तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी8 दिन पहले
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इनसेट- डोनाल्ड ट्रम्प और ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की तस्वीर।
ईरान के सीनियर मिलिट्री अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने आशंका जताई है कि अमेरिका के साथ फिर से युद्ध शुरू हो सकता है। ईरान की फॉर्स न्यूज एजेंसी ने इस बारे में जानकारी दी है।
उन्होंने कहा कि ईरान की सेना पूरी तरह तैयार है और अगर अमेरिका कोई गलत कदम उठाता है, तो जवाब दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका किसी भी समझौते या वादे का पालन नहीं करता।
असदी ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के बयान और कदम ज्यादातर दिखावटी और मीडिया के लिए होते हैं। उनका मकसद पहले तेल की कीमतों को गिरने से रोकना और दूसरा अपनी बनाई हुई मुश्किल स्थिति से बाहर निकलना है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि वे ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे, क्योंकि यह पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। इसी वजह से अमेरिका को ईरान के खिलाफ जंग में उतरना पड़ा।

अमेरिकी राष्ट्रपति शुक्रवार रात फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
1. संसदीय मंजूरी की जरूरत नहीं: ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर कहा है कि उन्हें इसके लिए संसद से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है। जो लोग इसकी मांग कर रहे हैं, वे देशभक्त नहीं हैं।
2. ईरान जंग खत्म होने का दावा: व्हाइट हाउस ने संसद को आधिकारिक तौर पर बताया कि ईरान युद्ध अब खत्म हो चुका है। उस इलाके में अभी भी अमेरिकी सेना मौजूद है, इससे फर्क नहीं पड़ता।
3. अमेरिका की चेतावनी: अमेरिका ने कहा कि जो कंपनियां ईरान को होर्मुज से गुजरने के लिए पैसा देती हैं, उन पर अमेरिका पाबंदी लगा सकता है, भले ही वो पैसा चैरिटी के नाम पर ही क्यों न दिया जाए।
4. जहाजों का ट्रैफिक 90% घटा: होर्मुज में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। पहले जहां हर दिन करीब 130 जहाज गुजरते थे, अब सिर्फ 10 से भी कम जहाज जा रहे हैं।
5. ट्रम्प को हमले की ब्रीफिंग: अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर ने राष्ट्रपति ट्रम्प को ईरान के खिलाफ संभावित हमला करने के विकल्पों की जानकारी दी।
ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
अपडेट्स
01:09 AM3 मई 2026
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दक्षिण लेबनान में तेज हुए हमले
दक्षिण लेबनान में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। पिछले 12 घंटों में इजराइली हमलों में बढ़ोतरी देखी गई है और कई इलाकों में लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण लेबनान के ऊपर ड्रोन लगातार उड़ रहे हैं और अलग-अलग जगहों पर हमले जारी हैं।
चिहिने इलाके में एक बड़ा धमाका हुआ, जिसे इजराइली सेना कंट्रोल्ड डिमोलिशन बता रही है। वहीं अल-तुफाह जिले के अर-रैहान कस्बे में भी जोरदार हमला हुआ, जिसकी आवाज दूर तक सुनी गई।
हालात ऐसे बन रहे हैं कि हाल ही में जो लोग सीजफायर के बाद अपने घर लौटे थे, वे फिर से पलायन पर मजबूर हो सकते हैं।
11:37 PM2 मई 2026
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ईरान ने इजराइल के लिए जासूसी करने के दोषी दो लोगों को फांसी दी
ईरान ने शनिवार को कहा कि उसने इज़राइल के लिए जासूसी करने के दोषी दो लोगों को फांसी दी है। ज्यूडिशियरी के न्यूज आउटलेट, मिजानऑनलाइन ने कहा कि यागूब करीमपुर पर इजराइल की मोसाद इंटेलिजेंस एजेंसी के एक अफसर को सेंसिटिव जानकारी भेजने का आरोप था, जबकि नासिर बेकरजादेह ने सरकार और धार्मिक नेताओं के साथ-साथ नतांज के बारे में भी जानकारी भेजी थी।
यह शहर एक न्यूक्लियर एनरिचमेंट फैसिलिटी का घर है जिस पर पिछले साल इजराइल और US ने बमबारी की थी। ईरान ने हाल के कुछ दिन में जासूसी और आतंकवादी गतिविधियों के आरोप में एक दर्जन से ज्यादा लोगों को फांसी दी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान अक्सर बंद कमरे में ट्रायल करता है, जिसमें आरोपी अपने ऊपर लगे आरोपों को चुनौती नहीं दे पाते हैं।
11:34 PM2 मई 2026
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ट्रम्प बोले- जंग खत्म करने ईरान के नए प्रपोजल का रिव्यू करूंगा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने शनिवार को कहा कि वह युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं। एयर फोर्स वन में चढ़ने से पहले उन्होंने कहा कि वे इसके बारे में बाद में बताएंगे।
ईरान के दो सेमी-ऑफिशियल आउटलेट, तस्नीम और फार्स, जिन्हें ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड का करीबी माना जाता है, ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के नौ-पॉइंट वाले प्रपोजल के जवाब में पाकिस्तान के जरिए 14-पॉइंट का प्रपोजल भेजा है।
इसके पहले ट्रम्प ने ईरान के पिछले प्रपोजल को रिजेक्ट कर दिया था। हालांकि, बातचीत जारी है, और तीन हफ्ते का सीजफायर बरकरार है।
10:32 PM2 मई 2026
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जेल में बंद ईरानी मानवाधिकार वकील नरगिस मोहम्मदी की हालत बेहद खराब
जेल में बंद ईरानी मानवाधिकार वकील नरगिस मोहम्मदी की हेल्थ बहुत ज्यादा खराब है। उनके फाउंडेशन और परिवार ने शनिवार को कहा, साथ ही यह भी कहा कि ईरान की इंटेलिजेंस मिनिस्ट्री उनके अपने डॉक्टरों से इलाज के लिए उन्हें तेहरान ट्रांसफर करने का विरोध कर रही है।
50 साल के मोहम्मदी नोबेल शांति पुरस्कार विजेता हैं। शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने और बेहोश होने के बाद ईरान के उत्तर-पश्चिम में जांजन के एक हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। उनके परिवार ने कहा है कि दिसंबर में गिरफ्तारी के दौरान मिली पिटाई की वजह से उनकी हेल्थ और खराब हो रही थी।
09:54 PM2 मई 2026
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बेरूत एयर बेस पर लेबनानी सैन्य अधिकारियों की खास मीटिंग हुई
बेरूत एयर बेस पर लेबनानी आर्मी कमांडर रुडोल्फ हेइक्लो और मैकेनिज्म कमेटी के हेड जोसेफ क्लेयरफील्ड के बीच एक खास मीटिंग हुई।
09:13 PM2 मई 2026
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ईरान ने रखीं 14 मांगें, इनमें हमलों के खिलाफ सिक्योरिटी की गारंटी भी शामिल
