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पुरुषोत्तम मास के शुभारंभ के साथ ही भगवान शिव की नगरी काशी में पंचक्रोशी परिक्रमा यात्रा का क्रम रविवार से शुरू हो गया। साधु-संतों एवं देशभर से आए हजारों श्रद्धालु विधि-विधानपूर्वक इस पुण्यदायिनी यात्रा में भाग ले रहे हैं। करीब 84 किलोमीटर लंबी इस पंचक्रोशी यात्रा को श्रद्धालु पांच दिनों में पूर्ण करते हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालु श्रीकाशी की परिक्रमा करते हुए पांच प्रमुख पड़ावों पर स्थित मंदिरों सहित मार्ग के दक्षिण दिशा में पड़ने वाले सभी मंदिरों में दर्शन-पूजन करते हैं। यह यात्रा पूरे पुरुषोत्तम मास में लगातार 30 दिनों तक चलती रहती है। मणिकर्णिका कुंड में स्नान कर शुरू होती है यात्रा यात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालु एक दिन पूर्व ही काशी पहुंचने लगे थे। प्रतिपदा तिथि पर श्रद्धालुओं ने मणिकर्णिका घाट पर स्नान कर कुंड से जल लेकर संकल्प किया। इसके बाद भगवान दंडपाणि, ढूंढिराज गणेश एवं बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर यात्रा आरंभ की। श्रद्धालु प्रतिदिन निर्धारित पांच पड़ावों पर विश्राम करते हुए अंतिम पड़ाव कपिलधारा पहुंचते हैं और पुनः मणिकर्णिका घाट तथा बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद ज्ञानवापी क्षेत्र के निकट संकल्प त्याग कर यात्रा पूर्ण करते हैं। जो श्रद्धालु पैदल यात्रा करने में असमर्थ हैं, वे वाहनों से भी काशी परिक्रमा कर रहे हैं। महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोषानंद गिरि ने शुरू की यात्रा प्रथम दिवस पर कैलाश मठ के महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोषानंद गिरि महाराज के नेतृत्व में सैकड़ों शिष्यों एवं भक्तों ने मणिकर्णिका घाट पर गंगा स्नान कर संकल्प लिया और विधिवत पंचक्रोशी यात्रा का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री के आह्वान से प्रेरित होकर इस वर्ष यात्रा “नो फ्यूल यात्रा” थीम पर आयोजित की जा रही है। संत समाज पैदल चलकर धर्म, संयम और प्रकृति संरक्षण का संदेश देगा। महामंडलेश्वर महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व अनेक संकटों से गुजर रहा है और ऐसे दौर में सनातन संस्कृति, तप, जप एवं साधना ही मानवता को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से पुरुषोत्तम मास में प्रातः स्नान, तर्पण, दीपदान, विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र, शिव महिम्न स्तोत्र एवं श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ का आह्वान किया।
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काशी में पंचक्रोशी परिक्रमा की हुई शुरूआत:महामंडलेश्वर स्वामी आशुतोषानंद गिरि ने नो फ्यूल यात्रा का लिया संकल्प,बोले-विश्व संकट खत्म हो संत यही कामना करेंगे















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