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बालोद जिला न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (FTSC/POCSO) कृष्ण कुमार सूर्यवंशी ने मूकबधिर नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में 68 वर्षीय आरोपी गजानंद राव को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई। आरोपी को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO) की धारा 5 (ट), (ड), (ञ) के तहत अपराध का दोषी पाते हुए धारा 6 के अंतर्गत 20-20 साल का सश्रम कारावास और 500-500 रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया। होली के दिन वारदात को दिया अंजाम विशेष लोक अभियोजक बसंत कुमार देशमुख ने बताया कि 10 जून 2025 को पीड़िता के पेट में दर्द होने पर उसकी मां उसे शासकीय अस्पताल लेकर पहुंची। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि पीड़िता लगभग दो माह की गर्भवती है। इसके बाद मां ने मूकबधिर पीड़िता से इशारों के माध्यम से पूछताछ की। पीड़िता ने बताया कि होली के दिन (14 मार्च 2025) की सुबह लगभग 10 बजे आरोपी उसे अपने बाथरूम में ले गया और उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद आरोपी ने कई बार ऐसा किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इन धाराओं के तहत कार्रवाई पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 64 (2) (के), 64 (2) (एम) और POCSO एक्ट की धारा 4, 5, 5 (एल), 5 (क्यू), 5 (के), 16 के तहत अपराध दर्ज किया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई।
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बालोद में मूक-बधिर नाबालिग से रेप:दो माह की गर्भवती होने पर खुलासा; कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 20 साल की सजा














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