न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक ईरान ने युद्ध खत्म करने के U.S. प्रपोज़ल पर (पाकिस्तानी मीडिएटर के ज़रिए) 14-पार्ट का जवाब भेजा। जबकि US ने 2 महीने के सीजफायर का सुझाव दिया, ईरान चाहता है कि सब कुछ 30 दिनों के अंदर सुलझ जाए और वह टेम्पररी ट्रूस के बजाय युद्ध को पूरी तरह खत्म करने पर जोर दे रहा है।
इसके प्रपोजल में भविष्य के हमलों के खिलाफ सिक्योरिटी गारंटी, आस-पास के इलाकों से US फोर्स को हटाना, नेवी पर लगी रोक हटाना, ईरान के जमे हुए फंड्स को रिलीज करना, मुआवजा देना, बैन हटाना और सभी फ्रंट पर लड़ाई खत्म करना, साथ ही होर्मुज स्ट्रेट के लिए नए नियम शामिल हैं।
08:06 PM2 मई 2026
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इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के कई कस्बों पर बमबारी की
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार इजराइली विमानों ने पिछले कुछ मिनटों में माउंट रिहान और बसालिया पर और साथ ही जेजीन क्षेत्र के अल-सरिरा शहर पर हमले किए।
समाचार एजेंसी ने बताया कि कुछ देर पहले इजराइल ने अल-समाइया कस्बे में एक मस्जिद के पास हमला किया।
07:16 PM2 मई 2026
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ईरान बोला- तेहरान के प्रपोजल का मकसद थोपी गई जंग हमेशा के लिए खत्म हो
ईरान के लीगल और इंटरनेशनल मामलों के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर काजम गरीबाबादी ने शनिवार को कन्फर्म किया कि तेहरान की तरफ से अमेरिका को दिए गए डिप्लोमैटिक प्रपोजल का मकसद “थोपी गई जंग को हमेशा के लिए खत्म करना” और दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव का हल निकालना है।
स्टेट ब्रॉडकास्टर, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के मुताबिक यह बात तेहरान में मौजूद विदेशी डिप्लोमैट्स और एम्बेसडर की एक मीटिंग में कही गई, जहां गरीबाबादी ने डिप्लोमैटिक बातचीत और किसी भी संभावित मिलिट्री हमले दोनों के लिए ईरान की तैयारी पर जोर दिया।
गरीबाबादी ने कहा- ईरान ने हमेशा मौजूदा मुद्दों को सुलझाने के लिए इंटरेस्ट-बेस्ड डिप्लोमेसी में विश्वास किया है और अपनी भूमिका निभाई है। ईरान ने थोपी गई लड़ाई को हमेशा के लिए खत्म करने के मकसद से पाकिस्तान के सामने एक मीडिएटर के तौर पर अपना प्लान पेश किया है, और अब गेंद अमेरिका के पाले में है कि वह डिप्लोमेसी का रास्ता चुने या टकराव वाला तरीका जारी रखे।
06:26 PM2 मई 2026
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भारत आ रहा LPG कैरियर होर्मुज से निकला, 13 मई को विशाखापत्तनम पहुंचेगा
मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला LPG कैरियर, MT सर्व शक्ति, जो भारतीय माल लेकर निकला है, शनिवार को सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया है और इसके 13 मई को विशाखापत्तनम पहुंचने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि 46,313 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) ले जा रहे इस जहाज में 20 क्रू मेंबर हैं, जिनमें 18 भारतीय नागरिक हैं।
पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज मंत्रालय ने शनिवार को वेस्ट एशिया में हो रहे डेवलपमेंट को देखते हुए समुद्री सुरक्षा और शिपिंग ऑपरेशन पर एक अपडेट जारी किया। इसमें कहा गया है कि इस इलाके में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय झंडे वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना नहीं हुई है।
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ शिपिंग कंट्रोल रूम एक्टिवली स्थिति पर नज़र रख रहा है, एक्टिवेट होने के बाद से 8,335 कॉल हैंडल किए हैं और 17,838 से ज्यादा ईमेल मिले हैं। अकेले पिछले 24 घंटों में, उसने 67 कॉल और 144 ईमेल रिकॉर्ड किए।
मंत्रालय के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र में अलग-अलग जगहों से अब तक 2,922 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जिसमें पिछले 24 घंटों में 30 नाविक शामिल हैं।
05:36 PM2 मई 2026
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ईरान बोला- अमेरिका परमाणु संधि का पालन नहीं कर रहा
ईरान ने अमेरिका पर परमाणु समझौते का पालन न करने का आरोप लगाया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान ने कहा कि अमेरिका परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के नियमों का पालन नहीं कर रहा और उसका व्यवहार दोहरे मापदंड वाला है।
ईरान ने बयान में कहा कि पिछले 56 सालों से अमेरिका इस संधि के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं कर रहा है। जबकि उसके पास हजारों परमाणु हथियार हैं।
साथ ही ईरान ने यह भी कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की निगरानी में काम किया जाए, तो यूरेनियम संवर्धन पर कोई कानूनी रोक नहीं है, जैसा कि ईरान के मामले में था।
05:25 PM2 मई 2026
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होर्मुज को लेकर नया कानून लाएगा ईरान, इजराइली जहाजों की एंट्री पर रोक
ईरान होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नया कानून लाने की तैयारी कर रहा है। ईरानी संसद के उपाध्यक्ष हमीदरेजा हाजी-बाबाई ने कहा कि इस कानून के तहत इजराइल के जहाजों को इस समुद्री रास्ते से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बिल में यह भी कहा गया है कि दुश्मन देशों के जहाज तभी गुजर पाएंगे, जब वे युद्ध का मुआवजा देंगे।
इसके अलावा, दूसरे देशों के जहाजों को भी ईरान से अनुमति लेनी होगी, तभी वे इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकेंगे।
हाजी-बाबाई ने कहा कि अब होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पहले जैसी नहीं रहेगी और युद्ध के बाद हालात बदल जाएंगे।
05:11 PM2 मई 2026
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इजराइल के लिए परेशानी बने हिजबुल्लाह के फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन
लेबनान की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हिजबुल्लाह के नए फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन इजराइल की सेना के लिए बड़ी परेशानी बन रहे हैं। ये ड्रोन रेडियो सिग्नल पर काम नहीं करते, इसलिए इन्हें पकड़ना या रोकना मुश्किल हो जाता है।
इनकी खास बात यह है कि ये बहुत सस्ते होते हैं, जबकि इन्हें गिराने के लिए इजराइल को महंगे मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल करना पड़ता है।
इन ड्रोन में लंबी फाइबर-ऑप्टिक केबल होती है, जिससे ऑपरेटर दूर से ही इन्हें कंट्रोल कर सकता है और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम इन्हें प्रभावित नहीं कर पाते। इनका इस्तेमाल टैंकों, सैन्य गाड़ियों और सैनिकों पर सीधे हमला करने के लिए किया जा रहा है।

