भोपाल9 मिनट पहले
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स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग ने ब्रिज कोर्स के नाम पर प्राथमिक विद्यालयों के बीएड धारक शिक्षकों के प्रोबेशन पीरियड खत्म करने पर अड़ंगा लगा दिया है। ब्रिज कोर्स कराना सरकार और विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन नए शिक्षकों की नियुक्ति के तीन साल बाद भी यह कोर्स नहीं कराया गया। अब ऐसे शिक्षकों का प्रोबेशन पीरियड खत्म करने से पहले ब्रिज कोर्स पूरा करना अनिवार्य बताया जा रहा है।
6 माह का ब्रिज कोर्स पूरा करने की अनिवार्यता रख दी
ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन (टीडब्ल्यूटीए) ने इसका विरोध करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रोबेशन पीरियड समाप्त करने की मांग की है। शिक्षकों की पात्रता परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब प्रदेश के शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड धारक प्राथमिक शिक्षकों की तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि (Probation Period) समाप्त करने की मांग तेज हो गई है।
एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश के हजारों प्राथमिक शिक्षक तीन वर्षों से निष्ठा और समर्पण के साथ सेवाएं दे रहे हैं। विभाग ने परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की प्रक्रिया तो शुरू की, लेकिन बीएड धारक शिक्षकों के सामने पहले 6 माह का ब्रिज कोर्स पूरा करने की अनिवार्यता रख दी गई है।
एसोसिएशन ने कहा कि इन शिक्षकों ने भर्ती नियमों के अनुसार परीक्षा उत्तीर्ण कर नियुक्ति प्राप्त की थी और तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि भी पूरी कर ली है। ब्रिज कोर्स का समय पर आयोजन कराना विभाग और शासन की जिम्मेदारी थी, लेकिन ऐसा नहीं होने का खामियाजा अब शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है।
प्रोबेशन खत्म नहीं होने से ट्रांसफर और इंक्रीमेंट अटके
इस स्थिति के कारण हजारों शिक्षक आर्थिक और मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं। परिवीक्षा अवधि लंबित रहने से उन्हें समय पर पूरा वेतनमान, वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) और स्थानांतरण नीति का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में यह भी बताया है कि कई शिक्षकों ने ब्रिज कोर्स के लिए नामांकन कर शुल्क भी जमा कर दिया है। इससे स्पष्ट है कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
परिवीक्षा अवधि तत्काल सशर्त समाप्त की जाए
ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर और प्रांत सचिव हेमेंद्र मालवीय ने मांग की है कि जिन बीएड धारक शिक्षकों ने ब्रिज कोर्स के लिए नामांकन कर शुल्क जमा कर दिया है, उनकी परिवीक्षा अवधि तत्काल सशर्त समाप्त की जाए।
साथ ही आदेश में यह शर्त जोड़ी जा सकती है कि निर्धारित समय-सीमा में ब्रिज कोर्स उत्तीर्ण नहीं करने पर संबंधित शिक्षक की सेवा स्वतः समाप्त मानी जाएगी। इससे शासन के नियम भी सुरक्षित रहेंगे, शिक्षकों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी और हजारों शिक्षकों को राहत मिल सकेगी। यह पत्र स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिवों तथा आयुक्तों को भी भेजा गया है।
















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