अलीगढ़ में जाली करेंसी के साथ अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा:पश्चिम बंगाल से चल रहा है पूरा नेटवर्क, 7.70 लाख के जाली नोट मिले




अलीगढ़ पुलिस और क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग (देहात) ने जाली नोटों के काले साम्राज्य का पर्दाफाश किया है। यह अंतरराज्यीय गिरोह यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड के बाजारों में नकली करेंसी खपाने का काम कर रहा था। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 7.70 लाख मूल्य के नकली नोट बरामद किए हैं। ​एसपी ग्रामीण मनीष मिश्रा ने बताया कि इंटेलिजेंस विंग को गोरई क्षेत्र में नकली नोटों की बड़ी खेप आने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस ने घेराबंदी कर गैंग लीडर जिकरूल हसन, वसीम, आसिफ और फरमान को गिरफ्तार किया। सरगना से मिले 6.20 लाख के जाली नोट अलीगढ़ के थाना गोरई क्षेत्र और दिल्ली के ख्याला इलाके से जाली नोट तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। एसपी देहात ने बताया कि ​मुख्य आरोपी जिकरूल के पास से 6.20 लाख और बाकी तीन आरोपियों की निशानदेही पर 1.50 लाख के जाली नोट जब्त किए गए। ​पश्चिम बंगाल का मालदा कनेक्शन पूछताछ में सामने आया है कि जाली नोटों का पूरा काम बल्कि पश्चिम बंगाल के मालदा से होता है। पुलिस को मालदा के दो बड़े सप्लायरों के नाम मिले हैं। एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इन नोटों को बांग्लादेश सीमा के जरिए भारत में भेजा जा रहा है। 2019 में भी अलीगढ़ में मालदा से आए जाली नोट पकड़े जा चुके हैं। पहले भी पकड़े जा चुके हैं जाली नोट ​अलीगढ़ लंबे समय से नकली करेंसी का सॉफ्ट टारगेट रहा है। ​2023-24 (टप्पल) : आधुनिक प्रिंटर और स्कैनर से नोट छापने वाली पूरी यूनिट पकड़ी गई थी। ​2022 (नुमाइश) : क्वार्सी पुलिस ने उन लड़कों को पकड़ा था जो मेले के छोटे स्टालों पर 500 रुपए का नकली नोट देकर असली खुले पैसे लेते थे। सरगना पर कई राज्यों में केस ​गिरोह का लीडर जिकरूल हसन मूल रूप से अलीगढ़ के भुजपुरा का है। यह वर्तमान में कासगंज में ठिकाना बदले हुए था। उस पर अलीगढ़ के देहलीगेट, रोरावर और उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में जालसाजी के मुकदमे दर्ज हैं। अन्य आरोपी वसीम और आसिफ का भी पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड मिला है। पश्चिम बंगाल रवाना होगी पुलिस टीम एसपी ग्रामीण मनीष मिश्रा ने बताया कि मालदा के दो संदिग्धों के नाम मिले हैं। पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस के संपर्क में हैं और एक टीम जल्द वहां रवाना होगी। पुलिस अब उन रास्तों और कूरियर नेटवर्क की पहचान कर रही है, जिनके जरिए मालदा से ये नोट अलीगढ़ और दिल्ली पहुंचते थे। रेल मार्ग पर भी कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।



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