04:53 PM2 मई 2026
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दक्षिण कोरिया और ईरान के विदेश मंत्री ने फोन पर बात की
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की।
इस बातचीत में अमेरिका और इजराइल के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर भी बात हुई।
04:36 PM2 मई 2026
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लेबनान में 2 महीने में 2,659 लोगों की मौत
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 2 महीनों में इजराइल के हमलों में 2,659 लोगों की मौत हो चुकी है। 2 मार्च से 2 मई के बीच हुए हमलों में 8,183 लोग घायल भी हुए हैं।
04:19 PM2 मई 2026
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ईरान जंग से दुनिया पर फूड संकट का खतरा, पैदावार 30% घट सकती है
संयुक्त राष्ट्र (UN) की संस्था FAO के मुख्य अर्थशास्त्री मैक्सिमो टोरेरो ने चेतावनी दी है कि दुनिया एक बड़े खाद्य संकट की ओर बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि होर्मुज बंद होने से खाद (फर्टिलाइजर) की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। युद्ध शुरू होने के बाद से इसकी सप्लाई लगभग रुक गई है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं और कमी भी हो रही है।
इसका असर खेती पर पड़ेगा और फसलों की पैदावार 30% तक घट सकती है। इससे खाने-पीने की चीजें और महंगी हो सकती हैं। टोरेरो ने अल जजीरा से कहा कि हालात इसलिए और खराब हो रहे हैं क्योंकि एशिया में बुआई का समय निकल चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और ब्राजील जैसे बड़े देश अपनी फसलें बदल सकते हैं और गेहूं- मक्का की जगह सोयाबीन उगा सकते हैं, जिससे बाजार पर और असर पड़ेगा।
03:58 PM2 मई 2026
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अमेरिका में दबाव में 48 जहाजों ने होर्मुज के पास से रूट बदला
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने बताया है कि पिछले 20 दिनों में 48 जहाजों को ईरान के बंदरगाहों से हटाकर दूसरी दिशा में भेजा गया है। अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरान की समुद्री नाकेबंदी लागू कर रखी है।
यह नाकेबंदी ईरान के समुद्री व्यापार को निशाना बना रही है, क्योंकि ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर पाबंदियां लगाई थीं।
03:40 PM2 मई 2026
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चीन ने अमेरिका के प्रतिबंधों को रोकने की कोशिश की
चीन ने अमेरिका के लगाए गए सैंक्शनों को रोकने की कोशिश की है। अमेरिका ने कुछ चीनी कंपनियों पर कार्रवाई की थी, क्योंकि वे ईरान से तेल खरीद रही थीं।
अब चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने आदेश दिया है कि इन सैंक्शनों को लागू न होने दिया जाए। इन कंपनियों में हेंगली पेट्रोकेमिकल, शानडोंग जिनचेंग, हेबेई शिनहाई, शौगुआंग लुकिंग और शानडोंग शेंगशिंग शामिल हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि चीन इन सैंक्शनों को कैसे रोकेगा।
03:11 PM2 मई 2026
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गाजा पर इजराइली हमले में 24 घंटे में 7 लोगों की मौत
इजराइल के हमलों में गाजा पट्टी में पिछले 24 घंटों में 7 लोगों की मौत हो गई है। वफा न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी मेडिकल सूत्रों के हवाले से दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुए युद्ध में अब तक कुल 72,608 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, अक्टूबर 2025 में सीजफायर के बाद से अब तक 828 लोगों की जान जा चुकी है।
हालांकि ये आंकड़े पूरे नहीं हैं, क्योंकि कई लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। राहतकर्मियों को जरूरी उपकरणों की कमी की वजह से शवों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है।
03:00 PM2 मई 2026
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कतर एयरवेज 10 मई से इराक के लिए उड़ानें शुरू करेगा
कतर एयरवेज ने घोषणा की है कि वह 10 मई से इराक के लिए अपनी उड़ानें फिर से शुरू करेगा। एयरलाइन के मुताबिक, फ्लाइट्स बगदाद, बसरा और एरबिल एयरपोर्ट के लिए चलेंगी।
28 फरवरी को ईरान पर हमलों के बाद, सुरक्षा कारणों से कतर ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। बाद में 6 मार्च को एयरस्पेस को आंशिक रूप से फिर से खोला गया।
अब हालात बेहतर होने के बाद, कतर एयरवेज ने इराक के लिए उड़ानें दोबारा शुरू करने का फैसला लिया है।
02:42 PM2 मई 2026
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पोलैंड ने NATO गठबंधन में बढ़ रही टूट पर चिंता जताई
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने NATO गठबंधन में बढ़ती टूट-फूट पर चिंता जताई है।
उन्होंने कहा कि ट्रांसअटलांटिक देशों (अमेरिका और यूरोप) के लिए सबसे बड़ा खतरा बाहर से नहीं, बल्कि उनके अपने गठबंधन के कमजोर होने से है। टस्क ने सभी देशों से अपील की कि इस खराब स्थिति को ठीक करने के लिए कदम उठाए जाएं।
इस बीच, डोनाल्ड ट्रम्प ने इटली और स्पेन से नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वे इन देशों से अमेरिकी सैनिकों को हटा सकते हैं। ट्रम्प का कहना है कि जब अमेरिका को जरूरत थी, तब ये देश साथ नहीं थे।
02:26 PM2 मई 2026
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ईरान जंग के 2 महीने, पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ी, 3,600+ मौतें, इनमें 1700+ नागरिक
ईरान के खिलाफ शुरू हुई जंग को दो महीने हो चुके हैं, लेकिन इसका कोई साफ अंत अभी तक नजर नहीं आ रहा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे छोटी और निर्णायक लड़ाई बताया था, लेकिन अब हालात उलट दिख रहे हैं। जंग रुकी जरूर है, पर खत्म नहीं हुई।
IMF के मुताबिक, जंग से पहले उम्मीद थी कि इस साल वैश्विक महंगाई 4.1% से घटकर 3.8% हो जाएगी। लेकिन अब उल्टा हो गया है, महंगाई 4.4% तक पहुंचने का अनुमान है।
इस जंग की सबसे बड़ी कीमत आम लोग चुका रहे हैं। ईरान के मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, अब तक 3,600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 1,700 से ज्यादा नागरिक हैं।
वहीं हार्वर्ड की इकोनॉमिस्ट लिंडा बिल्म्स का अनुमान है कि इस युद्ध की कुल लागत 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है। यानी दुनिया भर में महंगाई का दबाव और बढ़ना तय है। पढ़ें पूरी खबर…

02:18 PM2 मई 2026
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ईरान का नया प्रस्ताव- पहले समुद्री रास्ता खुलेगा, बाद में परमाणु मुद्दे पर बात होगी
ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने पुष्टि की है कि उनके नए प्रस्ताव में पहले होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करने की बात है, जबकि परमाणु मुद्दे पर बातचीत बाद में की जाएगी।
अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि ईरान का मानना है कि परमाणु मुद्दे को बाद में रखने से समझौता करना आसान हो सकता है। यह प्रस्ताव डोनाल्ड ट्रम्प ने फिलहाल खारिज कर दिया है।
इस प्रस्ताव के तहत अगर समझौता होता है, तो युद्ध खत्म हो जाएगा और इजराइल और अमेरिका दोबारा हमला नहीं करने का वादा करेंगे। इसके बदले में ईरान समुद्री रास्ता खोल देगा और अमेरिका अपनी पाबंदियां हटा लेगा।
01:48 PM2 मई 2026
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UAE में एयर ट्रैफिक नॉर्मल, एहतियाती पाबंदियां हटाई गईं
UAE में एयर ट्रैफिक नॉर्मल हो रहा है। UAE सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बताया कि पहले सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए नियम सख्त किए गए थे, लेकिन अब उन्हें हटा दिया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि अब हालात ठीक हैं, इसलिए फ्लाइट्स पहले की तरह चल रही हैं। हालांकि अभी भी सुरक्षा के मुद्देनजर हालात पर नजर रखी जा रही है।

