पुष्पेंद्र कुमार तिवारी | बलिया2 मिनट पहले
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बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में बुधवार शाम विकास भवन सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति और जिला पर्यावरण समिति की बैठक हुई। इसमें वर्ष 2026 के वृक्षारोपण अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई और थीम आधारित वनों की स्थापना पर विशेष जोर दिया गया।
सदस्य सचिव जिला वृक्षारोपण समिति एवं प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग पृथ्वीराज के.एस.बी. ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन ने वर्ष 2026 में विभिन्न उद्देश्यों के लिए विशेष प्रकार के वन विकसित करने की योजना बनाई है।
सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर वृक्षारोपण
शासनादेश के अनुसार, ‘मिशन छाया’, ‘वंदे मातरम वाटिका’, ‘महर्षि चरक औषधि वन’, ‘समरस वन’, ‘समृद्धि वन’, ‘कपि वन’, ‘ऊर्जा वन’, ‘अविरल धारा वृक्षारोपण’ और ‘ग्रीन चौपाल’ जैसे कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी गई है।
‘मिशन छाया’ के तहत हीट वेव से राहत दिलाने के लिए सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर पीपल, बरगद, पाकड़, नीम, आम और कदम्ब जैसे छायादार वृक्षों का रोपण किया जाएगा। ‘वंदे मातरम वाटिका’ के अंतर्गत स्वतंत्रता दिवस पर 150 पौधों का रोपण कर विशेष वाटिका स्थापित की जाएगी।

फलदार पौधों का रोपण कर ‘कपि वन’ स्थापित
साथ ही, महर्षि चरक की स्मृति में औषधीय पौधों के रोपण से ‘महर्षि चरक औषधि वन’ विकसित किया जाएगा। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती पर ‘समरस वन’ की स्थापना की जाएगी।
किसानों की आय बढ़ाने और कृषि वानिकी को प्रोत्साहित करने के लिए ‘समृद्धि वन’ विकसित किए जाएंगे। वहीं, बंदरों के बढ़ते उत्पात को नियंत्रित करने के लिए शहरों के बाहर फलदार पौधों का रोपण कर ‘कपि वन’ स्थापित किए जाएंगे। ऊर्जा संकट को देखते हुए तेजी से बढ़ने वाली प्रजातियों के पौधों का रोपण कर ‘ऊर्जा वन’ विकसित करने की योजना भी बैठक में प्रस्तुत की गई।
इसके अतिरिक्त, गंगा एक्सप्रेस-वे की 593 किलोमीटर लंबी दोनों पटरियों पर 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.50 लाख पौधों का रोपण किए जाने की जानकारी दी गई। नदियों के पुनरोद्धार के लिए ‘अविरल धारा वृक्षारोपण’ कार्यक्रम के तहत नदियों के दोनों तटों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराया जाएगा। इसमें नमामि गंगे, सिंचाई विभाग, ग्राम्य विकास एवं नगर विकास विभाग की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
देशी प्रजातियों के पौधों के व्यापक रोपण
बैठक में ‘सहजन भंडारा’ एवं ‘आम भंडारा’ अभियान के तहत सहजन और आम की देशी प्रजातियों के पौधों के व्यापक रोपण और वितरण पर भी चर्चा हुई। सभी ग्राम पंचायतों में ‘ग्रीन चौपाल’ आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण व सतत विकास के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
यह भी बताया गया कि वृक्षारोपण अभियान 2026 के अंतर्गत ‘भाई-बहन वृक्षारोपण (रक्षाबंधन वाटिका)’ तथा ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ कार्यक्रम भी गत वर्षों की भांति आयोजित किए जाएंगे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ओजस्वी राज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
















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