जिले के 10 प्रखंडों से कुल 28 प्रतिभागियों ने भाग लिया




भास्कर न्यूज|गुमला जिले में किसानों के बीच संतुलित उर्वरक उपयोग एवं मृदा स्वास्थ्य संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित 15 दिवसीय उर्वरक अनुज्ञप्ति पात्रता एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन सर्टिफिकेट कोर्स का समापन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र गुमला द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें जिले के 10 प्रखंडों से कुल 28 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 4 महिलाएं एवं 24 पुरुष शामिल रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक दोनों प्रकार की जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के अंतर्गत कुल 32 विषयों पर सैद्धांतिक कक्षाएं तथा 10 विषयों पर प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें मृदा परीक्षण, उर्वरकों का संतुलित उपयोग, जैविक एवं रासायनिक उर्वरकों का समन्वित प्रयोग, सूक्ष्म पोषक तत्व प्रबंधन, मिट्टी की उर्वरा शक्ति संरक्षण तथा जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के साथ-साथ IFFCO एवं जिला कृषि विभाग के विशेषज्ञ मास्टर ट्रेनरों ने भी प्रशिक्षण प्रदान किया। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में लगातार असंतुलित उर्वरक उपयोग के कारण मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ने के साथ-साथ भूमि की उत्पादकता में भी गिरावट देखी जा रही है। ऐसे में तकनीक किसानों के लिए दीर्घकालिक समाधान साबित हो सकती है। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कृषि पदाधिकारी उपस्थित रहे, जबकि संस्था के संयुक्त सचिव श्री महेंद्र भगत एवं कृषि विज्ञान केंद्र गुमला के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बृजेश पांडेय ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि प्रशिक्षित उर्वरक विक्रेता किसानों को वैज्ञानिक सलाह देकर संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करेंगे, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति लंबे समय तक सुरक्षित रह सकेगी। प्रशिक्षण समन्वयक एवं कृषि विज्ञान केंद्र गुमला के वैज्ञानिक नीरज कुमार वैश्य ने बताया कि इस प्रशिक्षण के उपरांत प्रतिभागी उर्वरक लाइसेंस प्राप्त करने की पात्रता हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित व्यक्ति केवल उर्वरक बिक्री तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित उर्वरक उपयोग, जैविक पदार्थों के समावेशन एवं कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने हेतु वैज्ञानिक मार्गदर्शन भी देंगे। कार्यक्रम में शशि शेखर, लक्ष्मी गुप्ता, रामस्वरूप साहू, विक्की कुमार सोनी, अभिनव कुमार पांडा, रामेश्वर साहू, अरुण राव, आयुष कुमार, नवीन कुमार साहू एवं शिवकुमार प्रजापति सहित कई प्रतिभागी उपस्थित रहे।



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