UAE इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तस्वीर।
01:36 PM2 मई 2026
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यमन के पास तेल टैंकर हाईजैक, हथियारबंद लोग फरार
यमन के कोस्टगार्ड ने बताया है कि कुछ हथियारबंद लोगों ने M/T Eureka नाम के तेल टैंकर को हाईजैक कर लिया है।
यह घटना शबवा प्रांत के तट के पास हुई। हमलावर जहाज पर चढ़ गए, उस पर कब्जा कर लिया और उसे अदन की खाड़ी की ओर यानी सोमालिया के समुद्री इलाके में ले गए।
इससे पहले यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी जानकारी दी थी कि अल-मुकल्ला बंदरगाह से करीब 84 समुद्री मील दूर एक जहाज के पास संदिग्ध तरीके से एक हरे रंग की छोटी नाव (स्किफ) और एक मछली पकड़ने वाली नाव देखी गई थी।
01:15 PM2 मई 2026
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ट्रम्प-जिनपिंग की वार्ता में होर्मुज का मुद्दा शामिल रहेगा
चीन के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत फू कॉन्ग ने कहा है कि ईरान-अमेरिका में युद्धविराम बनाए रखना और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना अभी सबसे जरूरी मुद्दे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर होर्मुज बंद रहता है, तो यह मुद्दा शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच होने वाली बातचीत में प्रमुख रहेगा। फू कॉन्ग के मुताबिक, यह मामला दोनों देशों की मीटिंग के एजेंडा में सबसे ऊपर हो सकता है।

12:57 PM2 मई 2026
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एक्सपर्ट बोले- अमेरिका-ईरान की मांगों में बड़ा अंतर, इस वजह से बात नहीं बन रही
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी भी फंसी हुई है। दोनों देशों की मांगें एक-दूसरे से काफी अलग हैं। दोहा के प्रोफेसर मोहम्मद एलमस्री ने अल जजीरा को बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में हालात ज्यादा नहीं बदले हैं और बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है।
उन्होंने कहा कि ईरान ने 10 मांगें रखी हैं, जबकि अमेरिका ने 15 मांगें रखी हैं। इन दोनों को साथ देखने पर साफ है कि दोनों देशों के बीच बड़ा फर्क है।
एलमस्री के मुताबिक, इसी वजह से बातचीत रुकी हुई है और इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है। अमेरिका को लगता है कि ईरान जल्द ही तेल से जुड़ी बड़ी समस्या में फंसने वाला है।
हालांकि एलमस्री का मानना है कि यह सोच पूरी तरह सही नहीं है, क्योंकि ईरान ने कुछ ऐसे उपाय कर लिए हैं जिससे वह अभी कुछ समय तक हालात संभाल सकता है। फिर भी, ट्रम्प सरकार मानती है कि अगर दबाव और बढ़ाया जाए, तो ईरान जल्दी ही झुक जाएगा।
12:39 PM2 मई 2026
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इजराइल के हवाई हमले में लेबनान में आज 7 लोगों की मौत
इजराइल के हवाई हमले में लेबनान के दक्षिणी गांव लुआइजेह में 3 लोगों की मौत हो गई है। यह जानकारी लोकल मीडिया के हवाले से सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, आज पूरे दिन में लेबनान पर हुए अलग-अलग हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है।
12:02 PM2 मई 2026
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रिपोर्ट- ईरान के हमले से 8 देशों में 16 अमेरिकी मिलिट्री ठिकाने डैमेज
CNN की एक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
कैंप ब्यूहरिंग (कुवैत) जो पहले अमेरिकी सेना का बड़ा और बिजी ठिकाना था, अब काफी हद तक खराब हो चुका है और लगभग खाली पड़ा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने 8 देशों में फैले कम से कम 16 अमेरिकी ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है। इनमें से कई ठिकाने अब इस्तेमाल करने लायक नहीं बचे हैं।
वहीं, एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री रास्तों पर अमेरिकी कार्रवाई के कारण ईरान को करीब 4.8 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।
यह नुकसान तेल के कारोबार में रुकावट की वजह से हुआ है, जिससे तेहरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।

