टीआई रचना पटेल समेत तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को मंगलवार को लाइन अटैच किया गया था।
पन्ना में सर्राफा व्यापारी को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 95 हजार रुपए वसूलने वाले 3 पुलिसकर्मियों समेत 4 लोगों पर FIR की गई है। मामले में मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल, हेड कॉन्स्टेबल रज्जाक खान, कॉन्स्टेबल रामशरण और उनके साथी बृजेश यादव के खिला
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चारों फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापे मार रही हैं।
फरियादी मोहनलाल सोनी (40 वर्ष) रीवा के तरहटी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 15 मई को पन्ना एसपी निवेदिता नायडू को लिखित शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि 14 मई की दोपहर करीब एक बजे वे अपनी कार से बागेश्वर धाम के लिए निकले थे। शाम करीब 5 बजे पन्ना के मड़ला गांव के पास पहुंचे तो एक पेट्रोल पंप के सामने अपनी गाड़ी पार्क कर रहे थे।
इसी दौरान सिविल कपड़ों में दो युवक वहां आ गए। उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया और सोनी पर गांजा तस्करी के आरोप लगाए। सोनी के इससे इनकार करने पर उन्होंने जबरन कार के दरवाजे खुलवाए। फिर, सीट से एक काली पॉलिथीन निकालकर दिखाई। युवकों ने दावा किया कि पॉलिथीन में गांजा है।

बोले- तुम्हारा मैटर निपटाते हैं
मोहनलाल ने खुद को सर्राफा कारोबारी बताते हुए पैकेट के बारे में जानकारी होने से मना किया। इस पर एक युवक ने धमकाते हुए कहा, “यह मड़ला थाने के मुंशी रज्जाक खान हैं। मेरा नाम बृजेश यादव है। मैं शराब ठेके पर काम करता हूं। चलो, तुम्हारा मैटर निपटाते हैं।”
इसके बाद दोनों युवक व्यापारी की कार में बैठ गए। कुछ दूर शराब दुकान पर जाकर कार रुकवा दी।
मोहनलाल सोनी ने बताया कि शराब दुकान के पास पहुंचते ही वर्दी पहने एक पुलिसवाला आ गया। उसकी नेम प्लेट पर ‘रामशरण’ लिखा था। तीनों मिलकर मोहनलाल को दुकान के पीछे ले गए। वहां करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखा।

एसपी निवेदिता नायडू ने मामले की जांच कराई, जिसमें पुलिसकर्मियों पर आरोप साबित हुए हैं।
95 हजार रुपए में तय हुआ सौदा
रामशरण ने कहा कि गांजा तस्करी के केस से बचने के लिए एक लाख रुपए दे दो। व्यापारी के काफी हाथ-पैर जोड़ने के बाद सौदा 95 हजार रुपए में तय हुआ। इसके बाद मोहनलाल ने 45 हजार नकद दिए जबकि 50 हजार रुपए अलग-अलग नंबरों और क्यूआर कोड पर ऑनलाइन ट्रांसफर किए।
पैसे ऐंठने के बाद ही आरोपियों ने मोहनलाल को छोड़ा, जिसके बाद वे सीधे रीवा अपने घर लौट गए।

कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने मामले में आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
जांच में सच साबित हुए आरोप
व्यापारी की शिकायत पर पन्ना एसपी निवेदिता नायडू ने मामले की जांच कराई। इसमें साबित हो गया कि मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल, पुलिसकर्मी रज्जाक खान, रामशरण अहिरवार और शराब दुकान के कर्मचारी बृजेश यादव ने मिलकर अवैध वसूली को अंजाम दिया था।
इस पर एसपी नायडू ने पन्ना पुलिस लाइन के सब इंस्पेक्टर रामकृष्ण पांडे द्वारा मड़ला थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। आगे की जांच एएसआई वृंदावन प्रजापति को सौंपी गई है।
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पन्ना में थाना प्रभारी, ASI और आरक्षक निलंबित

पन्ना एसपी निवेदिता नायडू ने मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल, एएसआई रज्जाक खान और आरक्षक रामशरण को निलंबित कर दिया है। इन पुलिसकर्मियों पर वाहन चेकिंग के दौरान एक व्यापारी को डरा-धमकाकर अवैध वसूली करने का आरोप है। विभागीय जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। पढ़ें पूरी खबर…














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