कलेक्टर ने बोर खनन पर प्रतिबंध लगाया, 5 मशीनें जब्त:बिलासपुर में बोर मशीनों को डीजल देने पर रोक, गिरते जल स्तर पर चिंता




बिलासपुर में लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने अवैध बोर खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले में बोर खनन पर पहले ही प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन इसके बावजूद अवैध बोरिंग का काम जारी है। प्रशासन ने पिछले एक महीने में 5 बोरवेल मशीनें जब्त की हैं। बिना अनुमति बोरिंग करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। बोरिंग मशीनों को डीजल देने पर रोक कलेक्टर ने भू-जल संरक्षण के साथ डीजल बचाने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। जिले के सभी पेट्रोल पंपों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निजी बोरिंग मशीनों को बिना प्रशासनिक अनुमति के डीजल न दें। आदेश का उल्लंघन करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और मोटर स्पिरिट एवं हाई स्पीड डीजल आदेश 2005 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। दो दिनों में 4 मशीनें जब्त तापमान बढ़ने के साथ जिले में भू-जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। इसी बीच प्रशासन ने छापामार कार्रवाई तेज कर दी है। प्रशासन की छापामार कार्रवाई में पिछले दो दिनों के भीतर बसिया में दो बोरवेल मशीनें जब्त की गईं। बिलासपुर तहसीलदार प्रकाशचंद्र साहू और उनकी टीम ने दिन-रात कार्रवाई की। इसके अतिरिक्त, एक संयुक्त टीम ने तिफरा में दो और बोर मशीनें पकड़ीं, जिन्हें सिरगिट्टी थाने की कस्टडी में रखा गया है। इससे पहले, सकरी तहसील के ग्राम तुरकाडीह में भी बिना वैध दस्तावेजों के बोर खनन करते हुए एक मशीन जब्त कर कोनी थाने को सौंपी गई थी। यह कार्रवाई तहसीलदार, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने की। दलालों के जरिए चल रहा खेल जानकारी के अनुसार जिले में करीब 15 बड़े बोरवेल ठेकेदार सक्रिय हैं, जबकि 50 से ज्यादा दलाल गांवों में घूमकर किसानों को बोरिंग कराने के लिए तैयार करते हैं। ये दलाल गांवों में किसानों से संपर्क कर कमीशन के बदले ठेकेदारों को बोरिंग का काम दिलवाते हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कई मामलों में असली मालिकों के नाम बाद में सामने आए। पूछताछ में सामने आए असली मालिकों के नाम कई बार दलाल खुद को मशीन का मालिक बताते हैं, लेकिन प्रशासनिक दबाव पड़ने पर असली मालिक का नाम सामने आता है। बसिया में कार्रवाई के दौरान, संतोष पटेल ने पहले खुद को बोरिंग कराने वाला बताया था, लेकिन पूछताछ में पता चला कि मशीन बिल्हा के एक अग्रवाल की थी। जानकारी के मुताबिक बसिया में दुबे बोरवेल्स के अभय दुबे की मशीन भी जब्त हुई है। वहीं तिफरा में महामाया बोरवेल्स के अमित अग्रवाल की मशीन पकड़ी गई। इससे पहले तुरकाडीह में शेरा गायकवाड़ की मशीन जब्त की गई थी। वहां भी शुरुआत में एक दलाल का नाम सामने आया था। प्रशासन की चेतावनी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत जिले में बिना अनुमति बोर खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। अवैध बोरिंग करते पाए जाने पर मशीन जब्त करने के साथ संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।



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