बहरीन में जंग के दौरान अमेरिकी मिलिट्री ठिकाने पर हमले की तस्वीर।
11:50 AM2 मई 2026
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ईरान बोला- अमेरिका की हर गलत हरकत का जवाब देंगे
ईरान के एक सीनियर मिलिट्री अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने आशंका जताई है कि अमेरिका के साथ फिर से युद्ध शुरू हो सकता है। ईरान की फॉर्स न्यूज एजेंसी ने इस बारे में जानकारी दी है।
उन्होंने कहा कि ईरान की सेना पूरी तरह तैयार है और अगर अमेरिका कोई गलत कदम उठाता है, तो जवाब दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका किसी भी समझौते या वादे का पालन नहीं करता।
असदी ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के बयान और कदम ज्यादातर दिखावटी और मीडिया के लिए होते हैं। उनका मकसद पहले तेल की कीमतों को गिरने से रोकना और दूसरा अपनी बनाई हुई मुश्किल स्थिति से बाहर निकलना है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि वे ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे, क्योंकि यह पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। इसी वजह से अमेरिका को ईरान के खिलाफ जंग में उतरना पड़ा।
11:24 AM2 मई 2026
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ब्रिटिश एजेंसी ने यमन के पास समुद्र में संदिग्ध हरकत नोट की
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि यमन के पास समुद्र में कुछ संदिग्ध हरकत देखी गई है।
यह घटना अल-मुकल्ला शहर से करीब 84 समुद्री मील दूर हुई, जहां एक जहाज के पास कोई संदिग्ध चीज या नाव आई।
UKMTO ने सभी जहाजों से कहा है कि इस इलाके में जाते समय सावधान रहें और अगर कुछ भी अजीब दिखे तो तुरंत खबर दें।
11:21 AM2 मई 2026
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ईरान में 64 दिनों से इंटरनेट बंद
ईरान में लोग ठीक से इंटरनेट इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। इससे काम-धंधा, नौकरी और रोज की जिंदगी पर बुरा असर पड़ रहा है।
इंटरनेट पर नजर रखने वाली संस्था नेटब्लॉक्स के मुताबिक, ईरान में 64 दिनों से यह हालत बनी हुई है।
10:37 AM2 मई 2026
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ईरान ने अमेरिकी जनता से कहा- सरकार से सवाल पूछो
ईरान ने अमेरिकी जनता से कहा है कि वे अपनी सरकार से सवाल करें। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने जबरदस्ती और गैर कानूनी युद्ध शुरू किया।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता का यह अधिकार और जिम्मेदारी है कि वे ट्रम्प की सरकार से जवाब मांगे कि यह युद्ध क्यों किया गया।
इस्माइल बघाई ने आरोप लगाया कि ईरान पर हमला बिना किसी उकसावे के किया गया और इसमें कई गलत काम हुए हैं।
उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें अमेरिकी सांसद किर्स्टन गिलिब्रैंड सीनेट (संसद) की सुनवाई में कह रही हैं कि हमारे पास ऐसा कोई सबूत नहीं था कि ईरान अमेरिका पर तुरंत हमला करने वाला था।
10:20 AM2 मई 2026
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ईरान-अमेरिका के बीच फिर बढ़ा तनाव, युद्ध का खतरा
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर बढ़ रहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सेना ने कहा है कि दोनों देशों के बीच फिर से युद्ध हो सकता है।
ईरान का कहना है कि अमेरिका किसी समझौते को लेकर गंभीर नहीं है। उनका मानना है कि उन्होंने पहले बातचीत में और युद्धविराम के दौरान काफी नरमी दिखाई, लेकिन अमेरिका ने ऐसा नहीं किया।
ईरान का आरोप है कि जब-जब उन्होंने अपनी शर्तें कम कीं, तब-तब अमेरिका और सख्त हो गया। अब ईरान कह रहा है कि आगे बात करने से पहले होर्मुज स्ट्रेट और आर्थिक प्रतिबंधों पर चर्चा जरूरी है।
10:05 AM2 मई 2026
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पाकिस्तान और कुवैत के विदेश मंत्रियों ने मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा की
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने आज फोन पर बात की। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बदलते हालात और उसके आर्थिक असर पर चर्चा की।
कुवैत के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान की तारीफ करते हुए कहा कि पाकिस्तान उम्माह (मुस्लिम दुनिया) और पूरी दुनिया में शांति और स्थिरता लाने के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहा है।
वहीं, डार ने बताया कि पाकिस्तान लगातार कोशिश कर रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके। पाकिस्तान इन दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
09:49 AM2 मई 2026
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जर्मनी बोला- ट्रम्प के फैसले का पहले से अंदाजा था
जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने कहा कि अमेरिका के जर्मनी से सैनिक हटाने का फैसला का उन्हें पहले से ही अंदाजा था। अमेरिका ने शनिवार को जर्मनी से 5000 सैनिकों को हटाने का ऐलान किया था।
पिस्टोरियस ने कहा कि अब यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद ज्यादा उठानी होगी। उन्होंने बताया कि जर्मनी अपनी सेना को मजबूत कर रहा है और तेजी से हथियार और उपकरण खरीद रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जर्मनी अपने सहयोगियों ब्रिटेन, फ्रांस, पोलैंड और इटली के साथ मिलकर आगे की रणनीति तय करेगा।
08:59 AM2 मई 2026
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IRGC की चेतावनी- ईरान-अमेरिका में फिर जंग छिड़ सकती है
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के खातम अल अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर से जुड़े एक अधिकारी ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच फिर से टकराव हो सकता है। डिप्टी इंस्पेक्टर मोहम्मद जाफर के मुताबिक, ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि हालात दोबारा बिगड़ सकते हैं।
जाफर ने आरोप लगाया कि अमेरिका किसी भी समझौते या वादे का ठीक से पालन नहीं करता। उनका कहना था कि अमेरिका के ज्यादातर बयान और कदम मीडिया को ध्यान में रखकर उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका का पहला मकसद तेल की कीमतों को गिरने से रोकना है और दूसरा मकसद उन समस्याओं से बाहर निकलना है, जो उसने खुद पैदा की हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की सेना किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम को करीब तीन हफ्ते हो चुके हैं। हालांकि फिलहाल लड़ाई रुकी हुई है, लेकिन होर्मुज को लेकर अब भी तनाव बना हुआ है।
08:27 AM2 मई 2026
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ईरान ने जासूसी के आरोप में दो लोगों को फांसी दी
ईरान ने जासूसी के आरोप में शनिवार दो लोगों को फांसी दे दी। इन पर इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने का आरोप है।
अल जजीरा के मुताबिक, इनकी पहचान याकूब करीमपुर और नासिर बेकरजादेह के रूप में हुई है। दोनों पर नतांज इलाके में अहम सरकारी, धार्मिक और लीडर्स और महत्वपूर्ण ठिकानों से जुड़ी की जानकारी मोसाद को देने का आरोप था।
07:44 AM2 मई 2026
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होर्मुज स्ट्रेट पार कर रहा LPG से लदा टैंकर
भारत से जुड़ा एक सुपरटैंकर, जिसमें खाना पकाने वाली गैस (एलपीजी) भरी है, होर्मुज स्ट्रेट को पार कर रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला टैंकर ‘सर्व शक्ति’ करीब 45,000 टन LPG लेकर शनिवार को इस समुद्री रास्ते से गुजरता हुआ देखा गया।
जहाज की मूवमेंट ट्रैकिंग डेटा के आधार पर यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह टैंकर ईरान के लारक और केशम द्वीपों के पास से गुजरते हुए ओमान की खाड़ी की तरफ बढ़ रहा है।
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में देशों के लिए ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना चुनौती बनता जा रहा है।
07:18 AM2 मई 2026
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रिपोर्ट: मिडिल ईस्ट में 16 अमेरिकी बेस को भारी नुकसान

