अयोध्या2 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

अयोध्या-रायबरेली हाईवे पर रात के समय खराब लाइटिंग और आवारा मवेशियों के कारण सड़क हादसों में वृद्धि हुई है। पिछले एक सप्ताह के दौरान विभिन्न दुर्घटनाओं में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। इन घायलों का इलाज स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) से लेकर मेडिकल कॉलेज तक में किया गया है।
स्थानीय ऑटो चालकों और राहगीरों ने बताया कि हाईवे पर पर्याप्त रोशनी न होने से रात में वाहन चलाना खतरनाक हो गया है। उनका कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ आवारा मवेशी डिवाइडर और सड़क किनारे बैठ जाते हैं। अंधेरे में ये मवेशी अचानक सामने आ जाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं।
3 मई की रात लगभग आठ बजे हलियापुर थाना क्षेत्र में एक हादसा हुआ। राम कुमार पाण्डेय और बेद प्रकाश की मोटरसाइकिल एक ई-रिक्शा से टकरा गई। इस दुर्घटना में राम कुमार के सिर में गंभीर चोटें आईं और उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। ई-रिक्शा चालक राजित राम को मामूली चोटें आईं।
5 मई की रात रमेश नगर बड़ी नहर के पास दो मोटरसाइकिलों की भिड़ंत में चार युवक घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, अचानक मवेशी सामने आ जाने से आगे चल रही मोटरसाइकिल असंतुलित हो गई, जिससे पीछे से आ रही मोटरसाइकिल उससे टकरा गई। इस हादसे में कुलदीप कुमार, श्याम तिवारी, शुभम और दिनेश कुमार घायल हुए। कुलदीप और शुभम को गंभीर चोटों के कारण आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया।
7 मई को रामगंज विद्यालय कट के पास दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर में पांच लोग घायल हो गए। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि डिवाइडर पर लगाए गए पौधों की उचित देखरेख न होने और वैकल्पिक व्यवस्था की कमी के कारण सामने से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी सीधे चालकों की आंखों पर पड़ती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।























Leave a Reply