बेसरा दस्ता के सदस्य हैं। ये सभी हथियारों भी पुलिस को सौंपेंगे। इनमें एक इंसास एलएमजी, चार इंसास राइफल, नौ एसएलआर, एक .303 राइफल और एक देसी पिस्टल शामिल हैं। इसके अलावा 27 मैगजीन, इंसास की 2000 गोलियां और एसएलआर की 755 गोलियां शामिव हैं। इस सरेंडर के बाद अब कोल्हान-सारंडा के जंगलों में एक करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा सहित 35 नक्सली बचेंगे। सागेन आंगारिया पर 123 और गुलशन मुंडा पर 48 केस दर्ज सरेंडर करने वालों में सबसे कुख्यात सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल का है, जो कोल्हान में पुलिस के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द है। गोइलकेरा निवासी सब जोनल कमांडर सागेन इस इलाके में अपने घातक दस्ते के साथ सक्रिय है। उस पर सिर्फ चाईबासा जिले में ही 123 केस दर्ज हैं। वहीं गादी मुंडा उर्फ गुलशन मुंडा बुंडू-दशम फॉल और खूंटी बॉर्डर पर लेवी व टेरर फंडिंग में सक्रिय है। इस पर 48 केस दर्ज हैं। महिला कमांडरों में और खूंटी बॉर्डर पर लेवी व टेरर फंडिंग का बड़ा चेहरा था। इस पर 5 लाख का इनाम था और 48 केस दर्ज हैं। ये नक्सली करेंगे सरेंडर… पांच लाख के इनामी… सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल, गादी मुंडा उर्फ गुलशन, नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा, रेखा मुंडा उर्फ जयंती, सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा। दो लाख के इनामी… करण उर्फ डांगुर। एक लाख के इनामी… बासुमति जेराई। इनके अलावा दर्शन उर्फ बिंज हांसदा, बैजनाथ मुंडा, रघु कायम, किशोर सिरका, रामदयाल मुंडा, वंदना उर्फ शांति, सुनीता सरदार, डांगुर बोइपाई, बसंती देवगम, मुनीराम मुंडा, अनिशा कोड़ा, सपना उर्फ सुरु, सुसारी उर्फ दशमा, बिरसा कोड़ा, नुअस, बुमली तियू, नीति माई और लादु तिरिया। तेलंगाना-बंगाल में सरेंडर करने वालों का झारखंड कनेक्शन: हाल ही में तेलंगाना में दो और बंगाल में एक नक्सली ने सरेंडर किया है। वहीं बंगाल में एक की गिरफ्तारी हुई है। इनमें पश्चिम बंगाल का समर दा ने बंगाल में सरेंडर किया, जबकि मुर्शिदाबाद की बेला सरकार को गिरफ्तार किया गया था। आंध्र प्रदेश निवासी विश्वनाथ उर्फ संतोष और पूनम उर्फ जोभा ने तेलंगाना में सरेंडर किया है। सभी पर चाईबासा में केस दर्ज हैं। सबसे ज्यादा विश्वनाथ के खिलाफ 13, पूनम पर 11 और समर व बेला पर 3-3 केस दर्ज हैं।
Source link
आज सबसे बड़ा सरेंडर, 25 नक्सली डालेंगे हथियार, झारखंड में यह पहला मौका











Leave a Reply