अबू धाबी के अल धाफरा एयर बेस पर ईरानी हमले के बाद नुकसान की सैटेलाइट तस्वीर। (सोर्स-AP)
खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ईरान के हमलों से भारी नुकसान पहुंचा है। CNN की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कई देशों में मौजूद अमेरिकी बेस को निशाना बनाकर ऐसी क्षति पहुंचाई है, जैसा कभी नहीं हो पाया।
रिपोर्ट के मुताबिक कुवैत के कैंप ब्यूहरिंग जैसे अमेरिकी सैन्य केंद्र, जो पहले रेगिस्तान में एक छोटे शहर की तरह सक्रिय था, अब लगभग खाली और क्षतिग्रस्त हो चुका है। ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से हफ्तों तक हमले कर इन ठिकानों को निशाना बनाया।
ईरान ने 8 देशों में मौजूद कम से कम 16 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है। इनमें से कई इस्तेमाल के लायक नहीं बचे हैं। एक अमेरिकी सूत्र ने कहा कि इतने सटीक और तेज हमले पहले कभी नहीं देखे गए।
इन हमलों में ईरान ने महंगे सैन्य उपकरणों को भी निशाना बनाया। जैसे बोइंग ई-3 सेंट्री जैसे निगरानी विमान, जिसकी कीमत करीब 50 करोड़ डॉलर बताई जाती है। इसके अलावा सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम को बचाने वाले ‘रेडोम’ और रडार सिस्टम भी बड़े पैमाने पर नष्ट किए गए, जो एयर डिफेंस के लिए बेहद जरूरी होते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की हमले करने की क्षमता में तकनीकी बढ़त भी एक बड़ा कारण है। बताया गया है कि 2024 में तेहरान ने चीन का टीईई-01बी सैटेलाइट हासिल किया, जिससे उसे हाई क्वालिटी इमेज मिलती हैं और वह ज्यादा सटीक तरीके से निशाना साध सकता है।
इस स्थिति ने खाड़ी देशों के सामने नई दुविधा खड़ी कर दी है। एक तरफ उन्हें सुरक्षा के लिए अमेरिका की जरूरत है, वहीं अब यह भी साफ हो गया है कि अमेरिकी सैन्य ठिकाने पहले जितने सुरक्षित नहीं रहे और आसानी से निशाना बन सकते हैं।
06:33 AM2 मई 2026
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ईरान युद्ध का असर सऊदी अरब में शराब की सप्लाई पर
ईरान से जुड़े चल रहे युद्ध का असर अब सऊदी अरब में भी दिखने लगा है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, वहां शराब की सप्लाई प्रभावित हुई है और ग्राहकों को सामान देर से मिल रहा है।
सऊदी अरब में 1952 से शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध है। हालांकि, विदेशी पेशेवरों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने सीमित रूप में लाइसेंस वाली दुकानों को इजाजत दी है।
06:00 AM2 मई 2026
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जंग रोकने के लिए 60 दिन की डेडलाइन पर अमेरिका में विवाद
राष्ट्रपति ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें ईरान के खिलाफ जंग जारी रखने के लिए संसद की मंजूरी की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पिछले राष्ट्रपतियों ने भी जंग के लिए संसद की इजाजत नहीं ली थी।
1973 के वॉर पावर्स कानून के मुताबिक, किसी भी राष्ट्रपति को युद्ध शुरू करने के बाद 60 दिनों के भीतर कांग्रेस से मंजूरी लेनी होती है, नहीं तो सैन्य कार्रवाई रोकनी पड़ती है। यह कानून खास तौर पर रिचर्ड निक्सन के समय वियतनाम युद्ध को सीमित करने के लिए बनाया गया था।
नियम के मुताबिक 1 मई तक अमेरिका को जंग रोकना होगा। हालांकि ट्रम्प और उनके रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का कहना है कि जब से सीजफायर लागू हुआ है, तब से यह 60 दिन की गिनती रुक गई है। इसी बात को लेकर अब बहस छिड़ गई है कि क्या सीजफायर इस समयसीमा में गिना जाएगा या नहीं।
इतिहास में कुछ राष्ट्रपतियों ने इस कानून का पालन करने की कोशिश भी की है। रोनाल्ड रीगन ने 1983 में लेबनान में सेना भेजने से पहले संसद की मंजूरी ली थी। जॉर्ज बुश सीनियर ने 1991 के खाड़ी युद्ध से पहले भी अनुमति ली थी, जबकि उनका मानना था कि इसकी जरूरत नहीं है। बाद में जॉर्ज बुश जूनियर ने अफगानिस्तान और इराक युद्ध के लिए भी कांग्रेस से मंजूरी हासिल की थी।
वहीं कुछ राष्ट्रपति इस कानून को दरकिनार भी करते रहे हैं। बिल क्लिंटन ने 1999 में कोसोवो में 78 दिन तक बमबारी की, बिना संसद की मंजूरी के। बराक ओबामा ने 2011 में लीबिया में सैन्य कार्रवाई को ‘जंग’ नहीं माना और सात महीने से ज्यादा समय तक हमले करते रहे।
05:33 AM2 मई 2026
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ईरानी अखबार ने लिखा- जंग नहीं कूटनीति की जरूरत
ईरान के प्रमुख अखबार शरघ ने लिखा है कि सरकार को हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका की बनाई जा रही छवि का जवाब देना चाहिए। अखबार के मुताबिक अमेरिका दुनिया के सामने ईरान को एक आक्रामक और टकराव चाहने वाले देश के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहा है।
अखबार ने लिखा कि ईरान को पब्लिक डिप्लोमेसी के जरिए यह साफ करना चाहिए कि वह न तो जंग चाहता है और न ही हॉर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्ते को बंद करने की योजना बना रहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार को ऐसे राजनीतिक समाधान की तरफ बढ़ना चाहिए जिसमें दोनों पक्षों को फायदा हो, ताकि देश पर लंबे समय तक आर्थिक दबाव न पड़े।
शरघ का मानना है कि कूटनीति के जरिए युद्ध को जल्द खत्म किया जा सकता है और इसके बाद पुनर्निर्माण व स्थिरता की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं।

04:59 AM2 मई 2026
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जर्मनी में अमेरिका के 36,000 सैनिक तैनात

जर्मनी के रामस्टीन एयर बेस पर बड़ी संख्या में सैनिक मौजूद हैं। (फाइल फोटो)
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि जर्मनी से अमेरिकी सैनिकों की वापसी में 6 से 12 महीने लग सकते हैं। BBC के मुताबिक पिछले साल दिसंबर तक जर्मनी में 36,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात थे। यह जापान के बाद (55,000) सबसे ज्यादा है। इटली में करीब 12,000 और ब्रिटेन में लगभग 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
ट्रम्प पहले भी जर्मनी से सैनिक हटाने की बात कर चुके हैं। उस समय ट्रम्प ने जर्मनी पर आरोप लगाया था कि वह नाटो के तय लक्ष्य के मुताबिक रक्षा खर्च नहीं कर रहा। इसके बाद 2020 में भी जर्मनी से 12,000 सैनिक हटाने का प्रस्ताव आया था, लेकिन अमेरिकी संसद ने उसे रोक दिया था और बाद में राष्ट्रपति बाइडेन ने उसे पलट दिया।
इसी तरह, पिछले साल अमेरिका ने रोमानिया में भी अपने सैनिक कम करने का फैसला लिया था। यह ट्रम्प की उस रणनीति का हिस्सा था जिसमें यूरोप से ध्यान हटाकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर फोकस बढ़ाया जा रहा है। रोमानिया के रक्षा मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने उन्हें अपनी सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देने को कहा।
इस फैसले की अमेरिका के भीतर भी कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने आलोचना की है, वहीं रूस को लेकर बढ़ते खतरे के बीच पूर्वी यूरोप के कई देशों ने भी इसे लेकर चिंता जताई है।
04:43 AM2 मई 2026
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जर्मनी से 5,000 सैनिकों को हटाएगा अमेरिका

अमेरिका ने अपने नाटो सहयोगी जर्मनी से 5,000 सैनिक हटाने का फैसला किया है। इससे पहले जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रम्प सरकार की आलोचना की थी।
मर्ज ने पिछले महीने एक कार्यक्रम में कहा था कि अमेरिका के पास कोई अच्छी प्लानिंग नहीं है। उसे पता ही नहीं है कि वह इस जंग से बाहर कैसे निकलेगा। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत को टालने में माहिर है और अमेरिका को बिना नतीजे के इस्लामाबाद तक आना-जाना पड़ा। इससे अमेरिका को ईरान के सामने अपमानित होना पड़ा।
इससे ट्रम्प नाराज हो गए थे। उन्होंने मर्ज को लेकर कहा कि वे बहुत खराब काम कर रहे हैं। उनको लगता है कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना अच्छी बात है। उन्हें हकीकत की समझ नहीं है।
ट्रम्प ने कहा कि वे इटली और स्पेन से भी अमेरिकी सैनिकों को हटाने का विचार कर रहे हैं। ट्रम्प की नाराजगी की वजह यह है कि उनके मुताबिक ये दोनों देश ईरान के खिलाफ अमेरिका का साथ नहीं दे रहे। हॉर्मुज को दोबारा खोलने के लिए चल रहे ऑपरेशन में उन्होंने हिस्सा लेने से इनकार किया था।
04:31 AM2 मई 2026
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रिपोर्ट: अमेरिकी नाकेबंदी से ईरान को 456 अरब रुपए का नुकसान

अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी से ईरान को करीब 4.8 अरब डॉलर यानी लगभग 456 अरब रुपये (करीब 45,600 करोड़ रुपये) के तेल राजस्व का नुकसान हुआ है। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक यह आकलन अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) का है।
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने कहा कि ईरान के समुंद्र में अमेरिकी नाकाबंदी पूरी ताकत से लागू है और इसका असर साफ दिख रहा है। उनका कहना है कि इससे ईरान की फंडिंग क्षमता को बड़ा झटका लग रहा है।
हालांकि ईरान की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया आई है। दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने अमेरिकी बयान को खारिज करते हुए कहा कि असल में अमेरिका ही जंग हार चुका है और ऐसे बयान हताशा में दिए जा रहे हैं।
04:22 AM2 मई 2026
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ट्रम्प बोले- ईरान के बाद क्यूबा पर हमला हो सकता है
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को मजाकिया अंदाज में कहा कि अमेरिका तुरंत क्यूबा पर कब्जा कर सकता है। उन्होंने फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम के दौरान भीड़ से कहा कि अगर ऐसा कुछ होता है, तो यह ईरान के साथ चल रहे जंग के बाद हो सकता है।
उन्होंने कहा, “पहले हम एक काम खत्म करेंगे, उसके बाद ही दूसरा काम शुरू करेंगे। मुझे काम पूरा करना पसंद है।” इसके बाद उन्होंने कहा कि अमेरिका का बड़ा वॉरशिप USS अब्राहम लिंकन, क्यूबा के तट के पास पहुंचेगा और वहां के नेता आसानी से सरेंडर कर देंगे।
इस भाषण से पहले ट्रम्प ने क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंधों को और सख्त करने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर भी किए।
03:54 AM2 मई 2026
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ट्रम्प ने ताश के पत्ते लिए तस्वीर पोस्ट की

राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर ताश के 6 पत्ते लिए एक तस्वीर पोस्ट की है। ताश के पीछे ‘वाइल्ड’ यानी जंगली लिखा है। इसके साथ ही उन्होंने कैप्शन में लिखा है- आई हैप ऑल द कार्ड्स यानी कि वे मजबूत हालत में हैं और खेल उनके हाथ में है।
03:35 AM2 मई 2026
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ट्रम्प बोले- जल्दबाजी में जंग खत्म नहीं करेंगे
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के ताजा प्रस्ताव को खारिज करने को लेकर कहा कि यह जंग जल्दबाजी में खत्म नहीं की जाएगी।
CNN के मुताबिक फ्लोरिडा के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “हम जल्दी नहीं निकलेंगे ताकि तीन साल बाद फिर यही समस्या खड़ी हो जाए।”
ट्रम्प के मुताबिक, ईरान के नेता एकमत नहीं हैं और इसी वजह से ऐसा समझौता सामने नहीं आ रहा, जिसे अमेरिका स्वीकार कर सके।
यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचा था, जिसे ईरान ने गुरुवार रात भेजा था, लेकिन ट्रम्प प्रशासन ने इसे तुरंत खारिज कर दिया।
03:12 AM2 मई 2026
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ट्रम्प बोले- पागलों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं पहुंचने देंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि वे पागलों के हाथों में परमाणु हथियार नहीं पहुंचने देंगे।
02:59 AM2 मई 2026
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ईरान बोला- अमेरिका धमकी देना बंद करे तो बातचीत करेंगे
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि वे अमेरिका के साथ फिर से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें धमकी भरी भाषा बंद करनी होगी।
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक अराघची ने तुर्किये, कतर, सऊदी अरब, मिस्र, इराक और अजरबैजान के अपने समकक्षों को मौजूदा हालात की जानकारी देते हुए कहा कि ईरान ने यह युद्ध शुरू नहीं किया था और उसकी सेना किसी भी नए हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अराघची ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई हालिया बातचीत में ईरान ने ईमानदारी से हिस्सा लिया, हालांकि अमेरिका पर भरोसा कम है क्योंकि पहले भी वह अपने वादे पूरे नहीं कर पाया है।
02:50 AM2 मई 2026
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अमेरिका खाड़ी देशों को 800 अरब रुपए के हथियार देगा
अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने सहयोगियों को मजबूत करने के लिए 8.6 अरब डॉलर (800 अरब रुपए) से ज्यादा के हथियार सौदों को मंजूरी दी है। इन डील्स में एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और अन्य सैन्य उपकरण शामिल हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पैकेज में इजराइल के साथ-साथ कतर, कुवैत और UAE शामिल हैं।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने साफ कहा कि जो लोग यह कह रहे हैं कि अमेरिका ईरान के खिलाफ जंग नहीं जीत रहा, वे देश के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य ताकत काफी हद तक खत्म हो चुकी है, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि बातचीत अभी उनकी उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ रही है।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा और इसी मकसद से सैन्य कार्रवाई की गई। उनका कहना था कि अगर यह कदम नहीं उठाया जाता, तो इजराइल, मिडिल ईस्ट और यूरोप के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।
02:32 AM2 मई 2026
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ट्रम्प बोले- ईरान से चल रही लड़ाई अब खत्म

