Jharkhand Board 12th Results 2026


झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने बुधवार को 12वीं कक्षा के तीनों स्ट्रीम (कला, वाणिज्य और विज्ञान) के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा में छात्राओं का कुल प्रदर्शन बेहतर रहा है।

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कला संकाय ने 96.14% के साथ सबसे शानदार प्रदर्शन किया, जबकि वाणिज्य संकाय का परिणाम 93.37% और विज्ञान संकाय का परिणाम 82.92% रहा। लाखों विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं।

चार परीक्षार्थियों को केवल पास श्रेणी में रखा गया

कला संकाय में कुल 2,12,721 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 2,11,095 परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 2,02,962 परीक्षार्थी सफल रहे, जिससे उत्तीर्ण प्रतिशत 96.14 रहा। प्रथम श्रेणी में 1,07,694 विद्यार्थी, द्वितीय श्रेणी में 91,317 और तृतीय श्रेणी में 3,947 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। चार परीक्षार्थियों को केवल पास श्रेणी में रखा गया है।

विज्ञान संकाय में कुल 90,638 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 90,168 परीक्षा में शामिल हुए। इस संकाय में 74,771 परीक्षार्थी सफल हुए, जिससे उत्तीर्ण प्रतिशत 82.92 रहा। विज्ञान में 61,589 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में, 13,163 द्वितीय श्रेणी में और 16 विद्यार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। तीन परीक्षार्थियों को पास श्रेणी में रखा गया है।

टॉपर की लिस्ट।

टॉपर की लिस्ट।

वाणिज्य संकाय का संतुलित प्रदर्शन, 93.37% रहा रिजल्ट वाणिज्य संकाय में इस बार कुल 21,228 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया, जिनमें से 21,078 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 19,681 परीक्षार्थी सफल रहे, जिससे कुल रिजल्ट 93.37% दर्ज किया गया।

प्रथम श्रेणी में 12,030 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की, जबकि 7,468 विद्यार्थियों को द्वितीय श्रेणी और 183 विद्यार्थियों को तृतीय श्रेणी में सफलता मिली। वाणिज्य संकाय का यह प्रदर्शन संतुलित माना जा रहा है, जहां अच्छे प्रतिशत के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उच्च श्रेणी में सफलता प्राप्त की है।

छात्रों में खुशी, आगे की पढ़ाई को लेकर उत्साह इधर, रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल है। कई छात्रों ने बेहतर अंक हासिल कर अपने करियर की दिशा तय करने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, शिक्षकों का कहना है कि इस बार के परिणाम से यह स्पष्ट है कि छात्रों ने मेहनत की है और शिक्षा के स्तर में सुधार हुआ है।

अब सफल छात्र उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटेंगे। कुल मिलाकर इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का यह परिणाम राज्य के शैक्षणिक माहौल के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।



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