Approval was given to build a sewage treatment plant at a cost of Rs 691.55 lakh.


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नगर पालिका क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही गंदे पानी और सीवेज की समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शहर में 2.00 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की स्थापना को मंजूरी मिल गई है।

इस परियोजना की अनुमानित लागत 691.55 लाख रुपए निर्धारित की गई है। नगर पालिका के पार्षद एवं जलकार्य विभाग के पूर्व सभापति दीपक लोढा ने बताया कि वर्तमान में शहर के विभिन्न वार्डों, रिहायशी इलाकों और मुख्य नालों से निकलने वाला दूषित पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे निचले क्षेत्रों और स्थानीय जल स्रोतों में पहुंच रहा है। इसके कारण भूजल प्रदूषण की समस्या लगातार बढ़ रही है और आसपास के क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों एवं मच्छरों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण स्वच्छ भारत मिशन एसबीएम 2.0 के मानकों के अनुरूप किया जाएगा। प्लांट शुरू होने के बाद शहर के गंदे पानी को आधुनिक मैकेनिकल एवं बायोलॉजिकल तकनीक के माध्यम से शुद्ध किया जाएगा। उपचारित पानी का उपयोग नगर पालिका द्वारा विभिन्न सार्वजनिक कार्यों में किया जाएगा। इसमें पार्कों की सिंचाई, सड़कों की सफाई, फायर ब्रिगेड कार्यों तथा निर्माण गतिविधियों में पानी का उपयोग शामिल है। इससे पेयजल की अनावश्यक बर्बादी पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी।



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