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- Devotees From UP, Bengal And Japan Arrived To Have Darshan Of The Mother Goddess; For The First Time, Maha Aarti Was Performed On The Lines Of Ganga Today.
रांची10 घंटे पहले
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हिनू स्थित मां काली मंदिर एक विशेष आस्था के केंद्र के रूप में जाना जाता है। विशेष कर बड़ा पूजा के दौरान इस मंदिर की भव्यता बढ़ जाती है। तीन दिवसीय बड़ा पूजा महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को मंदिर परिसर में भक्तों का जनसैलाब देखने को मिला। सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मां काली के दर्शन किए। मां काली मंदिर का पट खुलते ही सुबह 3 बजे से मां के भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालु रात 11 बजे तक दर्शन के लिए आते रहे। झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, बंगाल, ओिडशा, दिल्ली, नागपुर, टोक्यो, यूपी समेत कई राज्यों से श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचे। सुबह में महाआरती के समय मां के सम्मान में होम गार्ड की बैंड टीम ने अपनी प्रस्तुति दी। शाम की आरती के समय जैप के जवानों की बैंड ने भी प्रस्तुति दी। मां काली को तीन पहर 56 प्रकार के मिष्ठान का भोग लगाया गया। दोपहर 12 बजे से देर रात तक सवा लाख से ज्यादा लोगों ने खिचड़ी-सब्जी के महाभोग का प्रसाद लिया। मोरहाबादी निवासी जयंत रॉय बताते हैं कि बड़ा पूजा पर भोग का निर्माण वर्षों से किया जा रहा है। करीब 40 कारीगरों की टीम भोग प्रसाद का निर्माण करते हैं।
आज शाम 4 बजे से माता का जागरण
17 मई को शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक मां का जागरण होगा, जिसमें भजन गायक श्रोताओं को मधुरवाणी में भजन सुनाएंगे। शाम 7 बजे पहली बार मां काली की आरती बनारस की तर्ज पर होगी। रांची सांसद संजय सेठ, विधायक नवीन जायसवाल, सुबोधकांत सहाय समेत लाखों श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए।
मां के आशीर्वाद से टोक्यो में लगी नौकरी : विकास
डोरंडा निवासी विकास रंजन बताते हैं कि मां काली से प्रार्थना करने के बाद उनकी नौकरी जापान के टोक्यो में एक बड़ी कंपनी में लगी है। इसके बाद से प्रत्येक बड़ा पूजा में वे 20 दिनों की छुट्टी लेकर रांची आते हैं, ताकि बड़ा पूजा में भाग ले सके।
मां ही बुलाती हैं, तभी 30 सालों से आ रहा हूं : जय प्रकाश
धनबाद के जय प्रकाश सिंह ने बताया कि वे पिछले 30 वर्षों से मां के दरबार में आस्था के साथ आते रहे हैं। उन्हें किसी परिचित से मंदिर की जानकारी मिली थी। मां के प्रति ऐसा गहरा जुड़ाव बना कि यह सिलसिला आज तक जारी है। इस बार भी बड़ा पूजा में शामिल होने आए हैं।
सरायकेला-खरसवां की नगाड़ा टीम रही आकर्षण का केंद्र
मां काली को 56 भोग लगा, सवा लाख भक्तों में बंटा भोग











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