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प्रयागराज में दवा दुकानों की प्रस्तावित बंदी को लेकर दवा व्यापारियों के दो गुट आमने-सामने दिखाई दिए। एक ओर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की ओर से दवा दुकानों को बंद रखने का आह्वान किया गया, वहीं दूसरी ओर प्रयाग केमिस्ट एसोसिएशन ने बंदी से किनारा करते हुए मरीजों के हित में अधिकांश फुटकर दवा दुकानों को खुला रखने का निर्णय लिया। इसको लेकर पूरे दिन शहर के दवा बाजारों में हलचल बनी रही। प्रयाग केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष लालू मित्तल ने व्यापारियों के साथ शहर के विभिन्न बाजारों और अस्पताल क्षेत्रों का भ्रमण कर दुकानदारों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दवा का व्यापार केवल व्यवसाय नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है। प्रयागराज में दूर-दराज जिलों और अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में भीषण गर्मी के दौरान दवा दुकानों को बंद रखना मरीजों के साथ अन्याय होता।
एसोसिएशन के अनुसार कमला नेहरू अस्पताल, फीनिक्स अस्पताल, करेली, अतरसुइया, नैनी, झूंसी, फाफामऊ, लालगोपालगंज, भरवारी और कुंडा समेत कई इलाकों में मेडिकल स्टोर सामान्य रूप से खुले रहे। अस्पतालों के आसपास मरीजों और उनके परिजनों को दवाएं आसानी से मिलती रहीं, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। वहीं, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की ओर से कई स्थानों पर पोस्टर लगाकर दवा दुकानों को बंद रखने की अपील की गई। कुछ व्यापारियों पर बंदी को समर्थन देने का दबाव बनाने की भी चर्चा रही। हालांकि बड़ी संख्या में दुकानदारों ने मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए दुकानें खुली रखीं। दवा व्यापारियों के बीच इस मुद्दे पर साफ तौर पर दो गुट बन गए। एक गुट बंदी के समर्थन में रहा, जबकि दूसरा गुट जनहित और मरीजों की परेशानी को देखते हुए बंदी के विरोध में नजर आया। पूरे दिन शहर में इसी मुद्दे को लेकर चर्चा होती रही।
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प्रयागराज में दवा बंदी पर दो गुट आमने-सामने:प्रयाग केमिस्ट एसोसिएशन ने मरीजों के हित में दुकानें खुली रखीं















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