84 दिन बाद भी साईं-मंदिर चोरी का मामला नहीं सुलझा:फिल्मी स्टाइल में वारदात, 3 महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली




भिलाई के सेक्टर-6 स्थित श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर में हुई बड़ी डकैती को 84 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। 26 फरवरी 2026 की रात हुई इस वारदात ने पूरे शहर को हिला दिया था। सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में मंदिर के भीतर हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने जांच के लिए कई टीमें गठित कीं, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है। मामले की जांच में पुलिस की टीम बिहार के वैशाली तक भी पहुंची। शुरुआती जांच में बाहरी गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई गई थी। खासकर मध्यप्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों के गैंग पुलिस के रडार पर थे। इसके बावजूद अब तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इधर, पुलिस हाल के दिनों में छोटी-मोटी चोरी के आरोपियों को पकड़कर जेल भेज रही है, लेकिन इतनी बड़ी वारदात के करीब तीन महीने बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। 5 से अधिक नकाबपोशों ने दिया था वारदात को अंजाम मामले में परमेश्वर सेन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि 25 फरवरी की रात वह मंदिर परिसर में ड्यूटी पर तैनात थे। मंदिर के पुजारी रात करीब 9:15 बजे मंदिर बंद कर अपने घर चले गए थे। रात करीब 2:15 से 3 बजे के बीच 4 से 5 नकाबपोश बदमाश पीछे की ओर से आए और उन्हें पकड़ लिया। बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की और नायलॉन की रस्सी से हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद उनकी आंखों पर कपड़ा बांधकर प्रसाद काउंटर के पास लिटा दिया गया। बदमाशों ने गार्ड का नाक और मुंह पूरी तरह दबाए रखा, ताकि वह शोर न मचा सके। इसके बाद आरोपी मंदिर के अंदर घुस गए और करीब एक घंटे तक चोरी करते रहे। इस दौरान उन्होंने मंदिर में रखे चांदी के कई कीमती सामान और दानपेटी को निशाना बनाया।
महंगे आभूषणों की हुई थी चोरी चोरी हुए सामान में चांदी की पादुका, चरण पादुका, आरती की थाली, पंचआरती स्टैंड, चांदी के पांच ग्लास, पंचामृत कलश, चम्मच, छोटी छतरी, अगरबत्ती स्टैंड, चांदी के पैनल, चांदी के कलश और स्वर्ण मंडित नख शामिल थे। आरोपी जाते समय मंदिर में लगे सीसीटीवी का डीवीआर भी अपने साथ ले गए थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। करीब एक घंटे बाद मंदिर परिसर स्थित साईं भवन के चौकीदार सुखरीत साहू ने आवाज सुनी और मौके पर पहुंचे। इसके बाद बदमाश वहां से फरार हो गए। बाद में मंदिर के पीछे रहने वाले पुजारी मुकेश दुबे को घटना की जानकारी दी गई और पुलिस को सूचना दी गई।
तीन महीने बाद भी नहीं मिला कोई सुराग घटना की जानकारी मिलते ही उस समय दुर्ग जिले के एसएसपी विजय अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम की मदद ली। कई संदिग्धों से पूछताछ भी की गई, लेकिन अब तक कोई बड़ा सुराग सामने नहीं आया है। पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। मामले को लेकर एसएसपी विजय अग्रवाल का कहना है कि जांच अभी भी जारी है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में लगातार कार्रवाई की जा रही है।



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