कीड़े-मकौड़े की तरह रेंगते हुए मंत्री आवास पहुंचे प्रदर्शनकारी:लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का अनोखा प्रदर्शन




69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों आज, सोमवार को शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सड़क पर लेटते हुए मंत्री के आवास तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम लोग सरकार की नजर में कीड़े-मकौड़े हो चुके हैं। हमारी कहीं कोई सुनवाई नहीं है, इसलिए आज हम लोग कीड़ों की तरह रेंगते हुए मंत्री के आवास पर पहुंचे हैं। भीषण गर्मी की वजह से कई अभ्यर्थी बदहवास हो गए। पुलिस ने उन्हें पानी पिलाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस प्रदर्शन को लेकर एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों का वीडियो पोस्ट करके लिखा। अखिलेश यादव का पोस्ट हूबहू पढ़िए- संविधान द्वारा दिये गये आरक्षण के अधिकार को मारनेवाली भाजपा का अंहकार आज अंदर-ही-अंदर बहुत खुश होगा कि सदियों से वंचित, शोषित, पीड़ित समाज आज भी उनके वर्चस्व के आगे दंडवत होकर याचना कर रहा है लेकिन अपने प्रभुत्व के घमंड में चूर भाजपाई और उनके संगी-साथी ये भी याद रखें कि जब आग्रह हार जाता है, तब इंसान सीमाएं लांघ जाता है। देखिए 3 तस्वीरें… अब हमारे अंदर सहन शक्ति नहीं बची बनारस से आए कैलाश नाथ मौर्या ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से बस यही कहना चाहते हैं कि हम अब अपना धैर्य खो चुके हैं। हमारे अंदर बिल्कुल भी सहन शक्ति नहीं बची है। हम लोग घर से हार चुके हैं और अब सरकार से भी उम्मीद नहीं रही है। यह अंतिम फरियाद है। सुनवाई नहीं हुई तो हम सभी अभ्यर्थी सामूहिक तौर पर आत्मदाह करेंगे। एक छोटी सी खेती है उसी से घर का खर्च चलता है। हम लोग अपने बच्चों को अच्छे शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं। सिस्टम की वजह से बेरोजगार घूम रहे हैं। हाईकोर्ट में जीतने के बाद भी हमें नौकरी नहीं मिली है। हमारी बात कोई सुनने को तैयार नहीं है। हर कोई हमारे बारे में उल्टा बोलता है। ओम प्रकाश राजभर हमारे मंत्री हैं, जिन्होंने कभी न्याय की बात नहीं की। राजभर कहते हैं कि यह 69000 शिक्षक भर्ती वाले जूता खाने के लायक हैं, यह कितना शर्मनाक बयान है। अगर नौकरी नहीं मिली तो हम लोग चंदा इकट्‌ठा करके ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ प्रचार करेंगे और उन्हें चुनाव हरवायेंगे। दिल्ली तक भटकर रहे हैं, लेकिन न्याय नहीं मिल रहा है भीषण गर्मी में रोते गिड़गिड़ाते हुए नवलेश ने बताया कि जौनपुर से आए हैं। हम मुख्यमंत्री और पिछड़ों के मंत्री अनुप्रिया पटेल से कहना चाहते हैं कि हमें न्याय दिलाइए। हम उन्हीं के बच्चे हैं। पिछले कई सालों से लखनऊ और जौनपुर के चक्कर काट रहे हैं। अब मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया है तो दिल्ली में भी भटकना पड़ रहा है। हम हाथ जोड़कर सरकार से यह कहना चाहते हैं कि कल सुप्रीम कोर्ट में हमारी तारीख लगी है। अपना वकील जरूर भेजें। अगर हमारी सुनवाई नहीं हुई तो जान दे देंगे। इस भर्ती के अभ्यर्थियों में किसी ने अपनी मां खोई है तो किसी ने अपना बाप खोया है। ‘पिछड़ों-दलितों की हालत कीड़े-मकौड़े की तरह हो गई’ देवरिया से आए धनंजय गुप्ता ने कहा कि हम लोग आज मंत्री संदीप सिंह के आवास पर कीड़ों की तरह रेंगते हुए आए हैं। उनको बताने आए हैं कि आपकी सरकार में पिछड़ा और दलितों की हालत कीड़े-मकौड़े की तरह हो गई है। हम इतना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में सरकारी अधिवक्ता पेश हो जाए। 30 से ज्यादा डेट लगी और किसी में भी सरकारी अधिवक्ता करना पहुंचना बेहद शर्मनाक है। फैसला क्या होगा यह तो कोर्ट तय करेगा मगर कम से कम सरकार अपना वकील भेजे और केस आगे बढ़े। नौकरी न मिलने से हम लोग कीड़े-मकौड़े की जिंदगी जी रहे हैं। कहीं कोई सम्मान नहीं है। कल 19 में को सुप्रीम कोर्ट में हमारी तारीख लगी है। अगर सरकार का नुमाइंदा उपस्थित हो जाए तो बहुत मेहरबानी होगी। तपती हुई धूप में हम सड़क पर लेटे हैं, तो यह हमारी मजबूरी है। कोई खुशी से नहीं लेटा है। शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप से मुलाकात की। उन्हें ज्ञापन सौंपा। अभ्यर्थियों का कहना है कि मंत्री संदीप सिंह की तरफ से आश्वासन मिला है कि सरकारी अधिवक्ता कल सुप्रीम में मौजूद रहेगा। —————- यह खबर भी पढ़िए… लखनऊ में ढाबा संचालक की हत्या:झगड़े का वीडियो बनाने पर दबंगों ने सिर में मारी गोली, 3 संदिग्ध हिरासत में लखनऊ में दबंगों ने एक ढाबा संचालक के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। उसने ढाबे के सामने रोड पर लड़ाई कर रहे युवकों का वीडियो बनाया था। इससे नाराज होकर दबंग युवकों ने घटना को अंजाम दिया। ढाबा संचालक को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी ऑपेरशन के दौरान मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें



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