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चंदौली जिले के अरंगी गांव में रविवार दोपहर ‘भूमि बचाओ संघर्ष समिति’ द्वारा किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें बरहनी ब्लॉक के चार दर्जन से अधिक गांवों के सैकड़ों किसान शामिल हुए। किसानों ने कर्मनाशा नदी के किनारे से गुजरने वाले विंध्य लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण का कड़ा विरोध किया। महापंचायत में किसानों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि वे एक्सप्रेसवे के लिए अपनी जमीनों का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। किसानों ने चेतावनी दी कि इसके लिए उन्हें किसी भी हद तक संघर्ष करना पड़ेगा। उनका आरोप है कि यह उपजाऊ जमीनों पर कब्जा कर किसानों को भूमिहीन बनाने की योजना है। किसानों ने बताया कि विंध्य लिंक एक्सप्रेसवे बरहनी ब्लॉक में कर्मनाशा नदी के किनारे बसे गांवों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना के लिए शासन-प्रशासन द्वारा जमीनों का अधिग्रहण किया जाना है। किसानों का कहना है कि इस क्षेत्र की जमीनें अत्यधिक उपजाऊ हैं।
किसानों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी सूरत में अपनी उपजाऊ जमीन एक्सप्रेसवे के लिए नहीं देंगे। किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव और रतन सिंह ने कहा कि बरहनी ब्लॉक के गांवों को ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है। ऐसे में उपजाऊ जमीनों के बीच से लिंक एक्सप्रेसवे बनाना किसानों के साथ सौतेला व्यवहार होगा। अन्य किसानों ने भी दोहराया कि वे लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन नहीं देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों ने दबाव डालने का प्रयास किया, तो किसान सड़कों पर उतरकर अंतिम समय तक लड़ाई लड़ेंगे। इस दौरान अनुज सिंह, विजय शंकर सिंह, शिव बच्चन सिंह, दुर्गा दत्त तिवारी, रतन सिंह, दीनानाथ श्रीवास्तव, अशोक सिंह, महेश्वर सिंह, जनार्दन सिंह, राजकुमार सिंह, रविशंकर सिंह, बबलू पाण्डेय, राहुल सिंह, अपरबल शर्मा, मिथिलेश सिंह, उदयचंद कुमार, सुमंत सिंह अन्ना और अशोक यादव सहित कई किसान मौजूद रहे।
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विंध्य लिंक एक्सप्रेसवे का विरोध, किसान नहीं देंगे जमीन:चंदौली में महापंचायत, उपजाऊ भूमि अधिग्रहण न करने का फैसला















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