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चित्रकूट में मध्याह्न भोजन योजना (मिड डे मील) में छात्रों की संख्या बढ़ाकर दर्ज करने का मामला सामने आने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने सख्त कार्रवाई की है। मानिकपुर ब्लॉक के पांच विद्यालयों के 16 शिक्षकों का मई माह का वेतन रोक दिया गया है। निरीक्षण के दौरान वास्तविक उपस्थिति और रजिस्टर में दर्ज संख्या में भारी अंतर पाया गया। बीएसए बीके शर्मा ने मानिकपुर ब्लॉक के बजरंग जूनियर हाईस्कूल सपहा का निरीक्षण किया। विद्यालय में कुल 206 छात्र पंजीकृत मिले, लेकिन मौके पर केवल 15 बच्चे उपस्थित थे। जबकि मिड डे मील रजिस्टर में पिछले तीन दिनों से क्रमशः 112, 106 और 109 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी। अन्य विद्यालयों में भी मिली गड़बड़ी उच्च प्राथमिक विद्यालय ददरीमाफी में 67 पंजीकृत छात्रों में से केवल 16 छात्र मौजूद मिले, जबकि एमडीएम रजिस्टर में 36, 42 और 36 छात्रों की उपस्थिति दर्ज की गई थी। प्राथमिक विद्यालय ददरीमाफी में 31 छात्रों के सापेक्ष केवल चार बच्चे उपस्थित पाए गए, लेकिन रजिस्टर में संख्या अधिक दर्ज थी। कंपोजिट विद्यालय अमचुर नेरूवा में 146 पंजीकृत छात्रों में से 48 छात्र उपस्थित थे, जबकि एमडीएम रजिस्टर में 41, 82 और 79 छात्रों की संख्या अंकित मिली। पांचवें विद्यालय में व्यवस्थाएं मिलीं सही निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय घाटा कोलान में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। वहां उपस्थिति और रजिस्टर में दर्ज आंकड़े लगभग सही मिले। बीएसए ने रोका वेतन, मांगा स्पष्टीकरण बीएसए बीके शर्मा ने बताया कि निरीक्षण में वास्तविक उपस्थिति की तुलना में एमडीएम रजिस्टर में कहीं अधिक संख्या दर्ज मिली है। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों सहित पूरे स्टाफ का मई माह का वेतन रोक दिया गया है। उन्होंने सभी संबंधित शिक्षकों को तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बीएसए ने चेतावनी दी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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मिड डे मील गड़बड़ी पर 16 शिक्षकों का वेतन रुका:चित्रकूट में बीएसए ने तीन दिन में जवाब तलब किया, रजिस्टर में फर्जी उपस्थिति का खुलासा















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