03:53 AM13 मई 2026
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AIADMK सांसद बोले- व्हिप को मानना जरूरी, नहीं तो कार्रवाई होगी

तमिलनाडु CM और TVK चीफ विजय मंगलवार को AIADMK विधायक सीवी षणमुगम के ऑफिस पहुंचे थे।
AIADMK के राज्यसभा सांसद आईएस इनबादुराई ने एक्स पर लिखा- एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी आलाकमान ने आधिकारिक व्हिप जारी किया है। विश्वास मत के दौरान, व्हिप के खिलाफ वोट देना, वोट न डालना, या तटस्थ रहना। ये सभी दलबदल कानून के तहत माने जाएंगे। कोई भी व्यक्ति अलग गुट के तौर पर काम कर रहा है या दावा कर रहा है वह अलग से व्हिप नियुक्त नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि जैसा शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि विधायक दल का व्हिप नियुक्त करने का अधिकार सिर्फ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के नेतृत्व के पास होता है, न कि विधायकों के किसी अलग हुए गुट के पास होता है।
AIADMK में फूट की चर्चा, षणमुगम गुट के पास 30 विधायक

AIADMK पार्टी के दो धड़ों में बंटने की चर्चा है। षणमुगम और वेलुमणि ने AIADMK के कई विधायकों के साथ विजय की सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है। षणमुगम ने पार्टी प्रमुख ईके पलानीसामी पर DMK के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- AIADMK की स्थापना DMK का विरोध करने के लिए हुई थी। हम DMK से जुड़ते तो खत्म हो जाते। सूत्रों के मुताबिक करीब 30 विधायक बागी खेमे में हैं। AIADMK ने 164 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 47 सीटें जीत सकी।














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