भोपाल में 2 दिन में सकती है स्वच्छ सर्वेक्षण टीम:निगम ने 40 जगहों पर स्वच्छता पेंटिंग बनाई; गली में उकेरी समुद्र की आकृति




भोपाल में स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए टीम अगले 2 दिन के अंदर आ सकती है। टीम के आने से पहले नगर निगम वह सभी कवायदें कर रहा है, जो उसे बेहतर अंक दिला सके। सोमवार को जोन-9 के पंजाबी बाग में एक गली में समुद्र की आकृति की उकेर दी गई। जिसे देखने के लिए लोग पहुंचे। ऐसी ही करीब 40 पेंटिंग शहर के विभिन्न हिस्सों में बनाई गई हैं। दूसरी ओर, लोगों को बेहतर फीडबैक के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। हालांकि, इस बार भोपाल को कागजों के साथ जमीन पर भी सफाई साबित करनी होगी। इसी वजह से सड़कों की सफाई, नालों की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, बैक लेन में पेंटिंग और बाजारों में टाइल्स लगाने का काम शुरू किया गया है। न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, पुराना शहर, करोंद, कोलार, बैरागढ़ जैसे बड़े बाजारों में सौंदर्यीकरण और कचरा उठाने के काम को प्राथमिकता दी जा रही है। ये बड़ी चुनौती हालांकि, जमीन पर अब भी कई जगह गंदगी, टूटे डस्टबिन, उखड़ी सड़कें और खुले नाले जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। ऐसे में विजिबल क्लीनलीनेस के लिए तय 1500 अंक भोपाल के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। पंजाबी बाग में बनाई गई पेंटिंग की 2 तस्वीरें… अंतिम दौर में इन कामों पर फोकस
जानकारी के अनुसार, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में विजिबल क्लीनलीनेस यानी जमीन पर दिखने वाली सफाई पर विशेष फोकस किया है। नई गाइडलाइंस के तहत शहरों की रैंकिंग 10 मुख्य इंडिकेटर्स के आधार पर तय होगी। इसी वजह से निगम बैक लेन से लेकर नालों और कचरा पॉइंट तक सुधार कार्यों में जुटा है। सोमवार को पंजाबी बाग की बैक लेन का काम पूरा किया गया। मंगलवार को भी कई जगहों पर पेंटिंग को अंतिम रूप दिया जाएगा। ऐसे तय होगी रैंकिंग ये कारण- सर्वेक्षण और चुनौती बाजारों में कचरा बड़ी चुनौती आवासीय क्षेत्रों और पार्कों में रोज एक बार, जबकि व्यावसायिक स्थलों, बस-रेलवे स्टेशनों, पर्यटन स्थलों और स्ट्रीट फूड जोन में दिन में दो बार सफाई जरूरी होगी। इस पैरामीटर के लिए सबसे ज्यादा 300 अंक हैं। कई मार्केट में अब भी कचरा और गंदगी बड़ी समस्या बनी हुई है। गंदगी पर कट सकते हैं नंबर घरों और दुकानों के पीछे की गलियों यानी बैक लेन की सफाई और रखरखाव के लिए 200 अंक तय हैं। शहर के कई इलाकों में बैक लेन में रंगीन पेंटिंग और सफाई अभियान जारी है। बैरिकेड्स बिगाड़ रहे सफाई स्कोर सार्वजनिक स्थलों और दीवारों को पान-गुटखे के धब्बों और खुले में पेशाब के निशानों से मुक्त रखने पर 150 अंक मिलेंगे। निर्माण कार्यों के दौरान लगाए गए बैरिकेड्स पीकदान बन चुके हैं। निगम ने एजेंसियों को इन्हें साफ करने की चेतावनी दी है, लेकिन हालात नहीं सुधरे हैं। करोड़ों की पेंटिंग के बीच सड़कें अब भी उखड़ी शहर में म्यूराल्स, वेस्ट-टू-आर्ट, सड़कों को गड्ढामुक्त करने और हरियाली बढ़ाने जैसे कामों के लिए 200 अंक तय किए हैं। करीब 3 करोड़ रुपए से वॉल पेंटिंग कराई जा रही है। पिछली बार GIS में सड़कों पर 100 करोड़ खर्च हुए थे। स्लम और स्कूलों के आसपास गंदगी बड़ी परेशानी स्लम क्षेत्रों में साफ-सफाई और ढके नालों के लिए 150 अंक तथा स्कूल परिसरों को कचरा मुक्त रखने के लिए 100 अंक तय हैं। शहर के कई नालों के आसपास अब भी कचरा जमा है। रवींद्र भवन के पास प्रमुख नाले के आसपास भी गंदगी है। पिछली बार लगाई गई जालियां कई जगह टूट चुकी हैं। हटाए गए कचरा पॉइंट फिर लौट रहे सेकेंडरी कचरा बर्तनों को हटाने और दो डस्ट बिन लगाने के लिए 100 अंक तय हैं। कचरा संवेदनशील स्थलों को साफ रखने पर भी 100 अंक मिलेंगे। कई इलाकों को पहले कचरा मुक्त किया गया था, लेकिन वे फिर कचरा पॉइंट बन गए। प्लास्टिक की कई कचरा पेटियां भी टूट-फूट चुकी हैं। नालों की सफाई जारी, लेकिन गंदगी अब भी चुनौती नालों को मलबे से मुक्त रखने और तालाबों-झीलों को प्रदूषण व ठोस कचरे से बचाने के लिए 200 अंक तय हैं। शहर में नालों की सफाई चल रही है और छह जोन में काम पूरा हो चुका है। भानपुर में 50 करोड़ रुपए से 60 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जा रहा है। सबसे बड़ी चुनौती- आदमपुर कचरा खंती आदमपुर कचरा खंती में जमा लेगेसी वेस्ट भोपाल की रैंकिंग पर हर साल भारी पड़ा है। पिछले साल इसकी वजह से अंक कट चुके हैं। फिलहाल कचरे का पहाड़ जैसा का वैसा ही है। ऊपर से गंदा पानी बह रहा है। बार-बार लगती आग इलाके को प्रदूषित कर ररी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *