रांची13 घंटे पहले
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राज्य के सरकारी स्कूलों में अब रटंत पढ़ाई की जगह कम्पिटेंसी बेस्ड लर्निंग यानी समझ, विश्लेषण और व्यावहारिक ज्ञान को आधार बनाया जाएगा। स्कूली बच्चों का मूल्यांकन अब सिर्फ सालाना परीक्षा से नहीं बल्कि नियमित आकलन, गतिविधि आधारित पढ़ाई, भाषा और गणित की बुनियादी क्षमता के क्लासरूम परफॉर्मेंस के आधार पर किया जाएगा।
इसके लिए तीन श्रेणियां बनाई गई हैं- पहली से पांचवीं, छठी से आठवीं और नौवीं-दसवीं।। विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली राज्य योजना प्राधिकृत समिति ने इस संबंध में तैयार प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग इसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिए जल्द मंत्रिमंडल सचिवालय भेजेगा।
राज्य के सरकारी, गैर सरकारी सहायता प्राप्त, अल्पसंख्यक, मॉडल स्कूल, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय समेत सभी श्रेणी के स्कूलों में क्लास 1 से 12वीं तक के छात्रों का मूल्यांकन नए तरीके से किया जाएगा। राज्य सरकार नई शिक्षा नीति के तहत यह व्यवस्था लागू करने जा रही है। नई मूल्यांकन व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को भयमुक्त, समावेशी और विकासोन्मुख शिक्षा देना है। इसमें बच्चों की सोचने की क्षमता, रचनात्मकता, विश्लेषणात्मक दृष्टि और जीवन कौशल विकसित करने पर जोर रहेगा।
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9वीं से 12वीं तक के लिए बनेगी ठोस व्यवस्था : प्रस्ताव के अनुसार अभी क्लास 9 से 12वीं तक के छात्रों के मूल्यांकन के लिए सुनियोजित और ठोस व्यवस्था नहीं है। इसी कारण इन कक्षाओं के विद्यार्थियों की प्रगति की नियमित समीक्षा नहीं हो पाती है। अब क्लास 1 से 12वीं तक के छात्रों के लिए अर्द्धवार्षिक, वार्षिक और प्री-बोर्ड परीक्षा की नई व्यवस्था लागू की जाएगी। मूल्यांकन विद्यालय और संकुल स्तर पर होगा। क्लास 1 से 9वीं और 11वीं के छात्रों की अर्द्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा होगी। वहीं क्लास 10वीं और 12वीं के छात्रों की अर्द्धवार्षिक और प्री-बोर्ड परीक्षा ली जाएगी। इसका आयोजन झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेएससीईआरटी) और झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद संयुक्त रूप से करेंगे।
इन स्कूलों में लागू होगी व्यवस्था : नई मूल्यांकन प्रणाली राज्य सरकार के नियंत्रण वाले सभी स्कूलों में लागू होगी। इसमें सरकारी स्कूल, गैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक विद्यालय, मॉडल स्कूल, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय और झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय शामिल हैं।
ऐसे होगा मूल्यांकन… क्लास 1-2 के छात्रों का अर्द्धवार्षिक व वार्षिक मूल्यांकन शिक्षकों द्वारा प्रश्नपत्र के आधार पर होगा। यह मूल्यांकन मौखिक होगा। प्रश्नपत्र ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएंगे। उत्तरपुस्तिका की जरूरत नहीं होगी। क्लास 3 से 7वीं तक की अर्द्धवार्षिक -वार्षिक परीक्षा विषयवार प्रश्नपत्र सह-उत्तरपुस्तिका पर होगी। वहीं क्लास 8वीं से 12वीं तक के लिए प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिकाएं अलग-अलग होंगी।
















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