युवती सुसाइड केस में बिजनेसमैन पर 25 हजार का इनाम:योगी की फटकार के बाद एक्शन में लखनऊ पुलिस, अपार्टमेंट पर चला बुलडोजर




लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाना क्षेत्र में सैलून मैनेजर रत्ना सिंह ने 12 मई को फांसी लगाकर जान दे दी। सुसाइड से पहले एक वीडियो बनाया, जिसमें बिजनेसमैन शरद सिंह, उसकी पत्नी पल्लवी सिंह, वैशाली, प्रशांत शर्मा और मंगलनाथ यादव पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। आरोप है कि घटना का वीडियो सामने आने के बाद शरद अपने रसूख का इस्तेमाल करने लगा। इसी का नतीजा रहा कि रत्ना के पिता की शिकायत पर केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस पर पीड़ित ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और अपना दर्द बताया। मामला सीएम तक पहुंचने के बाद लखनऊ पुलिस को फटकार लगी, तो ताबड़तोड़ एक्शन शुरु हो गया। मुख्य आरोपी का होटल और 3 कार सीज कर दी गई। उसके अपार्टमेंट में हुए अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला। उस पर और अन्य फरार आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया। उनकी तलाश के लिए छह टीमें लगीं, जो लखनऊ समेत अन्य जिलों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद पुलिस कार्रवाई की 4 तस्वीरें… 3 दिन तक कार्रवाई न होने पर सीएम से शिकायत रत्ना सिंह के पिता सुधीर ने एक वीडियो जारी करके बताया कि उनकी बेटी लखनऊ में विरासत कंपनी में काम करती थी। उसने 12 मई को फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। वीडियो में शरद सिंह सहित उसके साथियों का वीडियो में नाम लिया। जिसमें बताया कि इन लोगों ने शारीरिक व मानसिक रुप से प्रताड़ित किया। जिसकी वजह से ये कदम उठा रही हूं। 12 मई को नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया, जिसमें महज अब तक एक गिरफ्तारी हुई है। 15 मई की शाम को सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले। सीएम से पूरा भरोसा दिया कि न्याय मिलेगा। आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करवाऊंगा। न्याय प्रणाली पर भरोसा है, 16 मई बीत चुकी है। देखिए आगे क्या होता है? ‘गलत कामों को उजागर करने पर प्रताड़ित किया’ रत्ना सिंह के पिता सुधीर सिंह का कहना है बेटी आरोपी शरद सिंह के काले कामों के बारे में जान गई थी, जिसके लिए उसे परेशान किया जाने लगा था। वह होटल की आड़ में चल रहे गलत कामों में साथ नहीं देती थी, जिसके वजह से उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। बेटी काफी हिम्मती थी लेकिन टूट गई। कोई बात परिवार तक न पहुंचे, इसलिए मौत को गले लगा लिया। आरोप- पुलिस की लापरवाही के चलते आरोपी हुए फरार घटना के बाद पिता सुधीर सिंह की तहरीर पर गोमतीनगर विस्तार थाने में सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने 24 घंटे में एक आरोपी मंगलनाथ यादव को पकड़ा। वह शरद के होटल में काम करता था। जबकि घटना के बाद ही रत्ना का वीडियो पुलिस को मिल चुका था। आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के चलते मुख्य आरोपी शरद समेत अन्य आरोपियों को फरार होने का पूरा मौका मिला। दो दिन में दो बड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद 15 मई, शुक्रवार को गोमतीनगर विस्तार पुलिस ने शरद सिंह का शहीद पथ के किनारे बना विरासत होटल, सैलून और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। साक्ष्यों के आधार पर 16 मई, शनिवार को उसकी स्विफ्ट, स्कार्पियो और वोल्वो कार को पुलिस ने सीज कर दिया। आरोपी शरद से जुड़े निर्माणाधीन अपार्टमेंट और बिल्डिंग की जांच के लिए पुलिस ने एलडीए अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया। इसके बाद उसके अवैध निर्माण को भी ध्वस्त किया। एलडीए की टीम वर्तमान में मौजूदा समय में चल रहे कामों और दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वीडियो बनाकर किया था सुसाइड गोरखपुर निवासी रत्ना सिंह ने वीडियो बनाकर 12 मई को गोमतीनगर विस्तार के शालीमार विस्टा अपार्टमेंट में सुसाइड किया था। उसने बिजनेसमैन शरद सिंह, उसकी पत्नी पल्लवी जोशी, मंगल यादव, वैशाली और प्रशांत शर्मा के ऊपर गंभीर आरोप लगाए थे। रत्ना सिंह के पिता सुधीर कुमार सिंह की शिकायत पर गोमतीनगर विस्तार थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी रत्ना सिंह (31) को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। प्रताड़ना से परेशान होकर रत्ना ने सुसाइड कर लिया। डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया- मामले में फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की सर्विलांस सहित 6 टीमें गठित कर लखनऊ समेत अलग-अलग जिलों में दबिश दी जा रही है। जल्द से जल्द सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।



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