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भिलाई में साइबर ठगों ने एक बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी को निशाना बनाते हुए 20 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने कंपनी के डायरेक्टर की फोटो और डीपी लगाकर अकाउंटेंट को व्हाट्सएप मैसेज भेजा। अकाउंटेंट ने उसे कंपनी के डायरेक्टर का नंबर समझकर बताए गए खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। अगले दिन फिर 48 लाख रुपए और मांगने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने साइबर पोर्टल और थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मामला भिलाई के सुपेला थाना क्षेत्र का है। शिकायत यश बत्रा ने दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। कंपनी के शोरूम दुर्ग, भिलाई, रायपुर और राजनांदगांव में संचालित होते हैं। कंपनी के संचालन में उनके पिता श्रीचंद बत्रा और मां ज्योति बत्रा भी डायरेक्टर हैं। यश बत्रा के मुताबिक कंपनी के सभी ब्रांचों के लेनदेन की जिम्मेदारी पिछले 13 साल से अकाउंटेंट मेष पटेल संभाल रहे हैं। कंपनी के डायरेक्टर और अकाउंटेंट के बीच भुगतान और रकम ट्रांसफर को लेकर एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बना हुआ है। किसी भी पेमेंट से पहले डायरेक्टरों की मंजूरी ली जाती थी। डॉयरेक्टर की डीपी लगाकार लगाकर किया गुमराह
इसी बीच यश बत्रा के पिता श्रीचंद बत्रा अपनी बहन से मिलने ऑस्ट्रेलिया गए हुए हैं। 21 मई की दोपहर करीब 3.21 बजे एक अज्ञात मोबाइल नंबर से अकाउंटेंट मेष पटेल के मोबाइल पर व्हाट्सएप मैसेज आया। उस नंबर में श्रीचंद बत्रा की फोटो और डीपी लगी हुई थी। मैसेज में एक HDFC बैंक खाते की जानकारी भेजी गई और उसे कंपनी के SBI अकाउंट में बेनिफिशियरी के रूप में जोड़ने कहा गया। पहले 20 लाख भेजने का दिया निर्देश
अकाउंटेंट ने मैसेज भेजने वाले से पूछा कि क्या इस खाते को साईराम व्हील्स के अकाउंट में जोड़ना है। सामने वाले ने खुद को डायरेक्टर बताते हुए हां कहा। इसके बाद 20 लाख रुपए ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया। अकाउंटेंट ने इसे कंपनी डायरेक्टर का आदेश मानते हुए कंपनी के SBI करंट अकाउंट से HDFC बैंक के खाते में 20 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। अगले दिन मांगे 48 लाख रुपए
प्रार्थी के मुताबिक रकम शाम करीब 4.55 बजे ट्रांसफर हुई। ट्रांजैक्शन के बाद अगले दिन यानी 22 मई को फिर उसी नंबर से 48 लाख रुपए और ट्रांसफर करने कहा गया। इस बार अकाउंटेंट ने यश बत्रा से जानकारी ली। यश ने तुरंत अपने पिता श्रीचंद बत्रा से फोन पर बात की। तब पता चला कि उन्होंने किसी तरह के पेमेंट के लिए नहीं कहा था। पुलिस ने दर्ज किया अपराध
इसके बाद परिवार को ठगी का एहसास हुआ। कंपनी प्रबंधन ने तुरंत साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और वैशाली नगर थाने पहुंचकर लिखित आवेदन दिया। पुलिस ने मामले में अज्ञात मोबाइल नंबर और बैंक खाते के धारक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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भिलाई के व्यापारी के साथ 20 लाख की ठगी:ऑस्ट्रेलिया गए डायरेक्टर की DP लगाकर अकाउंटेंट को भेजा मैसेज, अगले दिन 48 लाख की डिमांड की तो खुला राज














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