उज्जैन में चौड़ीकरण के दौरान मकान ढहा:जेसीबी कार्रवाई से परिवार बेघर, लाखों का सामान मलबे में दबा




उज्जैन के योगीपुरा क्षेत्र में चौड़ीकरण कार्रवाई के दौरान एक मकान पूरी तरह ढह गया, जिससे एक परिवार बेघर हो गया। मकान में रखा लाखों रुपए का सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और कई परिवार डर के चलते घर खाली कर रहे हैं। रहवासियों ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। रामघाट जाने वाली गली में चल रही चौड़ीकरण कार्रवाई के दौरान जेसीबी से तोड़फोड़ की जा रही थी। इसी दौरान राजेंद्र राव सावदेकर का मकान क्रमांक-12 पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मकान गिरने से घर में रखा टीवी, फ्रिज, कूलर, पंखे, गीजर, पानी की टंकी, किराना सामान और बर्तन सहित पूरी गृहस्थी मलबे में दब गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार्रवाई के दौरान मकान का मलबा गिरता दिखाई दे रहा है वहीं, गली में सामान बिखरा पड़ा है। घटना शनिवार देर शाम की है। मामला रविवार को तब सामने आया जब परिवार मुआवजे के लिए प्रशासन से गुहार लगाने पहुंचा। तस्वीरों में देखें घटना कार्रवाई के दौरान रिश्तेदार के घर में था परिवार पीड़ित दीपक राव सावदेकर ने बताया कि क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से नीचे की ओर चौड़ीकरण का काम चल रहा था। खतरे को देखते हुए परिवार शुक्रवार रात अस्थायी रूप से डायमंड कॉलोनी स्थित रिश्तेदार के घर चला गया था। शनिवार सुबह पड़ोसियों से मकान गिरने की सूचना मिली। परिवार का आरोप है कि प्रशासन ने न तो स्पष्ट जानकारी दी और न ही सामान निकालने के लिए पर्याप्त समय दिया। घटना के बाद परिवार अब किराए के मकान में रहने को मजबूर है। 7 फीट चौड़ीकरण की जानकारी काम 10 फीट तक हादसे के बाद आसपास के लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय निवासी कुणाल ने बताया कि पास के तीन मकान पहले ही धंस चुके हैं और अब उनका मकान भी गिरने का खतरा बना हुआ है। इसी वजह से उन्होंने भी घर खाली कर दिया है। बताया जा रहा है कि करीब 15 परिवार इस कार्रवाई से प्रभावित हो रहे हैं। सीएम से मदद की गुहार पीड़ित की मां सुलोचना सावदेकर ने रोते हुए कहा कि उनका सब कुछ खत्म हो गया और अब वे सड़क पर आ गए हैं। वहीं प्रशांत सावदेकर ने आरोप लगाया कि पहले 7 फीट चौड़ीकरण की बात कही गई थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 10 फीट कर दिया गया और बिना सूचना मकान तोड़ दिया गया। उनका कहना है कि करीब 25 लाख रुपए का नुकसान हुआ है और घर का एक-एक सामान टूट गया। परिवार ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। सुरक्षा दीवार बनाकर काम होगा वहीं भवन अधिकारी राजकुमार राठौर का कहना है कि मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा। साथ ही अन्य मकानों को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने का काम किया जा रहा है।



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