जेईई एडवांस्ड… मैथ्स के लेंदी सवालों ने टाइम मैनेजमेंट में उलझाया, फिजिक्स भी चुनौतीपूर्ण




जेईई एडवांस्ड की परीक्षा रविवार को रांची के दो केंद्रों पर हुई। आयन डिजिटल जोन तुपुदाना और ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में बनाए गए दो केंद्रों पर लगभग दो हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। रांची के दोनों केंद्रों पर परीक्षा के कदाचारमुक्त संचालन और विधि-व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन ने सुबह छह से निषेधाज्ञा लागू थी। शाम 5.30 बजे परीक्षा देने के बाद केंद्र से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर-1 में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ से 48 सवाल पूछे गए थे। मैथ्स के सवाल लेंदी थे। जिस कारण टाइम मैनेजमेंट में परेशानी हुई। मॉडरेट सवालों के कारण फिजिक्स चुनौतीपूर्ण रही, जबकि केमिस्ट्री अपेक्षाकृत स्कोरिंग रही। केमिस्ट्री में आर्गेनिक से सवाल थे। छात्रों ने बताया कि पेपर-2 में 54 सवाल पूछे गए थे, जो मुश्किल थे। बता दें कि जेईई एडवांस्ड की परीक्षा दो पालियों में हुई। पहली पाली सुबह नौ से 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक हुई। इस साल जेईई एडवांस्ड का आयोजन आईआईटी रुड़की की ओर से किया जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो पेपर के स्तर को देखते हुए इस साल भी कम अंकों पर भी बेहतर रैंक मिलने की संभावना है झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा सिविल सेवा बैकलॉग-2025 के लिए प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) रविवार को रांची के 64 केंद्रों पर हुई। अभ्यर्थियों के अनुसार इस बार पेपर-1 और पेपर-2 का स्तर सामान्य से थोड़ा कठिन रहा। सवाल स्टैंडर्ड थे, लेकिन कई प्रश्नों के विकल्प काफी क्लोज होने से उत्तर चुनने में परेशानी हुई। हाल के दिनों में लगातार परीक्षाएं होने के कारण कई उम्मीदवारों की तैयारी भी पूरी नहीं हो सकी, जिससे परीक्षा चुनौतीपूर्ण महसूस हुई। कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों की उपस्थिति भी कम रही। बता दें कि कुल 45 पदों के लिए यह परीक्षा दो पालियों में हुई। परीक्षा केंद्र पर बायोमैट्रिक व आइआरआइएस की व्यवस्था की गई थी। पेपर-1 में फिजिक्स के सवाल टफ थे। क्रिटिकल थिंकिंग ज्यादा था और मिसलेनियस सवाल पूछे गए थे। केमिस्ट्री के सवाल ठीक थे। मैथ्स में पिछले 10 साल के सवालों को देखें, इस बार सवाल आसान थे। लेकिन कैलकुलेशन लेंदी था। जो बच्चे फिजिक्स और केमिस्ट्री के सवाल कम समय में सॉल्व कर पाए होंगे, उन्हें मैथ के सवालों को हल करने के लिए काफी समय मिल गया होगा। वहीं, पेपर-2 में केमिस्ट्री के लिए जिन बच्चों ने एनसीईआरटी किताब पर ज्यादा फोकस किया होगा, उन्हें परेशानी नहीं हुई होगी। इनॉर्गेनिक से सवाल अच्छे पूछे गए थे। नेगेटिव मार्किंग भी कम था। ^फिजिक्स में रोटेशन से सवाल थे। वहीं, मैथ्स में सवाल लेंदी थे। पेपर-2 डिफिकल्ट था। कॉन्सेप्चुअल सवाल के कारण परेशानी हुई। पाया। – नंदिनी पंकज कु. राणा, डायरेक्टर, वासुका एकेडमी फिजिक्स के सवाल मॉडरेट थे। वहीं मैथ का सवाल भी टफ था। नेगेटिव मार्किंग होने के कारण कई सवाल अटेंप्ट भी नहीं किया। पेपर-2 के सवाल भी टफ थे। – अभिनव कुमार



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