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भास्कर न्यूज | कोडरमा जिले के सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए करीब दो माह होने को हैं, लेकिन अब तक विद्यार्थियों के हाथों में पूरी किताबें नहीं पहुंच सकी हैं। स्थिति यह है कि दूसरी कक्षा के बच्चों को अब तक एक भी पुस्तक प्राप्त नहीं हुई और न ही वितरण हो पाया है। वहीं तीसरी से छठी कक्षा तक कई प्रखंडों में मांग के अनुरूप किताबें नहीं मिलने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अब गर्मी की छुट्टी भी घोषित हो चुकी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बिना किताबों के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता कैसे बेहतर होगी। झारखंड एजुकेशन प्रोजेक्ट, कोडरमा की 2026-27 की पाठ्यपुस्तक वितरण रिपोर्ट के अनुसार जिले में कक्षा-2 के लिए कुल 1698 पुस्तकों की मांग भेजी गई थी, लेकिन अब तक एक भी किताब प्राप्त नहीं हुई। यानी वितरण शून्य प्रतिशत रहा। सरकारी स्कूल में अध्ययनरत बच्चे। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बावजूद जिले के सरकारी स्कूलों में अब तक सभी बच्चों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। सबसे खराब स्थिति दूसरी कक्षा की है, जहां राज्य सरकार की ओर से अब तक एक भी किताब विद्यालयों तक नहीं पहुंचाई गई है। इससे छोटे बच्चों की पढ़ाई सबसे अधिक प्रभावित हुई है। जानकारी के अनुसार कक्षा 1 तथा कक्षा 3 से 6 तक की लगभग 50 प्रतिशत किताबें ही स्कूलों में पहुंच पाई हैं। किताबों की कमी के कारण प्राथमिक वर्ग के बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक भी बिना किताबों के नियमित पढ़ाई कराने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। कई स्कूलों में बच्चे पुराने नोट्स और कॉपियों के सहारे पढ़ाई कर रहे हैं। प्रखंडवार आंकड़ों में भी कई जगह भारी कमी सामने आई है। चंदवारा, डोमचांच, जयनगर, मरकच्चो और सतगावां प्रखंडों में कई कक्षाओं की पुस्तकें पूरी संख्या में नहीं पहुंची हैं। कुछ जगहों पर जितनी पुस्तकें मिलीं, उससे अधिक वितरण दिखाया गया है, जिससे व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि पुस्तक वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शेष किताबें जैसे ही प्राप्त होंगी, उनका भी विद्यालयों के माध्यम से वितरण करा दिया जाएगा।
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गर्मी की छुट्टी शुरू… सरकारी स्कूलों में नहीं बांटी किताबें, कैसे पढ़ेंगे बच्चे?














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