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भास्कर न्यूज | डंडई प्रखंड सभागार में शुक्रवार को खरीफ फसल कार्यशाला सह प्लानिंग बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला कृषि पदाधिकारी के निर्देश एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी डंडई के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य खरीफ मौसम में किसानों को वैज्ञानिक खेती, कम वर्षा की स्थिति में वैकल्पिक फसल योजना, जल संरक्षण तकनीक तथा कम लागत में अधिक उत्पादन की जानकारी देना था। कार्यक्रम का उद्घाटन अंचलाधिकारी जयशंकर पाठक, सांसद प्रतिनिधि अलख निरंजन प्रसाद, बीपीएम (जेएसएलपीएस) सुनील कुमार, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक सत्येंद्र कुमार, बीआरपी फूल कुमारी एवं कृषि सखियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला के दौरान झारखंड सरकार के कृषि मंत्री का संदेश बड़े प्रोजेक्टर स्क्रीन पर वीडियो क्लिप के माध्यम से किसानों एवं कृषक मित्रों को दिखाया गया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताई गई है, इसलिए किसानों को अल्पकालिक धान की किस्मों, मडुवा (रागी), दलहन एवं तिलहन की खेती पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलें किसानों के लिए लाभकारी साबित होंगी। साथ ही ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली, सोलर पंप सेट और जल संरक्षण तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि प्रखंड में इस वर्ष धान 2670 हेक्टेयर, अरहर 1710 हेक्टेयर, मक्का 1355 हेक्टेयर, उड़द 360 हेक्टेयर, कुर्थी 180 हेक्टेयर, मूंगफली 150 हेक्टेयर, तिलहन 70 हेक्टेयर, मूंग 32 हेक्टेयर, सरगुजा दो हेक्टेयर एवं सोयाबीन दो हेक्टेयर क्षेत्र में खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रखंड तकनीकी प्रबंधक सत्येंद्र कुमार ने किसानों को धान की उन्नत किस्मों, अरहर की वैज्ञानिक खेती, मशरूम उत्पादन, पशुपालन एवं संतुलित उर्वरक प्रबंधन की जानकारी दी।
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खरीफ कार्यशाला में किसान मित्रों को कम वर्षा से निपटने पर बनी रणनीति














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