पंडित कमल किशोर नागर बोले-माता-पिता की सेवा ही ईश्वर भक्ति:सांसारिक मोह त्याग करना जरूरी, जीवन में तीर्थ यात्रा करना है जरूरी




मेघनगर के फुटतालाब स्थित श्री वनेश्वर मारुति नंदन हनुमान मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान प्रसिद्ध मालवा संत पंडित कमल किशोर नागर ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कलयुग में माता-पिता के दर्शन करना ही साक्षात भगवान के दर्शन के समान है। पंडित नागर ने जोर दिया कि जिस घर में बुजुर्गों का सम्मान और सेवा होती है, वहीं ईश्वर का वास होता है। उन्होंने यह भी बताया कि 50 से 60 वर्ष की आयु के बाद व्यक्ति को सांसारिक मोह त्यागकर तीर्थ यात्रा की ओर अग्रसर होना चाहिए। संत श्री ने प्रेम और निश्छल भक्ति को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ईश्वर केवल भाव के भूखे हैं। कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आने पर पूरा पाण्डाल भक्तिमय हो गया। ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ भजनों पर श्रद्धालु भावुक होकर झूमने लगे। पंडित नागर ने मेघनगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिलाओं के अनुशासन और उनकी अटूट श्रद्धा की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने ‘चलो रे मन वृंदावन धाम’ भजन के माध्यम से तीर्थ दर्शन की महत्ता भी प्रतिपादित की। कार्यक्रम में प्रदेश के समाजसेवी सुरेश चंद्र पूरणमल जैन, राजेश रिंकू जैन और उनके परिवार विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जैन परिवार ने संत श्री कमल किशोर नागर का आत्मीय अभिनंदन किया और प्रतीक स्वरूप उन्हें तीर-कमान तथा गौ माता के मंदिर की आकृति भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। समाजसेवी सुरेश जैन ने कथा में उमड़ रहे जनसैलाब पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं से धर्म लाभ और भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह किया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *