एजुकेशन रिपोर्टर | रांची नई शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020) को लागू करने की प्रक्रिया के बीच राज्य में वित्त रहित इंटर कॉलेजों और उच्च विद्यालयों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। वित्त रहित शिक्षण संस्थाओं के शिक्षकों-स्टॉफ ने चेतावनी दी है कि अगर इंटर कॉलेज व हाईस्कूलों के चयन में किसी प्रकार का भेदभाव किया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा। शनिवार को मीटिंग के बाद वित्त रहित संघर्ष मोर्चा के रघुनाथ सिंह, अरविंद सिंह, देवनाथ सिंह, फजलुल कदीर अहमद, डालेश चौधरी, मनीष कुमार, नरोत्तम सिंह, चंदेश्वर पाठक, उदय यादव, संजय कुमार, कुंदन कुमार सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा ने संयुक्त रुप से कहा कि सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत सरकारी विद्यालयों में नवमी से 12वीं तक पढ़ाई शुरू कराने के लिए अलग कमेटी बनाकर मानक तय कर लिए हैं और डीईओ से प्रतिवेदन भी मंगा लिया गया है। जबकि, वित्त रहित इंटर कॉलेजों व हाईस्कूलों के लिए बैठक 19 मई को बुलाई गई है। मोर्चा ने इसे भेदभाव बताया है। एक सदस्य 80 संस्थानों में प्रतिनिधि नियुक्त मोर्चा ने कहा कि जैक बोर्ड के एक सदस्य को करीब 80-80 संस्थानों में प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। यह अधिनियम और नियमावली के विपरीत है। 20 मई को जैक अध्यक्ष और शिक्षा सचिव को ज्ञापन दिया जाएगा।
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NEP लागू करने में भेदभाव हुआ तो सड़क पर उतरेगा मोर्चा









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