झामुमो की एक सीट पक्की, ‘इंडिया’ का साथ मिला तो दोनों सीटों पर जीत




झारखंड की 2 राज्यसभा सीटों समेत देश भर की 24 सीटों पर चुनाव की घोषणा, 18 जून को मतदान रांची: निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को देश भर की 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा कर दी है। इनमें झारखंड की भी दो सीटें शामिल हैं, जिन पर 18 जून को वोटिंग होगी। दरअसल, झारखंड की पहली सीट झामुमो (JMM) प्रमुख शिबू सोरेन के निधन के बाद 4 अगस्त 2025 से खाली है, जबकि दूसरी सीट 21 जून 2026 को भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हो जाएगी। चुनाव का पूरा शेड्यूल: अधिसूचना जारी होगी: 1 जून नामांकन की आखिरी तारीख: 8 जून नामांकन पत्रों की जांच: 9 जून नाम वापसी की अंतिम तिथि: 11 जून मतदान (वोटिंग): 18 जून (सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक) मतगणना (रिजल्ट): 18 जून (शाम 5:00 बजे से) चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी: 20 जून तक विधानसभा का समीकरण: जीत के लिए चाहिए 28 वोट झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं। इस गणित के हिसाब से राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 28 विधायकों (सदस्यों) के वोटों की जरूरत होगी। दो सीटें जीतने के लिए कुल 56 वोट चाहिए। दलगत स्थिति: इन 4 बड़े समीकरणों पर टिकी है नजर: 1. महागठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने का पर्याप्त बल सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन के पास कुल 56 वोट हैं। चूंकि दोनों सीटें जीतने के लिए कुल 56 वोटों की ही जरूरत है, इसलिए अगर गठबंधन मिलकर चुनाव लड़ता है, तो दोनों सीटों पर आसानी से जीत दर्ज कर सकता है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने साफ किया है कि दोनों दलों की बैठक के बाद गठबंधन के तहत ही प्रत्याशी उतारे जाएंगे। 2. झामुमो अकेले लड़ा तो दूसरी सीट पर फंसेगा पेंच झामुमो के पास अपने 34 विधायक हैं। एक सीट के लिए 28 वोट देने के बाद उसके पास केवल 6 अतिरिक्त वोट बचेंगे। ऐसे में अगर झामुमो अकेले दम पर दोनों सीटों पर प्रत्याशी उतारता है, तो पहली सीट पर जीत पक्की है, लेकिन दूसरी सीट के लिए उसे 22 और वोटों की जरूरत पड़ेगी, जो जुटाना मुश्किल होगा। 3. कांग्रेस अकेले लड़ी तो राह होगी बेहद कठिन विधानसभा में कांग्रेस के पास केवल 16 विधायक हैं। अकेले दम पर एक भी सीट जीतने के लिए उसे 12 और विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। यदि कांग्रेस अलग से प्रत्याशी उतारती है, तो उसकी राह बेहद मुश्किल होगी और इससे गठबंधन में भी दरार आ सकती है। 4. भाजपा ने उतारा प्रत्याशी तो चुनाव होगा दिलचस्प विपक्षी एनडीए के पास कुल 24 वोट हैं (अकेले भाजपा के पास 21)। एनडीए को एक सीट जीतने के लिए भी 4 वोटों की कमी है। फिलहाल निर्दलीय या अन्य में शामिल जेएलकेएम (1 सीट) किसी के साथ नहीं है। अगर भाजपा उसे साथ ले भी लेती है, तो भी वह तय जादुई आंकड़े (28) से 3 वोट पीछे रह जाएगी। हालांकि, भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी का दावा है कि भाजपा अपना प्रत्याशी उतारेगी और जीत दर्ज करेगी। ऐसे में अगर क्रॉस वोटिंग होती है, तो चुनाव बेहद रोचक हो जाएगा।



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