जामताड़ा में जनगणना मैपिंग में गड़बड़ी का आरोप:नावाडीह के ग्रामीणों ने प्रखंड मुख्यालय में किया प्रदर्शन, जांच और सुधार की मांग




जामताड़ा प्रखंड के नावाडीह गांव के सौ से अधिक ग्रामीणों ने गुरुवार को प्रखंड मुख्यालय में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जनगणना 2026 के मैपिंग कार्य में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए तत्काल जांच और सुधार की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि नावाडीह गांव का मैपिंग नंबर 0009 से बदलकर 0226 कर दिया गया है। यह नया नंबर करमाटांड़ प्रखंड के अंतर्गत आता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस बदलाव से गांव की लगभग 70 प्रतिशत आबादी का रिकॉर्ड जामताड़ा के बजाय करमाटांड़ प्रखंड की मोहनपुर पंचायत में दर्ज हो रहा है। उनका कहना है कि इससे भविष्य में मतदान, सरकारी योजनाओं के लाभ और अन्य प्रशासनिक कार्यों में बड़ी समस्याएं आ सकती हैं। ग्रामीण अखिम जावेद खान ने बताया कि गलत मैपिंग के कारण नावाडीह गांव के निवासी जामताड़ा के बजाय करमाटांड़ प्रखंड के अंतर्गत दिख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे बूथ संख्या भी गलत प्रदर्शित हो रही है। जावेद खान ने आरोप लगाया कि मैपिंग का कार्य बिना पर्याप्त जांच और अनुमति के किया जा रहा है। नावाडीह स्कूल को भी नदिया चौक क्षेत्र में दिखाया गया: ग्रामीण ग्रामीणों के अनुसार, जनगणना मैपिंग के दौरान नावाडीह स्कूल को भी नदिया चौक क्षेत्र में दिखाया गया है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जल्द सुधार की मांग की। विक्रम कुमार दास ने बताया कि उनका बूथ संख्या 226 दर्शाया जा रहा है, जबकि पहले ऐसा नहीं था। उन्होंने मैपिंग में गांव को नदिया चौक क्षेत्र में दिखाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने मांग की कि जनगणना कार्य पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया जाए, ताकि आबादी और मतदान क्षेत्र में कोई गड़बड़ी न हो। इस प्रदर्शन में मनोज मंडल, बापी दास, एजाज खान, समीम खान, मोबीन खान, संजय दास, मनोज दास, शमशेर खान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। त्रुटि सामने आती है तो उसमें सुधार की पूरी संभावना: जिला सांख्यिकी पदाधिकारी इधर, मामले पर जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सुजीत कुमार ने कहा कि जनगणना मैपिंग का कार्य प्रशिक्षित टेक्नीशियनों के माध्यम से कराया जा रहा है। यदि किसी प्रकार की त्रुटि सामने आती है तो उसमें सुधार की पूरी संभावना है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी गैप और ओवरलैपिंग जैसी तकनीकी त्रुटियां सामने आई थीं, जिन्हें विभाग द्वारा ठीक कर दिया गया था। हालांकि नावाडीह गांव का मामला अलग प्रकृति का है और यह उनके संज्ञान में आया पहला ऐसा मामला है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर जल्द आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।



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