Punjab Farmers March Chandigarh | Raj Bhavan Gherao; Police Border Sealing


मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर पुलिस और किसानों में टकराव हो गया।

पंजाब के किसानों ने शुक्रवार (15 मई) को चंडीगढ़ कूच की कोशिश की। किसान विभिन्न मांगों को लेकर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिलने जा रहे थे। इसके लिए बड़ी संख्या में किसान मोहाली के YPS चौक पर जुटे, जहां से उनका चंडीगढ़ की ओर बढ़ने का कार्यक्रम था।

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किसानों के मार्च को देखते हुए पुलिस पहले से अलर्ट पर रही। पुलिस ने YPS चौक से चंडीगढ़ जाने वाले मुख्य रास्ते को सील कर दिया। इसके अलावा सेक्टर-50 की ओर जाने वाली सड़क पर भी भारी बैरिकेडिंग की गई, क्योंकि यह रास्ता राज्यपाल के आसपास के इलाके की तरफ जाता है।

इसके बावजूद किसान सेक्टर-50 वाले मार्ग पर आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। मौके पर तनाव बढ़ गया और किसानों व पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ लगी लोहे की चेन की मदद से बैरिकेडिंग उखाड़ दी और आगे बढ़ने का प्रयास किया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें भी छोड़ीं। इसके बाद किसानों ने SSP कंवरदीप कौर के साथ बैठक की। बाद में पंजाब राज्य भवन से आए एक अधिकारी को किसानों ने मांग पत्र दिया।

प्रदर्शन से जुड़े PHOTOS…

किसानों को रोकने पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ी।

किसानों को रोकने पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ी।

पंजाब के किसान बड़ी संख्या में मोहाली बॉर्डर पर इकट्ठा हुए हैं। वो बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ रहे हैं।

पंजाब के किसान बड़ी संख्या में मोहाली बॉर्डर पर इकट्ठा हुए हैं। वो बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ रहे हैं।

मोहाली बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन चल रहा है। इसमें काफी संख्या में महिलाएं पहुंची हुई है।

मोहाली बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन चल रहा है। इसमें काफी संख्या में महिलाएं पहुंची हुई है।

किसान प्रदर्शन करते हुए, किसान नेता नेता जोगिंगदर सिंह उगराहां भी पहुंचे।

किसान प्रदर्शन करते हुए, किसान नेता नेता जोगिंगदर सिंह उगराहां भी पहुंचे।

इन मांगों को लेकर प्रदर्शन

  • ‘दरियाई पानी’ पर नई मांगः किसान ‘दरियाई पानी’ (नदी के पानी) के बंटवारे को रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार करने की मांग कर रहे हैं और ‘पंजाब पुनर्गठन एक्ट’ की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं
  • बिजली और कृषि कानून: वे केंद्र के प्रस्तावित ‘बिजली संशोधन बिल 2025’ और ‘बीज कानून 2025’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
  • MSP की कानूनी गारंटी: लंबे समय से लंबित मांगों में सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी शामिल है।
  • सहकारी ऋण सीमाएं: किसान सहकारी समितियों द्वारा रद्द की गई ऋण सीमाओं को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। वे धान के सीजन के दौरान फुल क्षमता में बिजली और नहर के पानी की आपूर्ति की मांग कर रहे हैं।

चंडीगढ़ जाने वाली सड़क पर डायवर्जन

पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के पीछे वाली चंडीगढ़ जाने वाली सड़क पर डायवर्जन किया गया। मटौर बैरियर पर भी ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। बाकी सभी जगह ट्रैफिक सामान्य रूप से चलता रहा। और लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।

प्रदर्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



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