राष्ट्रपति ट्रम्प फ्लोरिडा के बाम बीच पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ चल रही लड़ाई अब खत्म हो चुकी है, इसलिए संसद से मंजूरी लेने की तय समय सीमा उन पर लागू नहीं होती। व्हाइट हाउस ने इस बारे में अमेरिकी संसद को एक चिट्ठी भेजी है।
इस चिट्ठी में ट्रम्प ने लिखा कि 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई सैन्य कार्रवाई अब समाप्त हो गई है। यह पत्र हाउस स्पीकर माइक जॉनसन और सीनेट के सीनियर नेता चक ग्रासली को भेजा गया। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ईरान से खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है और अमेरिकी सेना इलाके में मौजूद रहेगी।
दरअसल, वार पावर्स रिजोल्यूशन 1973 के तहत राष्ट्रपति को 60 दिनों के भीतर कांग्रेस से युद्ध की मंजूरी लेनी होती है। यह समय सीमा 1 मई को पूरी हो गई, लेकिन ट्रम्प सरकार का कहना है कि अप्रैल की शुरुआत में युद्धविराम लागू होने के बाद यह समय सीमा रुक गई।
इस मुद्दे पर अमेरिका में राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। कई डेमोक्रेट नेताओं का कहना है कि यह कानून से बचने की कोशिश है। सीनेटर टिम केन और एडम शिफ ने साफ कहा कि सिर्फ बमबारी रोक देने से युद्ध खत्म नहीं माना जा सकता, क्योंकि अमेरिकी सेना अब भी क्षेत्र में एक्टिव है।
02:25 AM2 मई 2026
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ईरान में IRGC के 14 सैनिकों की मौत
ईरान के जांजान प्रांत में हुए एक विस्फोट में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के 14 सैनिक एक विस्फोट में मारे गए, जबकि दो अन्य घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब टीम इलाके में पड़े पुराने और बिना फटे हथियारों को निष्क्रिय करने का काम कर रही थी।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, जांजान प्रांत में ऐसे हथियार लंबे समय से खतरा बने हुए हैं। यहां अलग-अलग इलाकों में ट्रेनिंग और टेस्टिंग होती रहती है। ऐसे अभ्यासों के दौरान इस्तेमाल हुआ कुछ गोला-बारूद कई बार पूरी तरह नहीं फटता और जमीन में ही रह जाता है।
02:09 AM2 मई 2026
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रिपोर्ट: अमेरिका की नाकेबंदी के आगे ईरान कमजोर
अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी के सामने ईरान की रणनीति कमजोर पड़ती दिख रही है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान अब जवाबी कदम तलाशने में जुटा है क्योंकि उसकी तेल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान लंबे समय से समुद्री रास्तों में बाधा डालने और प्रतिबंधों से बचने की रणनीति अपनाता रहा है, लेकिन अमेरिकी नाकाबंदी ने इस मॉडल की कमजोरियां उजागर कर दी हैं। खासकर चीन जैसे बड़े खरीदारों तक ईरानी तेल पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईरान का हॉर्मुज पर दबदबा और गुरिल्ला तरीके अब उतने असरदार नहीं रहे, क्योंकि अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई ने उसके टैंकरों की आवाजाही रोक दी है।
इस बढ़ते दबाव का असर ईरान की राजनीति में भी दिख रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सत्ता के अंदर मतभेद बढ़ रहे हैं। कुछ नेता टकराव बढ़ाने के पक्ष में हैं, जबकि कुछ बातचीत के जरिए इस संकट को खत्म करना चाहते हैं।
02:00 AM2 मई 2026
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अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरानी नेताओं को गटर का चूहा कहा
अमेरिकी विदेश मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरानी लीडरशिप पर तीखा हमला करते हुए उन्हें ‘गटर के चूहे’ तक कह दिया। उन्होंने कहा कि तेहरान में बैठे नेता जमीनी हालात से पूरी तरह कटे हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में खाने-पीने और ईंधन की कमी हो गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी अब उसके खिलाफ हो गया है। इन हालात के बावजूद ईरानी नेतृत्व हकीकत को समझ नहीं रहा।
इस बयान पर ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। दक्षिण अफ्रीका में मौजूद ईरानी दूतावास ने जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका युद्ध हार चुका है और इस तरह के बयान उसकी हताशा को दिखाते हैं।
01:53 AM2 मई 2026
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ट्रम्प बोले- हम समुद्री लुटेरे जैसे हैं

फ्लोरिडा के एक कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प।
ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि हॉर्मुज में अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी बहुत फायदे का सौदा साबित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के तेल पर कब्जा कर लिया है।
ट्रम्प ने कहा कि “हमने उनका माल और तेल अपने कब्जे में लिया, यह बहुत फायदेमंद है। हम कुछ हद तक समुद्री लुटेरों जैसे हैं, लेकिन हम खेल नहीं खेल रहे।”
ट्रम्प ने इस समुद्री नाकेबंदी का बचाव करते हुए कहा कि ईरान लंबे समय से होर्मुज को हथियार की तरह इस्तेमाल करता रहा है और बार-बार इसे बंद करने की धमकी देता रहा है। उन्होंने कहा कि जब ईरान ने रास्ता बंद किया, तो अमेरिका ने भी उसी तरह जवाब दिया।
01:33 AM2 मई 2026
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रिपोर्ट: ईरानी विदेश मंत्री की कुर्सी खतरे में

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची। (फाइल फोटो)
युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और ईरान की ओर से वार्ता की कमान संभाले उसके विदेश मंत्री अब्बास अरागची घर में ही घिर गए हैं। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति पजशकियान और स्पीकर गालिबाफ विदेश मंत्री को हटाने की कोशिश कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अरागची ने राष्ट्रपति को दरकिनार कर सीधे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के निर्देशों पर अमेरिका के साथ परमाणु बातचीत चला रहे हैं।
उनका कहना है कि पिछले दो हफ्तों से अराघची सरकार की नीति लागू करने वाले मंत्री की तरह नहीं, बल्कि IRGC कमांडर अहमद वहिदी के सहयोगी की तरह काम कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक अराघची कई फैसले पेजेशकियन को बताए बिना ही ले रहे हैं, जिससे राष्ट्रपति नाराज हैं। हालांकि इस मामले पर इरान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो पाई है।
01:26 AM2 मई 2026
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ट्रम्प के 12 सांसद ईरान से जंग के खिलाफ
सीनेट में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के 53 में से 12 सांसद खिलाफ हो गए हैं। इसके चलते ट्रम्प ने ईरान युद्ध मंजूरी का प्रस्ताव पेश नहीं किया। जबकि डेमोक्रेट के सभी 47 सांसद युद्ध के खिलाफ वोट देते।
01:24 AM2 मई 2026
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ट्रम्प बोले- ईरान पर हमले के लिए संसदीय इजाजत जरूरी नहीं
ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर कहा है कि उन्हें इसके लिए कांग्रेस (संसद) से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस मंजूरी की मांग कर रहे हैं, वे देशभक्त नहीं हैं।
ट्रम्प ने उस कानून (वॉर पावर्स रेजोल्यूशन) पर भी सवाल उठाया, जिसके तहत राष्ट्रपति को सेना भेजने के 60 दिनों के अंदर कांग्रेस से अनुमति लेनी होती है। उनका कहना है कि पहले भी कई राष्ट्रपति इस नियम का पालन नहीं करते रहे हैं और कई लोग इसे सही नहीं मानते।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने नहीं दिया जाएगा। ट्रम्प ने स्पेन और इटली जैसे देशों पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि ये देश अमेरिका की ईरान के खिलाफ कार्रवाई में पूरा साथ नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई यह सोचता है कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है, तो यह बहुत खतरनाक सोच है। ट्रम्प के मुताबिक, अगर ईरान के पास परमाणु हथियार आ गया, तो दुनिया को बहुत बड़ी समस्या का सामना करना पड़ेगा।














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