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दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस से एक महिला ने अपने डेढ़ माह के बच्चे को चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया। इस घटना में बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। महिला ने अपने तीन वर्षीय दूसरे बच्चे को भी फेंकने का प्रयास किया, लेकिन यात्रियों की सतर्कता से उसकी जान बच गई। यह घटना राजखरसावां और महालीमरूप स्टेशन के बीच हुई। महिला ने ऐसा क्यों किया, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेन तेज रफ्तार में थी, तभी महिला अचानक अपनी सीट से उठी और गोद में सो रहे बच्चे को खिड़की से बाहर फेंक दिया। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि कोच में मौजूद यात्री पहले कुछ समझ नहीं पाए। इसके बाद जब महिला दूसरे बच्चे को भी खिड़की की ओर ले जाने लगी, तो यात्रियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उसे बचा लिया। झाड़ियों के पास से बच्चे का शव बरामद किया गया घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) सक्रिय हो गई। सिनी पोस्ट से पहुंचे जवानों ने महालीमरूप और राजखरसावां स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर तलाशी अभियान चलाया। काफी खोजबीन के बाद झाड़ियों के पास से बच्चे का शव बरामद किया गया। पुलिस जांच में महिला की पहचान पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव क्षेत्र निवासी मुद्रावती गोप उर्फ हसीना बेगम के तौर पर हुई है। उसके पति की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी शाहबुद्दीन के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, दोनों ने प्रेम विवाह किया था और हैदराबाद में रह रहे थे। घटना के बाद महिला को चाईबासा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारकर हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद राजखरसावां आरपीएफ उसे अपने साथ ले गई। पुलिस इस मामले में मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
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मां ने बच्चे को चलती ट्रेन से फेंका, मौत:यात्रियों ने दूसरे बच्चे की जान बचाई, राजखरसावां और महालीमरूप स्टेशन के बीच हुई घटना












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